बारिश के बाद जर्जर कक्षा कक्ष ढहा, बड़ा हादसा टला

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/08/20 04:28

बिसाऊ (झुंझुनूं)। बिसाऊ में संस्कृत प्रवेशिका विद्यालय का जर्जर कक्षा कक्ष बरसात के बाद ढह गया। इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानी नहीं हुई। स्थानीय वाशिंदों ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, "बारिश के आने से चार घंटे पूर्व विद्यालय में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे।अगर यह कक्षा कक्ष उस समय ढह जाता तो न जाने कितने बच्चों के साथ अनहोनी होती।" संस्कृत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण विद्यालय में बने 6 कमरे 10 साल से जर्जर हालत में है, उनकी मरम्मत करवाने के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य ने विभाग को कई बार पत्र भी लिखे है। जिसके बाद भी अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। सभी कक्षाओं की छत बरसात में टपकती है, जिससे बच्चों की छुट्टी होजाती है। धूप के कारण बच्चों की कक्षा नीम के पेड़ के नीचे जमीन पर या फिर कक्षाओं के आगे बने चबूतरे पर लगती है। इन जर्जर कक्षाओं की हालत देखकर अभिभावकों का कहना है कि, "अगर विभाग समय रहते कमरों की मरम्मत नहीं करवाता है, तो हम अपने बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छुड़वा लेंगे।" इस मामले में जब संस्कृत विभाग के मंत्री के ओएएस राजवीर सिंह चौहान को जानकारी दी, तो उन्होंने कहा कि, "इसमें मैं क्या कर सकता हूं?" ओएएस ने विद्यालय के स्टाफ के सिर पर ठीकरा फोडते हुए कमरा गिरने को उन्हें ही दोषी ठहराया। उन्हें बताया कि, "इसकी जानकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक को विभाग के उपनिदेशक चूरू व विभाग के जयपुर कार्यलय को देनी चाहिए थी। अगर कमरा गिरने के कगार पर था तो इसकी मरम्मत आदि के लिए अनुदान की मांग करते।" विद्यालय के कमरों की जर्जर हालत और जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे बच्चों की पीड़ा को उजागर करने के लिए 27 जुलाई को फर्स्ट इंडिया न्यूज ने खहर प्रसारित की थी।

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