मुख्यमंत्री गहलोत ने लिखा पीएम मोदी को पत्र, मनरेगा में रोजगार की सीमा 100 से बढ़ाकर 200 दिन करने की मांग

 मुख्यमंत्री गहलोत ने लिखा पीएम मोदी को पत्र, मनरेगा में रोजगार की सीमा 100 से बढ़ाकर 200 दिन करने की मांग

जयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारम्भ किया है. वीसी के माध्यम से हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने भी हिस्सा लिया. इस अभियान के तहत ऐसे लोगों को रोजगार मिलेगा जो कोरोना संकट के कारण घर लौट आये. इस बीच मुख्यमंत्री गहलोत ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि मनरेगा के तहत प्रति परिवार उपलब्ध कराये जाने वाले रोजगार की सीमा 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन की जाये.

गरीब कल्याण रोजगार अभियान का किया शुभारम्भ:
कोरोना संकट के कारण घर लौट आये प्रवासी मजदूरों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं जीविका के साधन उपलब्ध कराने तथा स्थाई सार्वजनिक उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारम्भ किया है. राजस्थान में भी बड़ी संंख्या में प्रवासी मजदूर लॉकडाउन के दौरान लौटकर आये हैं. पीएम मोदी ने आज वीसी के माध्यम से इस योजना की शुरुआत की. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी वीसी के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े. इस अभियान के तहत राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड़ एवं उड़ीसा के 116 जिलों का चयन किया गया है जहां 25 हजार से अधिक प्रवासी मजदूर हैं. इन जिलों में 125 दिन में पूरे किये जा सकने वाले 25 कार्य चिन्हित किये गये हैं. कोरोना संकट के कारण इन छह राज्यों में अपेक्षाकृत अधिक संख्या में प्रवासी मजदूर लौटकर आये हैं. उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना इस अभियान का उद्देश्य है. अभियान में राजस्थान के 22 जिले पाली, उदयपुर, जालौर, सिरोही, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद, चितौड़गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा, जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर, नागौर, सीकर, अलवर, करौली, भरतपुर, हनुमानगढ़, झुन्झुनू, चूरू एवं जयपुर शामिल किये गये हैं.

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मनरेगा के तहत जॉब कार्ड किए जारी: 
वहीं मुख्यमंत्री गहलोत ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि मनरेगा के तहत प्रति परिवार उपलब्ध कराये जाने वाले रोजगार की सीमा 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन की जाये. अतिरिक्त 100 मानव दिवस सृजित होने का लाभ राज्य के 70 लाख ग्रामीण परिवारों को मिलेगा. संकट के समय में महात्मा गांधी नरेगा योजना से न केवल समाज के वंचित और पिछड़े तबकों को रोजगार मिला है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी इस योजना ने सम्बल प्रदान किया है. लॉकडाउन के दौरान घर लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए राजस्थान सरकार ने बडी संख्या में मनरेगा के तहत जॉब कार्ड जारी किये हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 50 लाख से अधिक श्रमिक महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत नियोजित हैं, इनमें से अधिकतर ग्रामीण परिवारों के 100 दिन के रोजगार की पात्रता आने वाले माह में पूरी हो जाएगी. मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी नरेगा योजना में कराये जाने वाले कार्यों की सामग्री मद की सम्पूर्ण राशि केन्द्र सरकार द्वारा वहन किये जाने का भी अनुरोध किया ताकि गरीब कल्याण रोजगार अभियान को धरातल पर क्रियान्वित किया जा सके. गहलोत ने राज्य के 3 लाख 57 हजार 258 असहाय परिवारों को 2 माह के लिए निःशुल्क प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूँ एवं प्रति परिवार एक किलो चना आवंटित कराने का भी आग्रह किया है.

-मुख्यमंत्री गहलोत ने लिखा पीएम को पत्र
-मनरेगा में रोजगार की सीमा 100 से बढ़ाकर 200 दिन करने की मांग
-राज्य के 70 लाख ग्रामीण परिवारों को मिलेगा
-प्रदेश में वर्तमान में 50 लाख से अधिक श्रमिक नियोजित
-अधिकतर की पात्रता आने वाले माह में पूरी हो जाएगी
-राज्य की हिस्सा राशि भी केंद्र द्वारा वहन करने की मांग
-राज्य के 3 लाख 57 हजार परिवारों के लिए मांग
-2 माह के लिए निःशुल्क अनाज की मांग की
-प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूँ एवं प्रति परिवार एक किलो चने की मांग
-‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ का शुभारम्भ
-पीएम मोदी ने आज की अभियान की शुरुआत
-छह राज्यों के 116 जिलों का चयन
-125 दिन में पूरे किये जा सकने वाले 25 कार्य चिन्हित
-राजस्थान के 22 जिले अभियान में शामिल
-पाली, उदयपुर, जालौर, सिरोही, डूंगरपुर, बांसवाड़ा
-राजसमंद, चितौड़गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा, जोधपुर
-बाड़मेर, बीकानेर, नागौर, सीकर, अलवर, करौली
-भरतपुर, हनुमानगढ़, झुन्झुनू, चूरू एवं जयपुर शामिल

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