मुख्यमंत्री गहलोत का दावा, महामारी से निपटने में नाकामी के कारण गुजरात में सरकार बदली  

मुख्यमंत्री गहलोत का दावा, महामारी से निपटने में नाकामी के कारण गुजरात में सरकार बदली  

मुख्यमंत्री गहलोत का दावा, महामारी से निपटने में नाकामी के कारण गुजरात में सरकार बदली  

सूरत: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि गुजरात में विजय रूपाणी के नेतृत्व वाली सरकार कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से निपटने में नाकामी के कारण सत्ता से बाहर हुई. रूपाणी मंत्रिमंडल ने सितंबर में इस्तीफा दे दिया था और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में नई सरकार बनी. गहलोत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए गुजरात आए थे.

उन्होंने सूरत में पत्रकारों से कहा कि हाल में पूरे गुजरात मंत्रिमंडल ने इस्तीफा दे दिया था. यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह लोगों के मूड से डरे हुए हैं क्योंकि यहां कोरोना वायरस से निपटने में कुप्रबंधन हुआ. गहलोत ने कहा कि लोगों को अब भी याद है कि अहमदाबाद में एम्बुलेंस में कोरोना वायरस के मरीजों के साथ कैसा व्यवहार हुआ. उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान इस कुप्रबंधन के कारण पूरे मंत्रिमंडल को इस्तीफा देना पड़ा.

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व ने अगले साल विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह फैसला लिया. उन्होंने कहा कि लेकिन लोग भूल नहीं सकते कि भाजपा सरकार ने महामारी के दौरान क्या किया? राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इस मांग का समर्थन किया कि कोविड-19 के कारण मारे गए लोगों के परिवारों को 50,000 रुपए के बजाय चार लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए.

गहलोत ने कहा कि सरकार को बड़ा दिल रखना चाहिए और इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना 56 इंच का सीना दिखाना चाहिए. राजस्थान में उनकी सरकार ने कोविड-19 मृतकों के परिजनों के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की और वह विधवाओं के साथ ही उनके माता-पिता की देखभाल भी कर रही है. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में 50,000 रुपये की कोई कीमत है? यह दान की तरह है. सूरत से गहलोत भरूच जिले में अहमद पटेल के पैतृक गांव पिरामन गए और पटेल की कब्र पर पुष्पांजलि अर्पित की. उनके साथ गुजरात की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष अमित चावड़ा और अन्य नेता भी थे. (भाषा) 

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