मुख्यमंत्री गहलोत ने देश के नामी चिकित्सकों से की बात, कहा-कोरोना के प्रति जागरूकता बने सामाजिक आंदोलन

मुख्यमंत्री गहलोत ने देश के नामी चिकित्सकों से की बात, कहा-कोरोना के प्रति जागरूकता बने सामाजिक आंदोलन

 मुख्यमंत्री गहलोत ने देश के नामी चिकित्सकों से की बात, कहा-कोरोना के प्रति जागरूकता बने सामाजिक आंदोलन

जयपुर: राजस्थान में कोरोना की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर देश-प्रदेश के विश्च विख्यात चिकित्सकों का आज महामंथन हुआ. संवाद के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हर जीवन को बचाना हमारा कर्तव्य है. राज्य सरकार कोरोना संक्रमण रोकने के लिए हरसंभव उपाय कर रही है. उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर मार्च से अब तक 100 से ज्यादा वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा आमजन से चर्चा और प्रशासन के साथ समीक्षा की गई हैं.

लगातार बढाई जा रही है टेस्टिंग क्षमता:
प्रदेश में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का आधारभूत ढांचा मजबूत किया गया है और टेस्टिंग क्षमता लगातार बढाई जा रही है. ऑक्सीजन बैड, आईसीयू बैड एवं वेन्टिलेटर्स की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. कोरोना से मृत्युदर को न्यूनतम स्तर पर बनाये रखने एवं रिकवरी रेट बढाने पर पूरा फोकस किया जा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परिचर्चा में जो बातें कही गई हैं उनका आमजन पर प्रभाव पड़ेगा और हर व्यक्ति इस महामारी को लेकर विशेष सतर्कता बरतेगा.

22 जिलों में टेस्टिंग सुविधा उपलब्ध:
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश के 22 जिलों में टेस्टिंग सुविधा उपलब्ध है एवं शेष जिलों में टेस्टिंग लैब स्थापित की जा रहीं है. उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देशन में किये गये प्रबंधन की पूरे देश में सराहना हो रही है. चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई तभी सफल होगी जब प्रत्येक नागरिक जागरूक होकर स्वयं को इस महामारी से बचाये रखेगा.

समाज के हर रोल मॉडल्स को करनी होगी मिसाल कायम:
कोरोना पर मुख्यमंत्री गहलोत का नामी डॉक्टरों के साथ मंगलवार को संवाद हुआ. देश के नामी चिकित्सक डॉ.नरेश त्रेहान ने कहा समाज के हर रोल मॉडल्स को मिसाल कायम करनी होगी. मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग की पूरी पालना कर उदाहरण पेश करें. डॉ.देवी शेट्टी ने कहा कि कोरोना प्रबंधन में देश और दुनिया ने बहुत कुछ सीखा है. भीलवाड़ा मॉडल भी राजस्थान ने ही दिया है. कोरोना जल्दी ही खत्म होने वाला नहीं है. लंबे समय तक मुकाबले के लिए लोगों को लापरवाही भारी पड़ सकती है. हर स्थिति में भीड़ से बचना होगा, जांच और इलाज में देरी घातक हो सकती है.

वीसी के जरिए हुआ संवाद:
इस जागरूकता संवाद का रीजनल टीवी चैनल्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स-फेसबुक, यूट्यूब के अलावा 8 हजार से ज्यादा ई-मित्र प्लस सेंटर्स तथा वेबकास्ट के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया. इस कार्यक्रम के लाईव प्रसारण से राज्य व देश के अन्य भागों से लाखों लोग जुडे़. राज्य मंत्रिमण्डल के सदस्य, सांसद, विधायक, राज्य के प्रशासन व पुलिस के अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, सीएमएचओ, पीएमओ एवं चिकित्सक, ग्राम पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि व कार्मिक भी इस परिचर्चा का हिस्सा बने.

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