राजकोट कोटा के बाद राजकोट में बच्चों पर कहर, सरकारी अस्पताल में 134 की मौत

कोटा के बाद राजकोट में बच्चों पर कहर, सरकारी अस्पताल में 134 की मौत

कोटा के बाद राजकोट में बच्चों पर कहर, सरकारी अस्पताल में 134 की मौत

राजकोट: राजस्थान में कोटा के जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत का मामला अभी शांत नहीं हुआ, वहीं गुजरात के राजकोट में भी एक अस्पताल में बड़ी संख्या में मासूमों की मौत की सनसनीखेज मामला सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार राजकोट के एक सरकारी अस्पताल में दिसंबर माह के दौरान 134 बच्चों की मौत हुई है. 

व्यवस्थाएं बेहाल:
हालांकि अस्पताल प्रशासन बच्चों की मौत की वजह कुपोषण, जन्म से ही बीमारी, वक्त से पहले जन्म, मां का खुद कुपोषित होना बता रहा है. मरने वाले सभी बच्चे नवजात थे. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अस्पताल के एनआईसीयू में बच्चों को बचाने की व्यवस्थाएं और उपकरण ही नहीं है. सिविल अस्पताल के चिल्ड्रन हॉस्पिटल की हालत इतनी खराब है कि ढाई किलो से कम वजन वाले बच्चों को बचाने की व्यवस्थाएं बेहाल है. 

10 नवजातों के लिए केवल एक नर्स:
बता दें कि एनआईसीयू में विशेष नर्सिंग देखभाल, तापमान नियंत्रण, संक्रमण मुक्त हवा की विशेष जरूरत होती होती है. बच्चा अगर कम वजन का है, तो उसके लिए कम से कम एक नर्स और अधिकतम दो नर्स मौजूद होनी चाहिए. हालांकि, राजकोट सिविल अस्पताल में 10 नवजातों के लिए केवल एक नर्स है. 

और पढ़ें