बीजिंग म्यामां में तख्तापलट की घटना पर चीन ने कहा- विश्व समुदाय की कार्रवाई में सुलह समझौते पर जोर होना चाहिए

म्यामां में तख्तापलट की घटना पर चीन ने कहा- विश्व समुदाय की कार्रवाई में सुलह समझौते पर जोर होना चाहिए

म्यामां में तख्तापलट की घटना पर चीन ने कहा- विश्व समुदाय की कार्रवाई में सुलह समझौते पर जोर होना चाहिए

बीजिंग: म्यामां में हुए तख्तापलट की घटना पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक से पहले चीन ने मंगलवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सारी कार्रवाई उस देश में राजनीतिक स्थिरता, शांति एवं सुलह समझौते में योगदान पर केंद्रित होनी चाहिए. सुरक्षा परिषद की मंगलवार को बैठक में म्यामां की स्थिति पर चर्चा होगी.

म्यामां में सेना किया तख्तापलटः
गौरतलब है कि म्यामां में सेना ने सोमवार को तख्तापलट कर दिया और शीर्ष नेता आंग सान सू ची समेत उनकी पार्टी के कई शीर्ष नेताओं को हिरासत में ले लिया. सेना के स्वामित्व वाले ‘मयावाडी टीवी’ ने सोमवार सुबह घोषणा की कि सेना ने एक साल के लिए देश का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मिलना चाहिए योगदानः
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वेंग वेनबीन ने संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सभी कार्रवाई से म्यामां में राजनीतिक-सामाजिक स्थिरता और शांति तथा सुलह में योगदान मिलना चाहिए, ताकि तनाव को बढ़ने से रोका जा सके तथा विषय और अधिक जटिल नहीं होने पाए. प्रवक्ता से यह पूछा गया था कि म्यामां में हुए तख्तापलट पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में चीन का क्या रुख रहेगा.

दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधः
सुरक्षा परिषद में वीटो शक्ति रखने वाले चीन का म्यामां के सैन्य शासन से तब से करीबी संबंध रहा है, जब उसने (म्यामां की सेना ने) दो दशक तक शासन किया था और बाद में 2016 के चुनावों में सू ची के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंध रहे हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बयान कुछ बोलने से चीन के प्रवक्ता ने किया इनकारः
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने म्यामां में स्थिति पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बयान के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया. उल्लेखनीय है कि बाइडन ने म्यामां में सैन्य तख्तापलट की घटना की निंदा करते हुए कहा है कि ‘हम समूचे क्षेत्र में अपने साझेदारों के साथ काम करेंगे और विश्व, लोकतंत्र एवं कानून का शासन बहाल करने में सहायता करेगा, साथ ही बर्मा (मयांमा) के लोकतंत्र की राह पर बढ़ते कदमों को पलटने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएगा.
सोर्स भाषा

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