स्कूल नहीं जाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रच 2 बच्चों ने काटी अपने हाथों की नसें

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/21 03:29

सीकर: फतेहपुर रोड स्थित फातिमा मस्जिद के पास आज 2 बच्चों ने अपने हाथों की नसें काट ली यह बच्चे स्कूल नहीं जाना चाहते थे जबकि माता-पिता उन्हें स्कूल भेजना चाहते थे. मानसिक दबाव में आकर बच्चों ने अपहरण की झूठी कहानी रची और हाथों की नसें काटकर लहुलुहान हो गये और अपहरण की रची झूठी कहानी रच डाली. सुबह 10:00 बजे की यह कहानी है पूरे प्रकरण का खुलासा करते हुए शहर कोतवाल ने बताया कि करीब सुबह 10:00 बजे नार्थ चौकी इंचार्ज मदनलाल को किसी ने फोन कर बताया कि 2 बच्चों का अपहरण हो गया इस सूचना पर पुलिस की भागदौड़ शुरू हुई और जिले भर में नाकेबंदी कराई गई.

बच्चों के हाथों पर खून बह रहा था: 
घटनास्थल पर जब पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे तो बच्चों के हाथों पर खून बह रहा था. बच्चों को श्री कल्याण राजकीय इलाज में भर्ती कराया गया और जब मामले की गंभीरता से जांच की गई तो सामने आया कि दोनों बच्चे स्कूल नहीं जाना चाहते थे लेकिन परिजनों के मानसिक दबाव के चलते उन्होंने अपनी झूठी कहानी रची और स्वयं अपने हाथों की नसें काट ली. इस पर पुलिस ने परिजनों से समझाइश की और स्कूल के अभिभावकों को भी बताया कि बच्चों को मानसिक रूप से परेशान नहीं करें.

अपहरण की झूठी कहानी रची: 
प्राइमरी मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे 9 और 10 साल के हैं लेकिन जिस तरह से इन्होंने अपहरण की झूठी कहानी रची और हाथों की नसें काटी उससे तो यह साफ जाहिर होता है कि बच्चों पर स्कूल जाने का बड़ा दबाव नही बनना चाहिये. मानसिक तनाव में आकर बच्चे से कदम उठा लेते हैं. समय रहते पुलिस ने भी बच्चों को खोज निकाला और बड़ी घटना होने से बच गई लेकिन माता-पिता और स्कूल के अध्यापकों को चाहिए कि जब इच्छा नहीं हो तो बच्चों पर स्कूल जाने का मानसिक दबाव नहीं बनाए. 

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