मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिए निर्देश, 9 शहरी क्षेत्रों में शाम 8 से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू, उदयपुर में 6 से 6 बजे से

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिए निर्देश, 9 शहरी क्षेत्रों में शाम 8 से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू, उदयपुर में 6 से 6 बजे से

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिए निर्देश, 9 शहरी क्षेत्रों में शाम 8 से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू, उदयपुर में 6 से 6 बजे से

जयपुर: कोरोना संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 30 अप्रेल तक प्रदेश के 9 शहरी क्षेत्रों में शाम 8 से सुबह 6 बजे तक तथा उदयपुर में शाम 6 बजे से नाइट कर्फ्यू लागू कर इसकी कड़ाई से पालना तथा सभी जिलों में कंटेनमेंट जोन चिन्हित कर उनमें जीरो मोबिलिटी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही शहरी इलाकों से लगते ग्रामीण क्षेत्रों में 9वीं कक्षा तक के स्कूलों में नियमित कक्षाओं का संचालन बंद रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में ये निर्णय किए गए.

टेस्टिंग बढ़ाने, हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना कराने के दिए निर्देशः
प्रदेश स्तर पर कोरोना स्टेट वॉररूम तथा सभी जिलों में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम सहित 181 हेल्पलाइन को चौबीसों घंटे फिर से कार्यशील करने, संक्रमण की पांच प्रतिशत से अधिक पॉजीटिविटी रेट वाले क्षेत्रों में टेस्टिंग बढ़ाने, हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना के लिए एनसीसी, एनएसएस, स्कॉउट एण्ड गाइडस की वॉलन्टियर के रूप में सेवाएं लेने, कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर संयुक्त टीमों की कार्रवाई बढ़ाने तथा सीमावर्ती जिलों में राज्य के बाहर से आने वाले व्यक्तियों की नेगेटिव आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के लिए बनाई गई चेकपोस्टों को अधिक सुदृढ़ करने जैसे कडे़ कदम उठाए गए हैं.

माइक्रो कंटेनमेंट जोन में जीरो मोबिलिटीः
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए माइक्रो कंटेनमेंट जोन में जीरो मोबिलिटी, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग तथा होम आइसोलेशन की पालना सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार बीते कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी है और हम संक्रमण की पहली लहर के सर्वोच्च स्तर को पीछे छोड़ चुके हैं. इसे देखते हुए जमीनी स्तर पर कोविड प्रोटोकॉल तथा एसओपी के उल्लंघन को सख्त उपायों से रोका जाना बेहद जरूरी है. 

आवाजाही को रोकने पर विशेष फोकसः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना हॉट-स्पॉट बन रहे क्षेत्रों की पहचान कर इनको नियमानुसार माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाए. उन्होंने कहा कि ऎसे क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को रोकने पर विशेष फोकस करना होगा. इसमें स्थानीय स्वायत्त शासन और सार्वजनिक निर्माण सहित अन्य विभागों की मदद ली जाए. उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल की पालना में सख्ती के साथ-साथ समझाइश पर भी जोर दें और अधिकारियों का आम लोगों के साथ व्यवहार संयत हो. उन्होंने कहा कि कोरोना की लड़ाई में जनसहयोग आवश्यक है.
 

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