सरस पार्लर पर बिक रहे चाउमीन-मोमोज, आरसीडीएफ नहीं संभाल पा रहा संचालन

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/10/09 19:10

जयपुर: राजस्थान कोपरेटिव डेयरी फैडरेशन द्वारा संचालित सरस पार्लरों पर अलग-अलग तरह की व्यवस्था देखने को मिल रही है. एक तरफ जिस सरस पार्लर को आरसीडीएफ निजी हाथों में दे चुका है, वहां डेयरी उत्पाद बमुश्किल मिल पा रहे हैं. वहीं जिन पार्लरों को आरसीडीएफ खुद चला रहा है, वहां डेयरी उत्पादों के अलावा अन्य कोई खाद्य उत्पाद नहीं मिल पा रहे हैं. 

निजी कंपनी की मनमानी:
दरअसल शासन सचिवालय में जो सरस पार्लर चल रहा है, उसे आरसीडीएफ ने एक निजी कंपनी को दे रखा है. कंपनी ने अपनी मनमानी दिखाते हुए डेयरी उत्पादों को किनारे करना शुरू कर दिया है. डेयरी की पैक्ड लस्सी या फ्लेवर्ड मिल्क के बजाय कुल्हड़ लस्सी और मिल्क शेक बेचा जा रहा है. यही नहीं, निजी कंपनी यहां चाउमीन, मोमोज, इडली, सांभर बड़ा, पावभाजी बेच रही है. इसके अलावा सादा थाली और स्पेशल थाली के रूप में खाना भी परोस रही है. 

जेएलएन मार्ग पर मिल रहे केवल पैक्ड उत्पाद:
वहीं आरसीडीएफ द्वारा संचालित जेएलएन मार्ग स्थित सरस पार्लर का संचालन गड़बड़ा गया है. यहां पिछले कई दिनों से केवल पैक्ड डेयरी उत्पाद ही मिल पा रहे हैं. इसके अलावा जलेबी, दूध, समोसा, इडली, डोसा, पनीर पकौड़ा नहीं मिल रहे हैं. यहां तक कि कॉफी और कुल्हड़ लस्सी भी नहीं मिल पा रही, जिसकी कि उपभोक्ता अक्सर डिमांड करते हैं. हालांकि आईसक्रीम उपभोक्ताओं को आसानी से मिल रही है. जबकि यदि आरसीडीएफ प्रशासन पनीर पकौड़ा, गर्म दूध, कुल्हड़ लस्सी, जलेबी आदि बेचना दुबारा से शुरू कर दे तो अच्छी आय हो सकती है. लेकिन आरसीडीएफ के प्रबंधकों द्वारा इन उत्पादों को बनाने वाले सामान की सही समय पर खरीद नहीं किए जाने से यह अव्यवस्था बढ़ रही है. 

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 
 

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