जयपुर मुख्यमंत्री गहलोत बोले, इस साल होगी रीट परीक्षा, अभ्यर्थियों और आंदोलनकारियों को तैयारी करनी चाहिए

मुख्यमंत्री गहलोत बोले, इस साल होगी रीट परीक्षा, अभ्यर्थियों और आंदोलनकारियों को तैयारी करनी चाहिए

मुख्यमंत्री गहलोत बोले, इस साल होगी रीट परीक्षा, अभ्यर्थियों और  आंदोलनकारियों को तैयारी करनी चाहिए

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रीट को लेकर कहा कि इस वर्ष रीट की परीक्षा आयोजित होगी. अभ्यर्थियों और आंदोलनकारियों को तैयारी करनी चाहिए. जो तैयारी कर रहे है उनका फिर क्या होगा. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि क़ानून व्यवस्था को लेकर लगाए गये आरोप मैं अस्वीकार करता हूं. थानों में मैं कल्चर बदलना चाहता हूं. CI पर सिफ़ारिश का दबाव होता हैं. मैं ज़्यादा नहीं बोलना चाहता. वरना कोई और ब्रेकिंग न्यूज़ बन जाएगी. जैसे तबादलों में पेसों को लेकर न्यूज़ बन गई. मैंने वैसे ही पूछा था लेकिन उसे मंत्री जी से जोड़ दिया गया. मेरे पास इतने सारे विभाग है. क्या उनमें कोई गारंटी से कह सकता है कि उसमें भ्रष्टाचार नहीं होता?

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इंग्लिश मीडियम स्कूल को बढ़ावा दे रहें. मैं खुद अंग्रेज़ी नहीं बोल पाता. हमने बचपन में इंग्लिश का विरोध किया था. लेकिन आज ये इंटरनेशनल भाषा हो गई है. 10-15 साल में गांव के बच्चे इंग्लिश बोलने लगे जाएंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश में हर व्यक्ति को लगता हैं मेरा फ़ोन टेप हो रहा. लोग फ़ेस टाइम पर बात करने लगे. BJP वाले कहने लगे गए कि कांग्रेस मजबूत रहनी चाहिए. कांग्रेस मुक्त भारत बनाने वाले खुद मुक्त हो जाएंगे. राजीव गांधी को इन लोगों ने बोफोर्स में नहीं छोड़ा. कारगिल युद्ध मे बोफोर्स ही काम आई थी. सोनिया को विदेशी कहा था, आज सब उनका सम्मान करते. राहुल गांधी के बारे में सोशल मीडिया पर क्या नहीं चलाया गया? मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रेस क्लब का सदस्य बनने के लिए मुझे मुख्यमंत्री बनना पड़ा. मेरी अपील है कि ड्रिंक करना छोड़ देना चाहिए. तम्बाकू भी बंद कीजिए.

आपको बता दें कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में शामिल हुए. प्रेस क्लब में मुख्यमंत्री गहलोत ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार की फ़ितरत छापे डालना. मेरे भाई के भी छापे डाल दिए. हमारी सरकार गिराने की कोशिश की गई. ये छापे वाली सरकार है. ऊपर से आदेश नहीं आता तब तक घर से नहीं जाते.

वैक्सीन से बड़ा बचाव है.:
कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि वैक्सीन से बड़ा बचाव है. मुझे भी क़ोरोना हुआ था लेकिन मैं बच गया. प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मैं तीसरी बार CM बना हूं. आगे क्या होगा कोई नहीं जानता ? मुझे चाणक्य कहा जाता हैं , लेकिन में सत्य का पुजारी हूं. प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में CM गहलोत ने कहा कि मेरी जाति से मैं अकेला विधायक हूं, लेकिन फिर भी आप लोग मुझे मुख्यमंत्री बनाते हैं. मेरी इससे बड़ी पूंजी कुछ नहीं है. मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि भारत सरकार राज्यों को मज़बूत करें. योजनाएं बनाये, लेकिन उनमें राज्यों पर भार नहीं पड़ें. कोरोना काल में हमारा राजस्व कम हो गया. सीएम गहलोत ने कहा कि उड़ान योजना मेरे लिए बहुत अहम है. मैंने इसके लिए पेडमैन फ़िल्म भी देखी है. मैं उड़ान योजना को ऊंची उड़ान तक ले जाना चाहता हूं. 

मैं अलग तरह का आदमी हूं:
गहलोत ने कहा कि मैं अलग तरह का आदमी हूं, मैंने अलग तरह की राजनीति की है. मुझे पब्लिक के लिए फ़ैसले करने में आनंद आता हैं. मैंने जब भी प्रार्थना की है मानव कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं. मेरी बस यही छोटी सी प्रार्थना होती है. मैं पूरे ब्रह्मांड के लिए पूजा करता हूं. गहलोत ने कहा कि 20 साल पहले मैंने ही पत्रकारों के लिए कल्याण कोष बनाया था. मुझसे किसी ने मांग नहीं की थी. मैं पत्रकारों के लिए मन से दिल से काम करता हूं. मेरी अंतिम सांस तक मैं मीडिया का ध्यान रखूंगा. 

प्रेस से मेरा बड़ा पवित्र रिश्ता रहा:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेस से मेरा बड़ा पवित्र रिश्ता रहा. मैंने कभी भी पत्रकारों को दारू नहीं पिलाई. चाय भी मुझे पत्रकारों ने ही पिलाई. आपकी भूमिका को मैं बड़ी अहम मानता हूं. मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पहली बार प्रेस क्लब का हॉल भरा हुआ. आपकी जो उम्मीद मुझसे हैं उससे अधिक मैं करना चाहता हूं. मेरा पत्रकारों से पवित्र रिश्ता है. गहलोत ने कहा कि कोरोना ने बहुत कुछ सिखाया है. 2 साल क़ोरोना में चले गए. इस दौरान मैंने 460 VC की है. सरकार के करीब 500 करोड़ रुपये बचे.

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