अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नर्सेज को तोहफा,  पदनाम परिवर्तन की मांग पर लगाई मुहर

अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नर्सेज को तोहफा,  पदनाम परिवर्तन की मांग पर लगाई मुहर

जयपुरः अशोक गहलोत सरकार ने प्रदेश के 50 हजार नर्सेज को बड़ा तोहफा देते हुए पदनाम परिवर्तन के फैसले पर मुहर लगाई है. करीब दो सालों से नर्सेज पदनाम बदलने की मांग कर रहे थे. वहीं सरकार ने कोरोना महामारी के इस दौर में अस्पताल प्रशासन के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम करने वाली नर्सेज की मांगों को मानते गहलोत मंत्री परिषद की बैठक उनके पदनाम परिवर्तन की मांग को पूरा करने पर मुहर लगाई है.

अब नर्स ग्रेड-2 के नर्सेज कहलाएंगे नर्सिंग ऑफिसरः
जानकारी के अनुसार बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद की बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले लिए है. इनमें से एक राजस्थान में अपने पदनाम को लेकर लगातार मांग कर रहे करीब 50 हजार नर्सेज के पदनाम बदलने की मांग पर मानते हुए उन्हे अपग्रेड करने के फैसले को मंजूरी दी गई है. सरकार के इस फैसले के बाद अब नर्स ग्रेड-2 के नर्सेज नर्सिंग ऑफिसर, नर्स ग्रेड-1 के सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, जबकि नर्सिंग ट्यूटर को मिलेगा व्याख्याता का दर्जा मिलेगा. आपको बता दे कि पिछले लंबे समय से राजस्थान नर्सिंग एसोसिएशन की और से पदनाम परिवर्तन को लेकर मांग उठाई जा रही थी.

नर्सेज यूनियन ने जताया सरकार का आभारः
उधर सरकार के इस फैसले के बाद नर्सेज यूनियन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा का आभार जताया हैं. वुमन नर्सेज ऑर्गेनाइजेशन की प्रदेशाध्यक्ष विनीता शेखावत, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष खुशीराम मीना, राज.राज्य नर्सेज एसो.(एकीकृत)  प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र राणा, राज.राज्य नर्सेज एसो.(एकीकृत) के जयपुर जिलाध्यक्ष अनेश सैनी, राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत शर्मा, नर्सेज भर्ती 2018 संघर्ष समिति के संयोजक मनोज दुब्बी समेत सभी नर्सेज नेताओं ने राज्य सरकार का आभार जताया हैं. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने सच्चे मायने में हमें ये उपहार दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना महामारी में किए गए हमारे काम को लेकर ये भेंट दी है. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर मिली इस जीत को नर्सेज की सबसे बड़ी जीत बताया.

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