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विश्वविख्यात गड़ीसर पाल पर लगे हजारों पौधों पर नगर परिषद ने चलाया बुलडोजर

विश्वविख्यात गड़ीसर पाल पर लगे हजारों पौधों पर नगर परिषद ने चलाया बुलडोजर

जैसलमेर: दुनिया में पेड़-पौधों की संख्या लगातार कम हो रही है. हालांकि इनको बचाने के लिए भी तरह-तरह के उपाय हो रहे हैं. सीमावर्ती जिले जैसलमेर में ऐसे ही पौधों की बेहद कमी है. सरकार और जिला प्रसाशन पेड़ पौधे लगाने के लिए कहती है लेकिन जैसलमेर गड़ीसर सरोवर की पाल पर लगे पौधों पर नगर परिषद ने ही बुलडोजर चला दिया. एक तरफ पर्यावरण बचाने के प्रयास हो रहे हैं, दूसरी तरफ नगर परिषद खुद पौधों पर जेसीबी चला रही है.

नगर परिषद आयुक्त के खिलाफ थाने में रिपोर्ट 
जिस संस्था ने यह पौधे रोपे थे उनके सदस्यों ने इस कार्रवाई का विरोध किया और नगर परिषद आयुक्त के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दी है. इसके विपरीत नगर परिषद के जिम्मेदारों का कहना है कि केवल 40-50 पौधे ही हटाए हैं, क्योंकि यहां वॉकिंग स्ट्रीट का काम होना है. नगरपरिषद ने 1 हजार पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है, जो जल्द ही स्थान चिह्नित होते ही रोपे जाएंगे. मामले के अनुसार जब नगर परिषद की टीम ने यह कार्रवाई की तो आई लव संस्था के कुछ सदस्य मौके पर पहुंचे और आयुक्त से पौधे हटाने का विरोध किया, लेकिन नगरपरिषद की टीम ने उनकी नहीं सुनी और बुलडोजर चला दिया. 

पर्यावरण प्रेमी नगर परिषद आयुक्त का घेराव करेंगे
बाद में आई लव संस्था के सचिव कूंपसिंह ने थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि दो साल पहले आई लव संस्था ने गड़ीसर की पाल पर 1069 पौधे लगाए थे. उस दौरान जिला प्रशासन सहित, बीएसएफ व एयरफोर्स के जवानों ने भी इस पौधरोपण में हिस्सा लिया था. आयुक्त सुखराम खोखर ने अपनी मनमानी करते हुए इन पौधों पर जेसीबी चला दी. आई लव संस्था के विमल गोपा ने बताया कि नगरपरिषद आयुक्त ने यह कार्रवाई किसी भी अधिकारी के निर्देश पर नहीं की है, उन्होंने मनमानी करते हुए यह कृत्य किया है. गोपा ने बताया कि पर्यावरण प्रेमी नगर परिषद आयुक्त का घेराव करेंगे. हमारी मांग 2100 पौधे वापस लगाने की तथा आयुक्त के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की है.  

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लॉकडाउन खत्म होने तक जैसलमेर में ही रहेंगे 53 कश्मीरी छात्र, जम्मू-कश्मीर सरकार ने लेने से मना किया

जैसलमेर: ईरान से एयरलिफ्ट कर जैसलमेर के मिलिट्री स्टेशन में क्वारेंटाइन में रखे गए भारतीय नागरिकों में से अब तक कोरोना पॉजिटिव भारतीयों की संख्या 17 तक पहुंच गई है. यह जानकारी प्रशासनिक सूत्रों ने दी. गौरतलब है कि ईरान में फंसे भारतीयों को मार्च माह के मध्य में एयर इंडिया के विमानों से जैसलमेर पहुंचाया गया था. जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन में 484 भारतीय नागरिकों को लाया गया. उधर कोरोना के इस संकट की इस घड़ी में ईरान से एयरलिफ्ट कर लाए गए भारतीयों में से बिल्कुल स्वस्थ नागरिकों को भी जम्मू कश्मीर सरकार ने अपने यहां लेने से इंकार कर दिया है. इसके लिए जम्मू कश्मीर सरकार ने लॉकडाउन का हवाला दिया है.  

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जम्मू कश्मीर से जुड़े ऐसे लोगों की संख्या 53: 
जैसलमेर प्रशासन द्वारा बसों द्वारा इन नागरिकों को जम्मू-कश्मीर भेजने की पूरी व्यवस्था की जा चुकी थी. जम्मू कश्मीर से जुड़े ऐसे लोगों की संख्या 53 है. ईरान से एयरलिफ्ट किए गए दूसरे बेंच में जम्मू कश्मीर के 53 छात्रों को लाया गया जिनको जैसलमेर के सेना के वैलनेस सेंटर आइसोलेशन सेंटर में रखा गया है. वैलनेस सेंटर में सभी की मरीज मिलने पर छात्रों की जांच कराई गई. इन सभी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई. जैसलमेर सेना के वैलनेस सेंटर में रहने वाले छात्रों में से कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं पाया गया सेना इन्हें वापस भेजने की इच्छुक है.

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लॉकडाउन समाप्त होने का इंतजान करने को कहा:
बताया जाता है कि इस पर जैसलमेर कलेक्टर नमित मेहता ने इन छात्रों को यहां से बसों से रवाना करने की तैयारी कर जम्मू-कश्मीर सरकार को सूचित किया. जम्मू-कश्मीर सरकार ने ईरान से एयरलिफ्ट कर लाए अपने राज्य के 53 छात्रों को फिलहाल लेने से इंकार कर दिया. वहां से कहा गया है कि फिलहाल इन्हें नहीं भेजे लॉकडाउन समाप्त होने का इंतजार किया जाए. इधर छात्रों ने सेना से कहा कि वह अपने घर जाना चाहते हैं. वहां की सरकार ने जवाब दिया कि वर्तमान हालात में इन दिनों ठीक नहीं रहेगा. ऐसे में देशभर में लॉकडाउन समाप्त होने तक उन्हें वहीं रखा जाए. इसकी सूचना जब छात्रों को मिली तो उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की. उसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों से समझाइश की. 

भारत-पाक सीमा पर साइबेरियन पक्षी को पकड़ा, पैर में लगा था टैग

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जैसलमेर: भारत पाक सीमा से सटे नाचना के सीमावर्ती क्षेत्र व 60 किलोमीटर दूर बाहला गांव के पास बीएसएफ की भूंगरी पोस्ट पर एक साइबेरियन पक्षी को बीएसएफ ने पकड़ा. पक्षी के पैर में टैग बंधा हुआ है. जिसे देखकर जवान अलर्ट हो गए ताकि पड़ोसी देश कोई नापाक हरकत न करे. इसके साथ ही जवानों ने पक्षी को पकड़ लिया. उसके बाद पक्षी की जांच की.   

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बीएसएफ ने साइबेरियन पक्षी को पकड़कर नाचना पुलिस को सुपुर्द किया:
उसके बाद बीएसएफ ने साइबेरियन पक्षी को पकड़कर नाचना पुलिस को सुपुर्द किया है. प्रारंभिक जांच के बाद अब पुलिस जांच कर रही है. जानकारी के अनुसार यह पक्षी पाकिस्तान की सीमा पार कर नाचना पहुंचा है. इस पर ही इसे संदिग्ध मानकर इसे बीएसएफ जवानों ने पकड़ लिया. अब पक्षी के पैर में लगे टैग की जांच की जा रही है. बीएसएफ ने पक्षी को पुलिस थाना नाचना सुपुर्द किया.   

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जैसलमेर: आज शब-ए-बारात का पर्व है, इसमें मुसलमान अपने पूर्वजों के कब्र पर फातिहा पढ़ते हैं. गुनाहों की माफी मांगते हैं. इसमें बंदों पर खास रहमतें बरसती हैं. दुआएं कबूल होती हैं. लेकिन इस समय प्रदेश में लॉकडाउन लगा है. इस मौके पर केबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद ने कब्रिस्तान में नहीं जाने की अपील की है. सभी से शब-ए-बारात की इबादत घर में ही करने की अपील की.

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कब्रिस्तान व मस्जिदों में बिल्कुल भीड़ ना लगाएं:
इस्लामी साल के आठवें महीने शाबान के बारे में हदीस में आया है कि यह खुदा का महीना है. इसी महीने की 15 वीं की रात यानी शबे बरात में मुसलमान अपने पूर्वजों के कब्रों पर जाकर फातिहा पढ़ते और दुआएं मांगते हैं. वर्तमान समय में देश में कोरोना महामारी फैली हुई. जिसमें सामाजिक दूरी ही इसका बेहतर उपचार है. इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि कब्रिस्तान व मस्जिदों में बिल्कुल भीड़ ना लगाएं. घर में ही इबादत करें.

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जैसलमेर: देश के परमाणु बम धमाकों के गवाह रहे पोकरण में दो दिन से कोरोना के धमाकों ने सभी को चौंका कर रख दिया है. पूरी दुनिया में शक्ति स्थल के रूप में प्रसिद्ध पोकरण कस्बा अब प्रदेश में कोरोना का नया हॉट स्पॉट बनने जा रहा है. दो दिन में ही सरहदी जैसलमेर जिले के इस कस्बे में 14 कोरोना संक्रमित सामने आ चुके है. पोकरण में सोमवार शाम एक मरीज मिला. उसके बाद मंगलवार सुबह 7 और शाम को 6 नए मरीज मिल चुके हैं. जबकि करीब 31 लोगों के सैंपल जांच के लिए लगाए हुए है. 

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डिस्कॉम का एक हैल्पर सबसे पहले पॉजिटिव पाया गया:
हर दिन कोरोना का जाल फैलता ही जा रहा है. नए इलाके, नए शहर, नए जिले अब कोरोना के निशाने पर आ रहे हैं. इसकी जद में अब पोकरण भी आ गया है. पोकरण में पहला केस सोमवार को मिला. डिस्कॉम का एक हैल्पर सबसे पहले पॉजिटिव पाया गया. ये व्यक्ति कुछ दिन पूर्व तक क्षेत्र में दौरे पर रहे तबलीगी जमात के लोगों के संपर्क में था. इसके बाद जिला कलेक्टर नमित मेहता व पुलिस अधीक्षक किरण कंग के नेतृत्व में प्रशासन ने पोकरण में डेरा जमा सख्ती के साथ जांच अभियान शुरू किया. क्षेत्र में तबलीगी जमात के लोगों के संपर्क में आए लोगों की व्यापक स्तर पर तलाश की गई. इसी का नतीजा है कि दो दिन में ही करोना संक्रमितों की संख्या 14 तक जा पहुंची.

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लॉक डाउन के बावजूद हुए एक आयोजन में कुछ लोग जुटे थे:
बताया जा रहा है कि लॉक डाउन के बावजूद हुए एक आयोजन में कुछ लोग जुटे थे. अभी तक संक्रमित पाए गए लोगों ने इसमें हिस्सा लिया था. अब पूरे पोकरण कस्बे में कर्फ्यू लगाकर घर-घर जांच अभियान शुरू किया गया है. कुछ लोगों के हल्के विरोध को दरकिनार कर प्रशासन ने सख्ती के साथ लोगों की तहकीकात करना शुरू कर दिया. इसी का नतीजा है कि प्रशासन ने एक दिन में ही बड़ी संख्या में लोगों की तलाश कर उनके सैंपल जांच के लिए भेज दिए. 

BSF कोरोना के लिए ग्रामीणों में फैला रही जागरूकता अभियान

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जैसलमेर: भारत पाक सीमा रखवाले सीमा सुरक्षा बल के जवान ना केवल खुद की और खुद के साथियों की चिंता कर रहे हैं बल्कि अपने आसपास रहने वाले ग्रामीणों को भी कोरोना को लेकर जागरूक करने का काम है. सीमा सुरक्षा बल बॉर्डर के आस पास के ग्रामीणों में कोरोना के प्रति जागरूकता अभियान चला रहे हैं. कोरोना के प्रति ग्रामीणो सावधानी के बारे में जानकारी दे रहे हैं. 

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सोशल डिस्टेंस पर जोर देने का संदेश:
यही कारण है बीएसएफ चौकी के आस-पास के गांव में लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं एक दूसरे से बात करते वक्त दूरी बनाए रख रहे हैं तो दुकानें बंद है अनावश्यक रूप से घरों से बाहर भी नहीं निकल रहे हैं. सीमा सुरक्षा बल के जवान और अधिकारी ग्रामीणों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक और सोशल डिस्टेंस पर जोर देने का संदेश दे रही है. बीएसएफ ग्रामीणों को मास्क देकर कोरोना वायरस से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया और लोगों से अपील की अनावश्यक घर से बाहर न निकले. क्योंकि हम अपने और अन्य लोगों से जितनी दूरी बनाए रखेंगे उतना हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है. 

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ग्रामीणों ने बीएसएफ का धन्यवाद दिया:
अगर अवश्यकता पड़ती है तो परिवार का कोई एक व्यक्ति घर से बाहर निकले और काम पूरा होने के बाद वापस अपने घरों में चले जाएं. कोरोना वायरस को लेकर ग्रामीणों को सफाई रखने, हाथ धोकर भोजन करने व खांसी-जुकाम, बुखार आदि समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराने के प्रति सजग किया. घर के आस-पास साफ-सफाई रखने के लिए बताया गया. जिससे ग्रामीणों ने बीएसएफ का धन्यवाद दिया. 
 

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नहीं है कोई लॉकडाउन, पूरा देश घरों में कैद पर सरहद की रक्षा में दिन-रात डटे जवान

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जैसलमेर: पाकिस्तान से लगती जैसलमेर-बाड़मेर जिले की पश्चिमी सीमा सीमा पर तैनात सहद के जवान एक और जहां सरहद की चौकस रखवाली कर रहे हैं तो दूसरी ओर अपने और अपने साथियों को कोरोना वायरस से बचाने के जतन भी करते हैं. अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवान सरहद की सुरक्षा के साथ कोरोना वायरस की घुसपैठ रोकने के लिए पूरी तरह चौकस है. देश में सम्पूर्ण लॉकडाउन के चलते सीमा सुरक्षा बल के सेक्टर और बटालियन मुख्यालय सील है. जो जवान और अधिकारी बॉर्डर पर तैनात है वह 14 अप्रैल तक वहीं रहेंगे. आज फर्स्ट इंडिया भारत-पाक सीमा पर पहुंचा. 

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जवान सैनेटाइज होकर ही चौकी पर प्रवेश करते हैं:
जैसलमेर और बाड़मेर जिला पाकिस्तान से लगता है यहां की सीमा पर सीमा सुरक्षा बल निगाहें रखे हुए हुए हैं. हर समय देश की सीमा की रखवाली करने वाले जवान कोरोना वायरस के खतरे से भी अनजान नहीं है वे इसमें अतिरिक्त सावधानी बरते हुए जो भी सुरक्षा उपाय हैं, उन्हें अपना रहे हैं. सरहद पर पहरा देने जाते वक्त और वापसी में आते ही सभी जवान सैनेटाइज होकर ही चौकी पर प्रवेश करते हैं. इतना ही नहीं वे सीमा रखवाली के दौरान भी मुंह पर मास्क होता है तो दुश्मन की के नापाक इरादों का मुहं तोड़ जवाब देने के लिए हाथ में हथियार. इसी का ही नतीजा है कि सीमा सुरक्षा बल में देश के विभिन्न प्रांतों के सैनिक होने के बावजूद यहां अभी तक नजर नहीं आती है. इतना ही नहीं आपसी बात से बातचीत के दौरान भी यह लोग एक दूसरे से दूरी बनाए रखते हैं. 

ऑपरेशनल ड्यूटी में कोई कमी नहीं हुई: 
बॉर्डर के ऊपर पहले की तरह हमारी पूरी कार्रवाई चल रही है. ऑपरेशनल ड्यूटी में कोई कमी नहीं हुई है. अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए होने वाली किसी भी तरह की राष्ट्र विरोधी वह अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए हमारे जवान चौबीसों घंटे मुस्तैद हैं. ग्राउंड पर हर जगह निगरानी की जा रही है. उन्होंने बताया कि बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे जवानों की सुरक्षा के लिए भी सभी प्रकार के उपाय किए गए हैं. कोरोना से बचने के लिए जवान मास्क से लेकर सैनिटाइजर आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं. बार-बार हाथ भी धो रहे हैं. 

बीएसएफ ने जवानों की समूह में रोजाना होने वाली गतिविधियां अब बंद: 
अंतर्राष्ट्रीय सीमा की ग्राउंड हालात की पड़ताल में सामने आया कि बीएसएफ ने जवानों की समूह में रोजाना होने वाली गतिविधियां अब बंद है. सुबह-शाम की सम्पर्क सभा नहीं होती. अब जवानों को बैरक में ही आदेश-निर्देश बता दिए जाते है. सेक्टर, बटालियन मुख्यालय और सीमा चौकियों पर पर सामूहिक परेड और व्यायाम बंद हैं. जवान अपनी फिटनेस के लिए अकेले में अथवा तीन मीटर की दूरी बनाकर व्यायाम कर रहे हैं. सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बातचीत में बताया कि चौकी के गेट, कार्यालय और अन्य जगह सेनिटाइजर रखे हुए हैं. कोई भी बिना सेनिटाइजर किए चौकी में अंदर या बाहर नहीं निकल सकता. यहां तक की जीरो लाइन और तारबंदी पर गश्त के लिए जाने वाले जवान भी सेनिटाइजर और मॉस्क का उपयोग कर रहे हैं. तारबंदी के पास गश्त के समय एक-दूसरे से कम से कम दो मीटर की दूरी बनाकर चलते हैं.  

सामूहिक रूप से खाना खाने पर रोक: 
सीमा पर तैनात बीएसएफ अधिकारियों के मुताबिक चौकियों की मैस में अब सुबह और शाम के भोजन के समय सामूहिक रूप से खाना खाने पर रोक है. खाने के समय जवान दो मीटर की दूरी पर बैठककर भोजन करते हैं. यहां कम्युनिटी किचेन या लंगर के दौरान बहुत से जवान एक साथ खाना खाते हैं. लेकिन कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हमारे जवान अभी एक-एक कर खाना खाते हैं. हम उन्हें एक जगह अभी इकट्ठा नहीं होने दे रहे हैं. सबको अलग-अलग टाइमिंग दे दिया गया है और वे बारी-बारी से खाना खाते हैं. इसके अलावा साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान है. बार-बार हैंड वास या डिटौल से जवानों को हाथ धोने को कहा जा रहा है. यानी कोरोना से बचाव के लिए जो भी कदम उठाना चाहिए वह ग्राउंड पर लागू किया जा रहा है. 

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सर्दी, खांसी-जुकाम की शिकायत वाले व्यक्ति को रखा जा रहा:
सेक्टर की सभी बटालियन में चिकित्सक तैनात है. चौकी में जवानों के स्वास्थ्य की जांच और निगरानी के लिए नर्सिंगकमी अथवा चिकित्सा सहायक है. बटालियन स्तर पर बाहर से आने वाले जवानों, अधिकारियों को 14 दिन चिकित्सकीय निगरानी में रखने के लिए कोरेंटाइन वार्ड बने हुए है. इसके साथ ही ऑब्जर्वेसन वार्ड अलग से चल रहे हैं. जिसमें सर्दी, खांसी-जुकाम की शिकायत वाले व्यक्ति को रखा जा रहा है. बीएसएफ के अधिकारियों और जवानों को आम लोगों, ग्रामीण आदि के चौकी पर किसी काम से आने वाले, गश्त के दौरान खेतों में कोई दिखाई देने पर उससे तीन मीटर दूर रहकर बातचीत करने की हिदायत दी हुई है. सीमावर्ती गांवों में दूसरे जिलों, राज्यों से कोई आता है तो उसकी जानकारी भी बीएसएफ की खुफिया विंग जुटा रही है.  

बाबा रामदेव का 668 वां जन्मोत्सव, लॉकडाउन की वजह से नहीं होगा कोई कार्यक्रम 

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रामदेवरा: जन-जन के आराध्य लोक देवता बाबा रामदेव का 668 वां जन्मोत्सव रविवार को है. तंवर समाज की भाट बही के मुताबिक बाबा रामदेव का जन्म चैत्र शुक्ला पंचमी को हुआ हैं. इस मौके हर रोज कि तरह रविवार को सिर्फ बाबा रामदेव समाधि का अभिषेक कर पूजा अर्चना के साथ आरती की गई. कोरोना और लॉक डाउन के चलते कोई आयोजन नहीं हैं. बाबा रामदेव समाधि के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए गत 22 मार्च 2020 से कोरोना वायरस के चलते बन्द हैं. 

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667वां जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया:
गत वर्ष पहली बार 10 अप्रैल 2019 शुक्ल पंचमी को बाबा रामदेव का 667वां जन्मोत्सव  हर्षोल्लास के साथ मनाया गया था. बाबा रामदेव जन्मोत्सव समिति का गठन किया गया था. उल्लेखनीय है कि जन-जन के आराध्य लोक देवता बाबा रामदेव का जन्म दिवस तंवर समाज की अधिकृत भाट बही वंशावली के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को होना उल्लेखनीय है. ऐसे में गत वर्ष पहली बार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी 10 अप्रैल 2019 को बाबा रामदेव का जन्म उत्सव समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया. 

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रामदेवरा: जैसलमेर के रामदेवरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल चोरी के आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इस मामले में बाइक को भी जब्त किया है. पुलिस के अनुसार गत 22 मार्च को हुकमसिंह ने रिपोर्ट पेश की थी कि गत 21 मार्च को माध्यमिक विद्यालय में कार्यवश सुबह 10 बजे गया था. वहां से वापस 2:30 बजे निकलकर गाड़ी संभाली, तो वहां पर नही थी.

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पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की:
रामदेवरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. प्रकरण दर्ज होने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार बैरवा और वृत्ताधिकारी वृत पोकरण मोटाराम के निर्देशन में रामदेवरा थानाधिकारी दलपतसिंह के नेतृत्व में सहायक उप निदेशक नींबदान चारण, कांस्टेबल मांगीलाल विश्नोई व मघसिंह की टीम गठित की. इस दौरान मुखबिर की सूचना पर महेश पुत्र हठेसिंह भील निवासी जुनापानी, मध्यप्रदेश को बाप कस्बे से दस्तयाब कर पूछताछ की. पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार किया.

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प्रेमिका से मिलने आ रहा था शेखासर:
आरोपी अपनी प्रेमिका से मिलने गुना मध्यप्रदेश से शेखासर आ रहा था तथा रामदेवरा से शेखासर जाने के लिए कोई साधन नही होने से रामदेवरा में रेकी कर राईज माध्यमिक विधालय रामदेवरा के आगे से अध्यापक की मोटरसाइकिल चोरी कर शेखासर पहुंच गया. आरोपी को प्रेमिका के मां-बाप ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया व प्रकरण में चुराई गई मोटरसाइकिल पुलिस थाना बाप ने एमवी एक्ट में जब्त कर ली गई. आरोपी ने पुलिस को उक्त मोटरसाईकल अपनी होना बताया. इत्तला मिलने पर पुलिस थाना बाप से प्रकरण हाजा में चोरी गई मोटरसाइकिल जब्त कर थाना रामदेवरा लेकर आए. आरोपी से अन्य चोरी के प्रकरणों में भी पूछताछ जारी है.

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