चूरू के राणासर का जांबाज असलम राजकीय सम्मान से साथ हुआ विदा

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/09 10:56

चूरू: जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए 24 राष्ट्रीय राइफल के जवान राणासर निवासी असलम खान की पार्थिव देह रविवार रात को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया. इससे पहले गांव से पांच किलोमीटर दूर झुंझुनू-चूरू रोड से बाइक तिरंगा रैली के जरिए पार्थिव देह को गांव लाया गया. इस दौरान गांव के लोगों ने शहीद असलम खान अमर रहे के नारे भी लगाए.

लोगों को अपने लाडले की शहादत का फक्र:  
शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचने पर 5 राज राइफल बीकानेर के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इस दौरान वहां मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू आ गए. वहीं, लोगों को अपने लाडले की शहादत का फक्र भी था. शहीद असलम खान की पार्थिव देह का जनाजा करीब एक किलोमीटर लंबा था. जनाजे में हजारों लोग शामिल हुए और अपने लाडले को नम आंखों से विदाई दी. जनाजे के दौरान गांव की छतों पर भी लोग मौजूद रहकर लाल की विदाई को देख रहे थे.

शहीद असलम खान 20 अगस्त को ही ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे:
शहीद को नम आंखों से उनकी पत्नी संजू, बेटी मुस्कान, शकीना, सादिया ने विदाई दी. वहीं, डेढ़ साल का बेटा अल्फ़ाज़ भी पिता की पार्थिव देह को निहार रहा था. शहीद की पार्थिव देह को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री भंवर लाल मेघवाल, कलेक्टर संदेश नायक, एसपी तेजस्वनी गौतम, जिला प्रमुख हरलाल सहारण और पूर्व सांसद राम सिंह कस्वा ने श्रद्धांजलि दी. बता दें, कि शहीद असलम खान 20 अगस्त को ही ड्यूटी के लिए जम्मू-कश्मीर रवाना हुए थे. इससे पहले वे 14 दिन तक परिजनों के साथ छुट्टी बिताई थी और ईद भी मनाई थी. 

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