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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर दोहराया जादुई इतिहास, बसपा के सभी 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर दोहराया जादुई इतिहास, बसपा के सभी 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर सियासी जादूगरी दिखाते हुए बसपा के सभी छह विधायकों को कांग्रेस में शामिल कर लिया है. बसपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को विलय पत्र भी सौंप दिया है. इस पर विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने कहा कि सभी विधायकों का कांग्रेस में विलय पत्र मिल चुका है. अब इसमें किसी प्रकार की कानूनी अड़चन नहीं है. 

पिछले कई महीनों से विलय की चर्चा: 
पिछले कई महीनों से बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर चर्चा चल रही थी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ बसपा विधायक कई बार बैठक भी कर चुके थे. माना जा रहा है कि इनमें से कुछ विधायकों को मंत्री और संसदीय सचिव बनाया जा सकता है. 

विलय को विधानसभा अध्यक्ष ने दी मंजूरी: 
बसपा विधायक सोमवार रात 9:30 बजे पहले मुख्यमंत्री गहलोत से मिले. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष जोशी से मिलकर देर रात कांग्रेस में विलय का पत्र सौंपा. विलय को जोशी ने मंजूरी दे दी. इसके बाद तमाम बसपा विधायक रात 11 बजे राजस्थान यूनिवर्सिटी स्थित गेस्ट हाउस पहुंचे और मर्जर का औपचारिक ऐलान किया. अब तक बसपा की ओर से कांग्रेस को बाहरी समर्थन था. उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट इस पूरे घटनाक्रम से दूर रहे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश को नए विकास पथ पर ले जाएंगे स्थायी सरकार के लिए राज्यहित में बसपा विधायकों का यह फैसला स्वागत योग्य है. उनकी भावनाएं अच्छी हैं. हम सब मिलकर राजस्थान को विकास के नए पथ पर ले जाएंगे. 

अब पूर्ण बहुमत की सरकार: 
गौरतलब है कि 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कुल 99 सीटें मिली थी. जबकि बीजेपी को 73 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था. हालांकि इस चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी लेकिन पूर्ण बहुमत से एक सीट कम रह गई. कांग्रेस ने बीएसपी और निर्दलीय विधायकों की मदद से अपनी सरकार बनाई थी. बीएसपी के सभी 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब गहलोत सरकार अपने दम पर पूर्ण बहुमत वाली सरकार हो गई है.

2008 में हो चुका बसपा विधयाकों का विलय: 
यह पहला मौका नहीं है जब प्रदेश में बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय हो रहा है.  2008 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी थी. उस समय गुढ़ा सहित 6 विधायक बसपा के टिकट पर विधानसभा में पहुंचे थे. गहलोत ने उस दौरान बसपा विधायक दल का कांग्रेस में विलय कराते हुए सभी 6 विधायकों को मंत्री बनाया था.

विलय के बाद होगा यह असर: 
- विलय के बाद अब विधानसभा में सरकार का नंबर गेम मजबूत हो गया है. कांग्रेस विधायकों की संख्या अब 106 हो गई. 
- इस विलय के बाद एक बार फिर गहलोत के सियासी जादूगर होने का मैसेज आलाकमान के पास गया है कि उनका कोई विकल्प नहीं है. 
- कांग्रेस में शामिल बसपा विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है. 
- कांग्रेस को विलय का फायदा उपचुनाव और नियाय चुनाव में देखने को मिलेगा. 


 

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जयपुर: राजस्थान में चल रहा सियासी संकट अभी थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. बसपा विधायकों के विलय मामले पर भाजपा विधायक मदन दिलावर की SLP पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुबह 11 बजे अहम सुनवाई होगी. जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता में 3 सदस्य बैंच इस मामले की सुनवाई करेगी. 

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हाईकोर्ट के 6 अगस्त के फैसले को चुनौती दी गई: 
याचिका में राजस्थान हाईकोर्ट के 6 अगस्त के फैसले को चुनौती दी गई है. हाईकोर्ट ने स्पीकर सीपी जोशी के विलय के फैसले पर रोक लगाने से इंकार किया था. याचिका में कहा गया है कि, 14 अगस्त से शुरू होने वाले राजस्थान विधानसभा सत्र में इन 6 बसपा विधायकों के वोटिंग राइट्स पर रोक लगाई जाए. साथ ही, यह सभी विधायक कांग्रेस विधायक के रूप में काम न कर सकें.

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अगर वोटिंग अधिकार पर नहीं लगती रोक, तो होगी अपूरणीय क्षति:
याचिका में कहा गया एकलपीठ के बाद खण्डपीठ ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय होने को लेकर कोई आदेश नहीं दिया और ना ही स्टे एप्लीकेशन पर स्टे ही दिया है. 14 अगस्त से राजस्थान में विधानसभा का सत्र आहूत हो रहा है. ऐसे में अगर वोटिंग अधिकार पर रोग नहीं लगती तो यह अपूरणीय क्षति होगी. याचिका में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के साथ 6 विधायकों को पक्षकार बनाया गया है. 
 

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जयपुर: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि 11 अगस्त को भाजपा विधायक दल की बैठक होगी. शाम 4 बजे क्राउन प्लाजा में बैठक होगी और उसके बाद बाड़ेबंदी शुरू होगी. गुजरात गए तमाम विधायक भी जयपुर आएंगे. हनुमान बेनीवाल की पार्टी के तीनों विधायकों की भी मौजूदगी रहेगी.

षड्यंत्र को नहीं होने देंगे सफल: 
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सतीश पूनियां ने कहा कि प्रदेश सरकार ओछी राजनीति और षड्यंत्र कर रही है. हमारे विधायक को की सुरक्षा को बहुत खतरा है, जो घटनाक्रम हुए, यही बताते जो उनसे सहमत नहीं. उनके लिए भी बहुत खतरा है. सरकार कहीं न कहीं गलती पर है. हमारे अपने विधायकों को प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, कांग्रेस की स्थानीय नेता मनोवैज्ञानिक दबाव देने की कोशिश कर रहे है. इसलिए हमें उन्हें शिफ्ट करना पड़ा है. जिन पर दबाव डाला जा रहा था. विधानसभा में घुस के दिखाओ ऐसा बयान आया सामने. कांग्रेस वाले खुद राष्ट्रपति शासन को आमंत्रण दे रहे है. हम षड्यंत्र को सफल नहीं होने देंगे. जिन विधायक पर कांग्रेस खेमे से संपर्क का इनपुट दिया उन्हीं भेजा बाहर गया है. उन्हें भी विधायक दल की बैठक से पूर्व बुला लिया जाएगा. एक दो दिन में विधायक दल की बैठक होने की बात कही. 

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गुजरात गए विधायकों के मुद्दे और अन्य पहलुओं पर मंत्रणा:
राजस्थान सियासी संकट को लेकर रविवार को भाजपा के तीन प्रमुख नेताओं की फिर बैठक हुई. इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सतीश पूनियां, उपनेता प्रतिपक्ष डॉ.राजेन्द्र राठौड़ मौजूद रहे. सभी के बीच लंबी राजनैतिक मंत्रणा चली. विधायक दल की बैठक और विधायक शिफ्टिंग को लेकर बातचीत हुई. गुजरात गए विधायकों के मुद्दे और अन्य पहलुओं पर मंत्रणा हुई. राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर आगामी रणनीति बनाई गई. उसी रणनीति पर आपस में सभी के बीच बातचीत हुई है. अब विधायकों से संवाद का  सिलसिला फिर से शुरू हो सकता है. फिलहाल जिला संगठन की हर टीम विधायकों से संपर्क बनाए हुए है. सतीश पूनियां की कोर टीम को  हर अपडेट दिया जा रहा है. हालांकि चार्टर विमान कल पोरबंदर से 6 विधायकों को ड्रॉप करके लौट आया था. अब फिर से करीब 1 दर्जन से ज्यादा विधायक गुजरात जा सकते हैं.

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जैसलमेर: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द डोटासरा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की बाड़ेबंदी ने इस बात को पुख्ता कर दिया है, भाजपा के बड़े नेता खरीद फरोख्त में शामिल थे. एक लोकतांत्रिक सरकार को गिराना चाहते थे. चुनाव राजस्थान की जनता से जीतते है, विधायको को गुजरात, हरियाणा और कर्नाटक ले जाते है. ये लोकतंत्र का दुर्भाग्य है. डोटासरा ने कहा कि कैलाश चौधरी जो केन्द्रीय मंत्री है उन्होंने यहां कोरोना फैला दिया. सरकार गिराने के लिए लगे हुए थे, जबकि रिपोर्ट कराने के बाद घर बैठना था. साथ ही डोटासरा ने कहा कि निश्चित तौर पर सरकार 5 साल चलेगी.

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शेखावत पर साधा निशाना:
पीसीसी चीफ डोटासरा ने गजेन्द्र शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बार बार ऑडियो टेप करने की बात कह रहे है, पहले उनको जो आडियो टेप हुआ है उस पर बयान दे. वे उस पर तो बयान दे नहीं रहे है दूसरों पर आरोप लगा रहे है. सब जो समर्थन दे रहे वे स्वतंत्रता से रह रहे है. 

पायलट को लेकर बोले डोटासरा:
सचिन पायलट को लेकर पीसीसी चीफ डोटासरा बोले, मैं ना केवल पायलट साहब, बल्कि  हर एक विधायक जो वहां है उनको कहना चाहता हूं. कांग्रेस के कार्यकर्ता ने खून पसीने की मेहनत से जीते है, उनको वापिस आकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मान रखना चाहिए. उनको भाजपा के षड्यंत्र में नहीं फंसना चाहिए. गुजरात ही तो तोड़फोड़ का मॉडल है. देश की जनता देख रही है महाराष्ट्र, कर्नाटक और गोवा में सबने देखा. बसपा के मर्जर को चुनौती पर डोटासरा बोले, संविधान और कानून बहुत स्पष्ठ है. सुप्रीम कोर्ट के बहुत से फैसले है जो ये बताते है कि कोई भी 2/3 बहुमत से दल छोड़ सकता है या नया बना सकता है. संवाददाता लक्ष्मण राघव ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष से खास बातचीत की.

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VIDEO: आखिर कहां तक जा सकती कल्पना की उड़ान? इन दिनों वसुंधरा राजे के संदर्भ में चल रहा कुछ ऐसा ही...

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच भाजपा नेता भी सक्रिय हो गए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर प्रदेश के राजनीतिक हालात पर चर्चा की. वहीं कल राजस्थान के समाचार पत्रों में प्रकाशित एक सनसनीखेज खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी. भाजपा के 46 विधायकों के साथ राजे द्वारा कोई नई पार्टी बनाने की खबर देखकर खुद वसुंधरा राजे सकते में आ गई. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि कल्पना की उड़ान आखिर कहां तक जा सकती है? क्योंकि मौजूदा राजनीतिक हालात में कोई दूर-दूर तक ऐसा नहीं सोच सकता तो फिर आखिर किन लोगों ने मीडिया में ऐसी खबर 'प्लान्ट' करवाई.  

VIDEO: 2 बार की मुख्यमंत्री हैं वसुंधरा राजे उनकी सलाह की जरूरत हुई तो लेंगे- सतीश पूनिया  

यह खबर देख दिल्ली ने भी मैडम को किया बाकायदा फोन: 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह खबर देख दिल्ली ने बाकायदा मैडम को फोन किया और मैडम से इस खबर का सच जानना चाहा? इस पर राजे ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि आप खुद ही पता लगवा लीजिए. अब जानकार सूत्रों ने इस बात के संकेत दिए है कि आलाकमान इन खबरों की सच्चाई का पता लगा सकता है. आलाकमान के हाथ बहुत लंबे है और केवल 24 घंटे में ही अपनी एजेंसियों से आलाकमान सच्चाई का पता लगा सकता है. कुल मिलाकर भाजपा की यह अंदरूनी गुटबाजी कोई अच्छा संकेत नहीं है. 

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मुख्यमंत्री पद के संभावित भाजपाई उम्मीदवारों में मची भागदौड़:
जानकारों की माने तो इस बढ़ती गुटबाजी का शायद एक कारण यह भी है कि राजस्थान में सीएम पद की कोई 'वैकेंसी' नहीं होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद के संभावित भाजपाई उम्मीदवारों में भागदौड़ मची है. वहीं मुख्यमंत्री पद की इस भागदौड़ को देखकर खुद पायलट खेमा भी हैरान है. क्योंकि सीएम बनने की दौड़ में पायलट कैंप अभी स्वयं को सबसे आगे मान रहा है. 


 

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि वसुंधरा राजे 2 बार की मुख्यमंत्री है उनकी सलाह की जरूरत हुई तो लेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कैलाश मेघवाल को लेकर कहा कि पार्टी की उनसे बात हुई है उसके बाद उनका कोई बयान नहीं आया. उन्होंने कहा कि उनकी उम्र नहीं कि उन्हें बाड़ेबंदी में शामिल किया जाए. 

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हम लोग विपक्ष में है सरकार को घेरने का काम हम करेंगे: 
सतीश पूनिया ने कहा कि 2 साल से कई तरह की चर्चाएं होती है. हमारी पार्टी में न तो कोई विग्रह बाकी है और कोई भी गॉसिप होती रहे हमे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि हम लोग विपक्ष में है और सरकार को घेरने का काम हम करेंगे. 30 प्रश्न एक विधायक लगा सकता है तो हमारे विधायक भी सत्र में अधिकाधिक प्रश्न लगाएंगे. हम कांग्रेस की हर रणनीति का जवाब देने के लिए तैयार है. राजेंद्र राठौड़ को रणनीति के पता नहीं होने पर पूनिया ने कहा कि कई बार एक घर में पति-पत्नी को भी कई बातें पता नहीं होती. 

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भाजपा विधायकों की बाड़ेबंदी को लेकर दिया जवाब: 
भाजपा विधायकों की बाड़ेबंदी को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने बयान देते हुए कहा कि विधायकों को शिफ्ट करना गैरकानूनी नहीं है. आवश्यक हुआ तो उन्हें जयपुर बुलाया जाएगा. हमारी 45 विधायकों से बातचीत हुई है इसे दूसरे नजरिया से देखने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि सत्र के बाद सभी चीजें मीडिया के सामने रखूंगा. हमने जिलों के हिसाब से विधायकों को कैटेराइज्ड किया है. 2 महीने से कांग्रेस वाले पड़े है तो हमारे वाले भी 7 दिन घूमकर आ जाएंगे. 

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच अब कांग्रेस के बाद भाजपा ने भी अपने विधायकों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी. इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. मिली जानकारी के अनुसार करीब 12 विधायकों को अहमदाबाद के रिसोर्ट में शिफ्ट किया गया है. यह रिसोर्ट अहमदाबाद के पास भावदा में स्थित है. इन विधायकों के आज  सोमनाथ के दर्शन के लिए ले जाने का भी प्लान है. 

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बाड़ेबंदी में इन विधायकों के शामिल होने की सूचना: 
सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार इन विधायकों में जगसीराम कोली, समाराम गरासिया, धर्मनारायण जोशी, बाबूलाल खराड़ी, फूल सिंह मीणा, गौतम लाल मीणा, अमृत लाल मीणा, गोपीचंद मीणा, कैलाश मीणा, हरेंद्र निनामा, नारायण सिंह देवल व शोभा चौहान के शामिल होने की सूचना है. वहीं इनके अलावा तीन निर्दलीय विधायकों के पहुंचने की भी सूचना है. ऐसे में अब आज भाजपा कार्यालय में भी कुछ अन्य विधायक जुट सकते हैं. इसके लिए दर्जनभर विधायक जयपुर पहुंच चुके हैं. 

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भाजपा ने ऐसी किसी प्रकार की बाड़ाबंदी को लेकर साफ इनकार किया: 
वहीं मिल रही जानकारी के अनुसार बीजेपी के बाकी विधायकों की बाड़ेबंदी जयपुर में करने की तैयारी है. संभवत: 12 अगस्त से यह बाड़ेबंदी शुरू होगी. 11 अगस्त से होटल वगैरह तय करने का प्लान है. हालांकि भाजपा ने ऐसी किसी प्रकार की बाड़ाबंदी को लेकर साफ इनकार किया है. पार्टी सूत्रों की माने तो 11 अगस्त को बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर हाईकोर्ट का निर्णय आने की संभावना है. ऐसे में भाजपा भी अलर्ट मोड पर है. इसी के चलते आलाकमान के निर्देश पर करीब एक दर्जन विधायकों को गुजरात शिफ्ट किया गया है.  

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हम एकजुटता बनाए रखने के लिए प्रयासरत है हमें बाड़ेबंदी करनी होती तो एक माह पहले ही करते. हमारे वोटों को संभाले रखना पार्टी का धर्म है. ऐसे में हम 11 तारीख के निर्णय के बाद ही तय करेंगे की आगे क्या करना है...

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जयपुर: भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर शुक्रवार को उनके जयपुर स्थित निवास पर भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों ने मुलाकात की, तो प्रदेशभर के कई कार्यकर्ताओं ने भी माथुर से मिलकर अपने अपने क्षेत्र का संगठनात्मक फीडबैक भी दिया. माथुर से मिलने वालों में भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष अजय पाल सिंह माधुराम चौधरी प्रदेश मंत्री महेंद्र यादव अशोक सैनी मौजूद रहे.

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बीजेपी पदाधिकारियों से मिले माथुर:
सभी को ओम प्रकाश माथुर ने मिठाई खिलाकर उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं जी एक-एक करके यह तमाम पदाधिकारी ओम प्रकाश माथुर से मिलने पहुंचे थे इस दौरान माथुर ने सभी से संगठनात्मक फीडबैक भी लिया. दूसरी तरफ ओम प्रकाश माथुर से पूर्व मंत्री डॉ रोहिताश्व शर्मा मुलाकात की तो पूर्व विधायक मानसिंह किनसरिया भी ओम प्रकाश माथुर से मिले.

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भाजपा नेता मुकेश पारीक और सोहनलाल तांबी भी माथुर से मिले. आपको बता दें कि माथुर पिछले दिनों अपने क्षेत्र फालना में थे जहां पर अपने पारिवारिक मित्र पुष्प जैन के पुत्र के निधन के बाद उनके शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की थी और परिवार को ढांढस बंधाया था. उसके बाद माथुर कल जयपुर लौटे और ने दिन भर माथुर के आवास पर मिलने वालों का जमावड़ा रहा कल दिल्ली जाने का प्रस्तावित कार्यक्रम है.

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