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जैसलमेर जिले में ऊर्जा उत्पादन को लेकर मुख्यमंत्री की पहल, पहले हवा तो अब धूप से बदल रही इलाके की तकदीर

जैसलमेर जिले में ऊर्जा उत्पादन को लेकर मुख्यमंत्री की पहल, पहले हवा तो अब धूप से बदल रही इलाके की तकदीर

जैसलमेर: देश के पश्चिमी छोर पर बसा सरहदी जिला जैसलमेर जो अपने विशाल रेगिस्तान और अपनी विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के चलते काले पानी के रूप में जाना जाता था. लेकिन समय और परिस्थितयों के बदलने के साथ साथ जैसलमेर ने अपनी पुरानी पहचान के इतर नई पहचान गढना आरम्भ कर दिया जिसमें पर्यटन के साथ साथ खनिज क्षेत्रों के रूप में जिला विकास की रफ्तार के साथ कदमताल करने लगा. पर्यटन व खनिज उत्पादन के बाद यहां की तेज आंधियों को भी सरकार ने उपयोगी बनाते हुए यहां पर पवन उर्जा के क्षेत्र में संभावनाओं को गति दी जिसके बूते यहां पर कई देशी व विदेशी कंपनियों ने करोडों का निवेश कर जैसलमेर जिले को एनर्जी हब के रूप में नई पहचान दी.

सौर उर्जा को लेकर वृहद स्तर पर काम आरम्भ: 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पूर्ववर्ती कार्यकाल में जैसलमेर जिले में उर्जा के क्षेत्र में विकास का आगाज हुआ था जिसके चलते जिला उर्जा उत्पादन में अग्रणी बन गया और यहां के लोगों को भी रोजगार के नये विकल्प उपलब्ध हुए लेकिन अशोक गहलोत की सरकार के जाते ही बीजेपी की वसुंधरा सरकार द्वारा उर्जा नीति को लेकर स्पष्टा नहीं होने के चलते यहां एक बार फिर उर्जा उत्पादन में निवेश पर ब्रेक लग गया था लेकिन इस बार अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री बनने के बाद जैसलमेर में उर्जा उत्पादन को लेकर अपनी मंशा को स्पष्ट करते हुए उर्जा नीति बना कर कहा है कि अब जैसलमेर की हवाओं के साथ साथ यहां की धूप का भी उपयोग उर्जा उत्पादन के लिये किया जायेगा और मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद से यहां पर सौर उर्जा के क्षेत्र में बडी बडी कंपनियां निवेश के लिये आगे आई है और यहां सौर उर्जा को लेकर वृहद स्तर पर काम आरम्भ भी हो गया है. 

रोजाना पवन उर्जा के माध्यम से 3 हजार मेघावाट से भी अधिक बिजली उत्पादन:  
रेतीले लहरदार धोरे,, सोने के समान चमकने वाला पीले पत्थर से बना सोनार किला व हवेलियां और रेगिस्तान में नखलिस्तान के रूप में जाना जाने वाले गडीसर सरोवर जी हां यहां आने वाले सैलानियों के लिये जैसलमेर किसी अजूबे से कम नही है. यहां की विपरीत परिस्थितियों के बीच किस तरह से जीवन जीने की जीवटता यहां के लोगों की मजबूती का दर्शाती यह दुनिया भर के लोगों को चौंकाने वाली है. आजादी से पहले यह इलाका जहां अफगानिस्तान और करांची से होने वाले व्यापार की बडी मंडी के रूप में जाना जाता था वहीं आजादी के बाद सरहदों के खींच जाने से देश के एक किनारे पर आ गया था जैसलमेर.. चूंकि कोने पर होने के कारण दिल्ली से निकला विकास यहां पहुंचते पहुंचते हांफ सा जाता था इसलिये विकास के लिहाज से लम्बे समय तक जैसलमेर जिला हाशिये पर ही रहा लेकिन पर्यटन की असीम संभावनाओं के बाद अब जिले में उर्जा उत्पादन को लेकर सरकार द्वारा की गइ पहल ने जिले की तकदीर को बदल कर रख दिया है. जैसलमेर जिले में जहां पवन उर्जा के माध्यम से 3 हजार मेघावाट से भी अधिक बिजली उत्पादन रोजाना किया जा रहा है वहीं अब इस क्षमता को बढाने के लिये सरकार ने नई उर्जा नीति के तहत सौर उर्जा कंपनियों के लिये भी जैसलमेर के द्वार खोल दिये गये हैं. 

देशभर में उजाले का पर्याय बनने की ओर अग्रसर: 
तेज आंधियों और असहनीय गर्मी जो जैसलमेर के श्याम पक्ष के रूप में देखी जाती थी अब यही स्याह पक्ष देशभर में उजाले का पर्याय बनने की ओर अग्रसर हो रहा है. तेज आंधियों के चलते जहां पवन उर्जा कंपनियों को यहां उर्जा उत्पादन में गति मिल रही है वहीं अब यहां की तेज धूप और गर्मी का उपयोग सौर उर्जा उत्पादन के लिये किया जा रहा है.  

सरकार ने अपनी उर्जा नीति को भी स्पष्ट कर दिया: 
जैसलमेर जिले में उर्जा उत्पादन की असीम संभावनाओं को नये पंख देते हुए सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी जैसलमेर यात्रा के दौरान स्पष्ट किया था कि पहले जैसलमेर की हवाओं को तो अब यहां की धूप को इस्तेमाल कर उर्जा के क्षेत्र में जैसलमेर जिले को देशभर में अग्रणी बनाने का काम सरकार द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने कहा था कि इस संबंध में सरकार ने अपनी उर्जा नीति को भी स्पष्ट कर दिया है ताकि निवेश करने वाली कंपनियों को परेशानियों का सामना नहीं करना पडे. गहलोत ने कहा है कि उर्जा कंपनियों की स्थापना के साथ जैसलमेर जिला विकास की दौड में देश के अग्रणी जिलों के साथ कंधे से कंधा मिला सकता है. 

स्थानीय लोगों के लिये रोजगार के अवसरों की स्थापना होगी: 
पवन उर्जा उत्पादन में जहां सुजलॉन, एनरकॉन, विन्डवर्ड, आईनौक्स, वैस्टाज सहित कई नामी गिरामी कंपनियों द्वारा बडा निवेश किया गया है वहीं अब सौर उर्जा के लिये भी यहां पर अडानी, एस्सेल सहित कई बडी कंपनियां अपने प्लांट स्थापित कर रही है जो कि जिले के विकास को नये पंख देने वाली है. उर्जा उत्पादन से जहां यहां के स्थानीय लोगों के लिये रोजगार के अवसरों की स्थापना होगी वहीं शिक्षा के क्षेत्र में पिछडे इस जिले के युवा अब शिक्षा से जुडकर इन कंपनियों में बडे पदों पर काम करने की ओर अग्रसर भी हो रहे हैं.  

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रामदेवरा: जन-जन के आराध्य लोक देवता बाबा रामदेव का 668 वां जन्मोत्सव रविवार को है. तंवर समाज की भाट बही के मुताबिक बाबा रामदेव का जन्म चैत्र शुक्ला पंचमी को हुआ हैं. इस मौके हर रोज कि तरह रविवार को सिर्फ बाबा रामदेव समाधि का अभिषेक कर पूजा अर्चना के साथ आरती की गई. कोरोना और लॉक डाउन के चलते कोई आयोजन नहीं हैं. बाबा रामदेव समाधि के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए गत 22 मार्च 2020 से कोरोना वायरस के चलते बन्द हैं. 

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667वां जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया:
गत वर्ष पहली बार 10 अप्रैल 2019 शुक्ल पंचमी को बाबा रामदेव का 667वां जन्मोत्सव  हर्षोल्लास के साथ मनाया गया था. बाबा रामदेव जन्मोत्सव समिति का गठन किया गया था. उल्लेखनीय है कि जन-जन के आराध्य लोक देवता बाबा रामदेव का जन्म दिवस तंवर समाज की अधिकृत भाट बही वंशावली के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को होना उल्लेखनीय है. ऐसे में गत वर्ष पहली बार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी 10 अप्रैल 2019 को बाबा रामदेव का जन्म उत्सव समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया. 

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रामदेवरा: जैसलमेर के रामदेवरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल चोरी के आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इस मामले में बाइक को भी जब्त किया है. पुलिस के अनुसार गत 22 मार्च को हुकमसिंह ने रिपोर्ट पेश की थी कि गत 21 मार्च को माध्यमिक विद्यालय में कार्यवश सुबह 10 बजे गया था. वहां से वापस 2:30 बजे निकलकर गाड़ी संभाली, तो वहां पर नही थी.

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पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की:
रामदेवरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. प्रकरण दर्ज होने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार बैरवा और वृत्ताधिकारी वृत पोकरण मोटाराम के निर्देशन में रामदेवरा थानाधिकारी दलपतसिंह के नेतृत्व में सहायक उप निदेशक नींबदान चारण, कांस्टेबल मांगीलाल विश्नोई व मघसिंह की टीम गठित की. इस दौरान मुखबिर की सूचना पर महेश पुत्र हठेसिंह भील निवासी जुनापानी, मध्यप्रदेश को बाप कस्बे से दस्तयाब कर पूछताछ की. पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार किया.

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प्रेमिका से मिलने आ रहा था शेखासर:
आरोपी अपनी प्रेमिका से मिलने गुना मध्यप्रदेश से शेखासर आ रहा था तथा रामदेवरा से शेखासर जाने के लिए कोई साधन नही होने से रामदेवरा में रेकी कर राईज माध्यमिक विधालय रामदेवरा के आगे से अध्यापक की मोटरसाइकिल चोरी कर शेखासर पहुंच गया. आरोपी को प्रेमिका के मां-बाप ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया व प्रकरण में चुराई गई मोटरसाइकिल पुलिस थाना बाप ने एमवी एक्ट में जब्त कर ली गई. आरोपी ने पुलिस को उक्त मोटरसाईकल अपनी होना बताया. इत्तला मिलने पर पुलिस थाना बाप से प्रकरण हाजा में चोरी गई मोटरसाइकिल जब्त कर थाना रामदेवरा लेकर आए. आरोपी से अन्य चोरी के प्रकरणों में भी पूछताछ जारी है.

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जैसलेमर: जैसलमेर की जनता ने कई मुसीबतों का सामना किया है और हर जंग में जीत हासिल की है. अब कोरोना की बारी है. फिलहाल जैसलमेर बेहतर स्टेज पर है और सुखद यह है कि अब तक एक भी मरीज सामने नहीं आया है, हालांकि यहां के कई लोग जो विदेशों में रहते थे वे वापस आ चुके हैं और उनकी जांच भी हो चुकी है. जैसलमेर में कोरोना संदिग्ध के तौर पर अब तक 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया था, जिनके सेम्पल जांच में भेजे गए और सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है.

484 भारतीय आइसोलेशन पर:
इतना ही नहीं पिछले कुछ दिनों से जैसलमेर के मिलट्री स्टेशन में ईरान से आए 484 भारतीय आइसोलेशन पर है. इनकी दो बार जांच की जा चुकी है और सभी स्वस्थ है. ऐसे में अब इनमें कोरोना के मरीज का सामने आने के चांस बहुत कम है. कुल मिलाकर ये दोनों मामले जैसलमेर के लिए सुखद है, क्योंकि संक्रमण की संभावना इन दोनों मामलों से थी. दुनिया भर में कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक ईरान से तीन विभिन्न चरणों में कुल 484 भारतीय नागरिकों को एयर इंडिया के विशेष विमानों द्वारा जैसलमेर एअरलिफ्ट किया गया था. इन सभी भारतीय नागरिकों को जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन स्थित आइसोलेशन कम वेलनेस सेंटर में रखा गया है.

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भारतीय नागरिकों की कोरोना जांच:
जानकारी के मुताबिक इन सभी 484 भारतीय नागरिकों की कोरोना जांच की गई थी और इसकी  रिपोर्ट भी आ गई है. राहत की बात यह है कि यह सभी 484 भारतीय नागरिक कोरोना नेगेटिव पाए गए हैं. सभी भारतीय नागरिकों की कोरोना रिपोर्ट फिलहाल नेगेटिव पाई गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर इन्हें 14 दिन तक आर्मी स्टेशन के आइसोलेशन कम वैलनेस सेंटर में ही रहना पड़ेगा. जैसलमेर एअरलिफ्ट किए गए सभी 484 भारतीय नागरिक अभी जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन स्थित वैलनेस सेंटर में है और आर्मी द्वारा की गई सुविधाओं से खासे संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं.

जैसलमेर एयरपोर्ट पर विशेष जांच:
आप को बता दें की बीते दिनों ईरान से जैसलमेर पहुंचे एअर इंडिया विशेष विमानों से उतरे 484 भारतीय नागरिकों की जैसलमेर एयरपोर्ट पर विशेष जांच कराई गई थी. जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को वेलनेस सेंटर ले जाया गया था. जांच प्रक्रिया में सेना और नागरिक प्रशासन की टीमों का सहयोग रहा. भारतीय सेना ने एक माह की अल्प अवधि में जैसलमेर में एक हजार से अधिक बिस्तर सहित अत्यधुनिक सुविधाओं का वेलनेस सेंटर विकसित कर रखा है.

सतर्क रहने की जरूरत:
हालांकि खतरा अभी टला नहीं है. ऐसे में संयम बरतने की जरूरत है. 31 मार्च तक लॉकडाउन के दाैरान घर पर ही रहें. जरूरी हो तभी बाहर निकलें. सेनेटाइजर का उपयोग करें, मास्क लगाएं और बार बार हाथ धोएं. सरकार के इस प्रयास और कोरोना से लड़ने के लिए सहयोग करें और अपने घर पर ही रहें ताकि आपका परिवार और आप स्वस्थ रह सके. जैसलमेर के लिए सुखद यह भी है कि अब तक संक्रमण नहीं फैला है और अब सीमाएं सील होने के बाद बाहर से आवाजाही बंद हो गई है. ऐसे में किसी कोरोना पीड़ित के आने की संभावना कम हो गई है. फिर भी हमें सतर्क रहने की जरूरत है. लापरवाही बिल्कुल ना बरतें.  

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रामदेवरा: विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी रामदेवरा में सीएम अशोक गहलोत के एक दिन पूर्व सड़कों पर निजी वाहनों की रोक के दिए गए निर्देशों का बड़ा असर देखने को मिला. मंगलवार सुबह से रामदेवरा की मन्दिर रोड,पर्चा बावड़ी सड़क,मुख्य बाजार,पोकरण रोड़, रेलवे स्टेशन सड़क,सदर बाजार आदि पर सिर्फ सिर्फ विरानी छाई दिखी. 

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रामदेवरा में दिखी विरानी:
फर्स्ट इंडिया ने मंगलवार सुबह रामदेवरा की सभी सड़कों का लिया जायज़ा. सभी सड़कों पर लोक देवता बाबा रामदेव के समाधि लेने के बाद से आज तक कभी इतनी वीरानी रामदेवरा नहीं दिखी, जितनी कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते दिखी. सीएम अशोक गहलोत के सोमवार को दिए निजी वाहनों के सड़कों पर नही चलने के निर्देश के बाद रामदेवरा की सभी वाहनों की आवाजाही बिल्कुल भी नज़र नही आई. 

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लॉक डाउन का पूरी तरह पालन:
वहीं आम जरूरत की दुकानों में भी केवल सब्जी ,किराना और मेडिकल की दुकानें खुली थी. यहां भी लोग नज़र नहीं आये. सभी रामदेवरा के लोग घरों में रहकर धारा 144 और लॉक डाउन का पूरी तरह पालन कर कोरोना के संघर्ष में सरकार का साथ दे रहें हैं. विश्व प्रसिद्ध बाबा रामदेव की नगरी में पूरे साल लाखों श्रद्धालुओं की रेलमपेल के बीच यहां पर स्थित चाय, प्रसाद,खाने की होटलें, डेयरियां सुबह 2 बजे खुल जाती थी. वही होटलों ,धर्मशालाओं की बात करें तो इनकी संख्या 500 हैं. यहां भी विरानी हैं. सभी सरकारी आदेश की पालना कर कोरोना संघर्ष में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं.

रामदेवरा में बाबा रामदेव मन्दिर हुआ बंद, जनता कर्फ्यू से पहले पसरा सन्नाटा

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रामदेवरा(जैसलमेर): रामदेवरा में अल सुबह 3 बजे खुलने वाली प्रसाद व अभिषेक की अधिकांश दुकानें शनिवार को सूरज निकलने के बाद भी बन्द रही. यात्रियों से गुलजार रहने वाली मुख्य सड़कों पर सुबह से वीरानी छाई हुई है. दूर दूर तक यात्रियों की कोई चहल पहल नहीं. स्थानीय लोग भी घरों में दुबके हैं. ये नज़ारा शनिवार को रामदेवरा में सुबह नज़र आया. 

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दुकानें बन्द और सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ: 
फर्स्ट इंडिया न्यूज ने शनिवार को सुबह रेलवे स्टेशन रोड का दौरा किया. अमूमन ये सड़क 24 घण्टे अतिव्यस्त रहती हैं. रेलों से आने व जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ के चलते इस सड़क पर रौनक रहती हैं. शनिवार को दुकानें बन्द और सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ है.

ऐतिहात के तौर पर 21मार्च से 31 मार्च तक बन्द: 
कोरोना वायरस से बचाव के लिये ऐतिहात के तौर पर 21मार्च से 31 मार्च तक बन्द किये गये बाबा रामदेव मन्दिर के बाद शुक्रवार की शाम,शनिवार सुबह रामदेवरा आई सभी रेलों में रामदेवरा के आये कुछ यात्री मन्दिर के आगे जोड़ कर वापस लौट गये. रामदेवरा में 500 के करीब प्रसाद,अभिषेक, परचून की दुकानों के साथ ही 400 धर्मशालाओ व दो दर्जन होटलो के चलते प्रतिवर्ष करोड़ों का व्यवसाय यात्रियों की आवक से होता हैं. 

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मन्दिर में अभिषेक व आरती पूर्व कार्यक्रम की तरह:
650 साल में बाबा रामदेव मन्दिर कोरोना वायरस के चलते लगातार दस दिन 31 मार्च तक श्रद्धालुओं के लिये बन्द रहेगा. लेकिन मन्दिर में अभिषेक व आरती पूर्व कार्यक्रम की तरह होती रहेगी. समाधि समिति के लिये निर्णय के बाद से श्रद्धालुओं ने रामदेवरा आने के अपने कार्यक्रम रद्द करने शुरू कर दिये हैं. 
 

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जैसलमेर: पूरे विश्व में फैल चुके कोरोना को लेकर 152 देश लड़ रहे हैं. इसी बीच भारत में भी सरकार द्वारा बचाव व रोकथाम को लेकर अपने प्रयास किए जा रहे हैं. राजस्थान में सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए आगामी आदेश तक सभी प्रकार की परीक्षाएं स्थगित करने के आदेश दे दिए है. जिले में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दिया गया है. प्रशासन सार्वजनिक जगहों पर स्प्रे का छिड़काव करने के साथ ही अपने प्रयास कर रहा है. इसके साथ ही पर्यटन नगरी के रूप में विख्यात स्वर्णनगरी में आगामी 31 मार्च तक सभी पर्यटन स्थलों पर भी ताले लगा दिए गए है. जिससे जैसलमेर की सड़कें पूरी तरह से सूनी हो गई है, जहां कभी पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती वहीं अब एक आदमी भी दिखाई नहीं दे रहा है.

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धारा 144 के चलते सड़कें भी सुनसान रही:
वहीं पर्यटन व्यवसाय पूरी तरह से ठप हो गया है. हालांकि जैसलमेर में कुछ दिनों बाद गर्मी तेज होने से ऑफ सीजन शुरू होने वाली थी लेकिन इस बार कोरोना के असर के चलते जैसलमेर जल्दी ही सूना हो गया है. प्रदेश में लागू हुई धारा 144 का भी असर जैसलमेर में देखने को मिला. धारा 144 के चलते सड़कें भी सुनसान रही. वहीं कलेक्टर ने आदेश जारी कर सभी राजस्व सीमाओं में स्थित सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थानों एवं अन्य आमजन के द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में एकत्रित होने वाले व्यक्तियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए निषेधाज्ञा जारी कर दी है. निषेधाज्ञा के अनुसार किसी भी सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थल पर जिला मजिस्ट्रेट अथवा संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट की बिना किसी पूर्व अनुमति के 20 से अधिक व्यक्ति सामूहिक विचरण नहीं करेंगे.

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पर्यटन को इस बार करोड़ों रुपए का भी नुकसान:
जैसलमेर पर्यटन को इस बार करोड़ों रुपए का भी नुकसान हो गया है, जहां सैलानियों के पैर अप्रैल महीने तक थमते थे लेकिन कोरोना वायरस के चलते करीब दो महीने पहले ही सैलानियों के पांव रुक गए है. जैसलमेर में फोर्ट म्यूजियम, राजकीय संग्रहालय, वॉर म्यूजियम, पटवा हवेली व गड़ीसर तालाब इन दिनों सूने पड़े हैं. एडवायजरी जारी होने के बाद जैसलमेर में अब सैलानी घूमने के लिए नहीं आ रहे हैं. वहीं स्वर्णनगरी के सभी पर्यटन स्थलों पर ताले लगा दिए गए है. जिससे जैसलमेर पूरी तरह से सूना हो गया है. कोरोना के चलते जैसलमेर में 25 मार्च से शुरू होने वाले चेटीचंड के सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं. बैठक में निर्णय लिया गया कि चेटीचंड के उपलक्ष्य में आयोजित की जाने वाली शोभायात्रा, प्रतिभा सम्मान समारोह, भंडारा लंगर व सभी प्रतियोगिता स्थगित कर दी गई है. 

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जैसलमेर: दुनिया में कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक ईरान से 195 भारतीय नागरिकों को लेकर एयर इंडिया के दो विशेष विमान जैसलमेर पंहुचे, जहां पहले विमान में 105 भारतीय नागरिकों को जैसलमेर लाया गया. जिसमें 68 पुरुष और 37 महिलाएं शामिल है. वहीं दूसरे विमान में 90 लोग लाए गए, जिसमें 41 पुरुष और 48 महिलाओं सहित एक बच्चा भी है. इससे पूर्व तीन विमानों से लाए गए 289 भारतीय नागरिक जैसलमेर में सेना की ओर से विकसित वेलनेस सेंटर में रखा हुआ है.

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जैसलमेर एयरपोर्ट पर हुई विशेष जांच:
इनके साथ बुधवार को आए नागरिकों को आइसोलेटेड वार्ड में रखा जाएगा. यहां कुल मिलाकर अब 484 भारतीय नागरिक हो गए है. बुधवार को ईरान से पहुंचे दोनों विशेष विमानों से उतरे 195 भारतीय नागरिकों की जैसलमेर एयर पोर्ट पर विशेष जांच की गई. जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को वेलनेस सेंटर ले जाया गया. जांच प्रक्रिया में सेना और नागरिक प्रशासन की टीमों का सहयोग रहा.

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नहीं पाया गया कोई भी कोरोना पॉजिटिव:  
भारतीय सेना ने एक माह की अल्प अवधि में जैसलमेर में एक हजार से अधिक बिस्तर समेत अत्यधुनिक सुविधाओं का वेलनेस सेंटर विकसित कर रखा है. इस सेंटर में बेहतरीन चिकित्सा सुविधाओं के अलावा आइसोलेशन में रहने के दौरान लोगों के मनोरंजन और खेलकूद की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. यहां पर ईरान से आने वाले 484 भारतीय नागरिकों को 14-14 दिन के लिए रखा जाएगा. फिलहाल यहां रखे गए लोगों में से एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं पाया गया है.

कोरोना वायरस: जैसलमेर के पर्यटन स्थल पर पसरा सन्नाटा, सभी पर्यटन स्थल बंद

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जैसलमेर: काेराेना वायरस का असर अब जैसलमेर जिले के पर्यटक और धार्मिक स्थलाें पर पड़ने लगा है. जैसलमेर के सभी पर्यटक स्थलाें काे 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है. इनमें पटवा हवेली और दूसरे अन्य पर्यटक स्थल पहली बार बंद किए गए है. जबकि वार म्यूजियम पहले भी बंद किया जा चुका है. उधर प्रसिद्ध रामदेवरा मंदिर में समाधि के दर्शन का समय परिवर्तित किया गया है. 

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सैलानियों के भ्रमण पर लगाई रोक: 
अब यहां दाे-दाे घंटे के लिए दिन में तीन बार दर्शन हाे सकेंगे. राजकीय संग्रहायल, पटवा हवेली, वॉर म्यूजियम और फोर्ट म्यूजियम समेत अन्य सभी पर्यटन स्थलों और संरक्षित स्मारकों पर सैलानियों के भ्रमण पर रोक लगाई जा रही है. उल्लेखनीय है कि पूरे विश्व में विभिन्न देशों को अपनी चपेट में लेने के बाद इसे विश्व स्तर पर महामारी घोषित किया गया है. 

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घूमने आए सैलानी हुए मायूस:
जिसको लेकर भारत में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है. इसके साथ ही राजस्थान सरकार ने पहले ही स्कूल, कॉलेज, जिम, मॉल सहित अन्य जगहों पर छुट्टी घोषित करते हुए प्रवेश पर प्रतिबंध कर दिया है. हालांकि वॉर म्यूजियम पहले भी बंद करवाया जा चुका है. वहीं जैसलमेर घूमने आए सैलानी बहुत मायूस हुए. सैलानियों ने कहा की जैसलमेर घूमने आए है लेकिन सभी पर्यटन स्थल बंद होने से परेशानी हो रही है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए सूर्यवीर की रिपोर्ट

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