मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने हाथों से देंगे किसानों को सौगात

Nirmal Tiwari Published Date 2019/07/04 01:33

जयपुर: प्रदेश के किसानों के लिए सरकार सरप्राइज पैकेज लाने वाली है. यह अगल बात है कि प्रदेश में मानसून आने के बाद मिलने वाले फसली ऋण से किसानों को कितना लाभ होगा. बामुश्किल पैसे का इंतजाम होने के बाद सहकारिता के माध्यम से प्रदेश के किसानों को कर्ज माफी से लेकर फसली ऋण वितरण के साथ ही कई अन्य सौगातें मिलने वाली हैं. 6 जुलाई की जगह अब 11 जुलाई को राजधानी में महा लोन मेला लगेगा जिसमें खुद मुख्यमंत्री अपने हाथों से किसानों को सौगात देंगे.

11 जुलाई को बिड़ला सभागार महालोन मेला 
राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों को खरीफ के लिए दस हजार करोड़ रुपए के ऋण देने की घोषणा की थी. पहले सरकार 6 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के मौके पर ब्याजमुक्त फसली ऋण वितरण शुरू करने वाली थी लेकिन धन की व्यवस्था न होने से इस कार्यक्रम को टाल दिया गया. अब सरकार राज्य के 10 जुलाई को आने वाले बजट से ठीक एक दिन बाद यानी 11 जुलाई को बिड़ला सभागार महालोन मेला लगाने जा रही है. इस दिन खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश के कुछ किसानों को ऋण वितरण राशि सौंपेंगे. इस दिन अपैक्स बैंक की ओर से बिड़ला सभागार में अस्थाई माइक्रो एटीएम लगाकर किसानों को ऋध राशि दी जाएगी. इसी दिन मुख्यमंत्री के हाथों सहकारी क्षेत्र के 700 नए एटीएम की शुरुआत करवाई जाएगी. 8 एटीएम मोबाइल वैन्स को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा.

बिड़ला सभागार से लाइव टैलीकास्ट करवाया जाएगा 
इस दिन पूरे कार्यक्रम को बिड़ला सभागार से लाइव टैलीकास्ट करवाया जाएगा जो प्रत्येक ग्राम सेवा सहकारी समिति के कार्यालय में सीधे किसान देख सकेंगे. अपैक्स बैंक के एमडी इंद्र सिंह ने बताया कि 11 जुलाई के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, प्रमुख सचिव अभय कुमार, रजिस्ट्रार नीरज के पवन के अलावा प्रदेशभर से आए व्यवस्थापक और चुनिंदा किसान मौजूद रहेंगे. बहरहाल सरकार ने खरीफ के लिए दस लाख नए किसान सहित कुल 25 लाख किसानों को दस हजार करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त फसली ऋण देने की घोषणा की है लेकिन पहले दौर में ऋण के तौर पर किसानों को तीन हजार करोड़ ही दिए जा सकेंगे. इसके बाद किसानों को एनसीडीसी से 2200 करोड़ का ऋण लेकर ऋण दिया जाएगा.

अपैक्स बैंक ने केंद्रीय सहकारी बैंकों को तीन हजार करोड़ ही दिए 
सूत्रों की माने तो अपैक्स बैंक ने केंद्रीय सहकारी बैंकों को तीन हजार करोड़ ही दिए हैं और बाकि राशि स्वयं के स्तर पर इंतजाम करने को कहा है. इधर नाबार्ड ने भी अभी सहकारी साख नीति जारी नहीं की है. अब अपैक्स बैंक उम्मीद कर रहा है कि तीन हजार करोड़ बंटते बंटते नाबार्ड की साख नीति आ जाएगी और उन्हें रीफाइनेंस के नाम पर चार हजार करोड़ रुपए मिल जाएंगे. लेकिन ये सब दिन में सपने देखने जैसा ही है. ऐसे में एक बात तो निश्चित है कि प्रदेश के किसानों को अधिकतम एक लाख रुपए की ऋण राशि के स्थान पर अधिकतम 50 हजार रुपए ही मिल पाएंगे. इसलिए यह कहना भी मुनासिब होगा कि कर्ज माफी वाले प्रदेश में किसानों को बुवाई और पैदावार के लिए अब सरकार की जगह स्वयं के संसाधनों पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा.

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in