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VIDEO: आरएसएस की पुष्कर में समन्वय बैठक संपन्न, एनआरसी, कश्मीर सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा 

VIDEO: आरएसएस की पुष्कर में समन्वय बैठक संपन्न, एनआरसी, कश्मीर सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा 

जयपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन के फैसलों को लेकर संतुष्ट है. अब आगामी दिनों में आरएसएस से जुड़े विभिन्न संगठन राष्ट्र सेवा के तहत सीमा क्षेत्रों में चल रहे कार्यों में तेजी तो लाएंगे ही, साथ ही महिला सशक्तिकरण व आदिवासियों के कल्याण के लिए चल रहे कार्यों को बढ़ाया जाएगा. 

दरअसल पुष्कर में चल रही तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक का आज समापन हो गया. दुनिया भर में प्रसिद्ध जगतपिता ब्रह्मा की तीर्थनगरी पुष्कर आरएसएस व उनसे जुड़े संगठनों के लोगों ने आपसी चर्चा में जो फैसले किये, उस दिशा में वर्षभर कार्य किये जायेंगे. आरएसएस की समन्वय बैठक पर खास रिपोर्ट:

195 अखिल भारतीय स्तर के पदाधिकारियों की मौजूदगी:
आरएसएस की और से सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होंसबोले का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक हर साल सितंबर महीने में होती है. इस बैठक में इस बार 210 प्रमुख अखिल भारतीय स्तर के पदाधिकारियों को बुलाया गया था, जिनमें से 195 अखिल भारतीय स्तर के पदाधिकारियों की मौजूदगी रही. आरएसएस का कहना है कि समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले तमाम स्वयंसेवकों की मौजूदगी रही, जिसमें राष्ट्र सेविका समिति की भी पदाधिकारी मौजूद रहीं. 

संपन्न राष्ट्र बनाने पर फोकस:
समन्वय बैठक में तमाम विभिन्न संगठनों के कार्य के विस्तार को लेकर चर्चा हुई. जिनमें हर एक संगठन के वर्ष भर के अनुभवों पर चर्चा की गई. आरएसएस का कहना है कि लंबे समय तक गुलामी में रहने के कारण समाज में जो कमियां आई है, उन कमियों को दूर करना होगा. हमें अपने पैरों पर खड़े रहना होगा और संपन्न राष्ट्र बनाने पर फोकस करना होगा. इसी कड़ी में आने वाली समस्याओं के निराकरण को लेकर संबंध में बैठक में चर्चा हुई है.

पुरानी शिक्षा नीति को लेकर असंतुष्ट:
देश की पुरानी शिक्षा नीति को लेकर भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संतुष्ट नहीं है. यही कारण है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही अपने विचार रखता है. आरएसएस का मानना है आधुनिकता के साथ क्वालिटी एजुकेशन हो और भारत में शिक्षा उसी स्तर पर पहुंचे जिस स्तर में एक समय में भारत का नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालयों के दौरान दुनिया में नाम था. 

बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं पर चिंता:
बैठक में  पिछले कई वर्षों में महिलाओं में जो असुरक्षा के भाव बढ़े हैं, उसको लेकर भी चिंता व्यक्त की गई और विभिन्न तरीके के सुझाव भी आए. छोटी बच्चियों के साथ बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सुझाव आए कि सरकारों के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है कि इन घटनाओं के विरोध में समाज को भी जागरूक जागरूक किया जाए. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिये. समाज को ठीक करना समाज ही नहीं सभी का धर्म है. 

पर्यावरण संरक्षण जागरूकता के लिए एक कार्यशाला:
बैठक में पर्यावरण के संदर्भ में भी जनजागरण पर चर्चा हुई. साथ ही पर्यावरण रक्षा व संवर्धन पर भी चर्चा हुई. इसी को लेकर संघ ने एक योजना बनाई है कि आगामी दिनों में देश के दो भागों में, जिनमें की आगरा और पुणे में एक-एक दिन की पर्यावरण संरक्षण जागरूकता के लिए एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी. जिसमें जागरूकता की अलख जगाने के लिए काम किया जाएगा. आरएसएस ने कहा है कि "पेड़ लगाओ प्लास्टिक छोड़ो पानी बचाओ". 

महिलाओं के सर्वे को लेकर भी मंत्रणा:
बैठक में संघ परिवार की 700 महिलाओं के सर्वे को लेकर भी मंत्रणा हुई. इन 700 महिलाओं ने 43000 से ज्यादा महिलाओं को लेकर सर्वेक्षण किया है, जिनमें महिलाओं के अलग-अलग तरह से आर्थिक और शैक्षिक स्तर पर सर्वे किया गया है. इस सर्वे की रिपोर्ट को 24 सितंबर को दिल्ली में रिलीज किया जाएगा. 

सीमा सुरक्षा पर भी चर्चा:
सीमा क्षेत्र के तहत जलीय व थल सीमा सुरक्षा पर भी चर्चा की गई. संघ ने तय किया है कि सीमा क्षेत्रों पर विकास की दृष्टि से और भी ज्यादा काम किया जाएगा. आरएसएस की दलील है कि सीमा पर राष्ट्र विरोधी गतिविधियां चलती रहती है, जिनमें की जाली नोट व नशीले पदार्थ जैसी समस्याएं भी है. मतान्तरण होना भी सीमा पर तेजी से जारी रहता है, जिनमें ईसाईकरण और मुस्लिमकरण होता है. संघ का मानना है कि सीमा पर सुरक्षा के लिए सभी की महत्वपूर्ण भूमिका हो इस और काम करने की आवश्यकता है. 

मतांतरण को रोकना भी एक चुनौती:
भारत में जनजाति क्षेत्र सर्वाधिक है, 8 से 10 करोड़ जनजातियों के लोग भारत में रहते हैं और जनजातियों के मतांतरण को रोकना भी एक चुनौती है. मुस्लिमकरण और ईसाईकरण जैसी समस्या पर चर्चा हुई. इस संबंध में बैठक के दौरान देश के मध्य क्षेत्र के आदिवासियों के कल्याण के लिए संघ द्वारा चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर प्रजेंटेशन भी दिया गया. आज भी मतांतरण होता है, जिस पर बैठक में चर्चा हुई. बैठक में नक्सलवाद जैसे मुद्दे भी आये. साथ ही आरएसएस का मानना है कि केंद्र सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद में कमी भी आई है. आरएसएस की इस बैठक में मदरसों को लेकर भी बातचीत हुई है, इसे लेकर कुछ सुझाव भी आए हैं. आरएसएस का मानना है कि मुस्लिम भी बहुत सारे राष्ट्रभक्त हैं, साथ ही आरएसएस ने उत्तर प्रदेश सरकार के मदरसों में तिरंगे को लेकर लिए गए फैसले की भी सराहना की है. 

कश्मीर पर फैसले को लेकर सराहना:
समन्वय बैठक में केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 और 35a के फैसले को लेकर सराहना हुई. इसे एक ऐतिहासिक फैसला बताया. वहीं केंद्र सरकार के द्वारा जम्मू कश्मीर में शांति व्यवस्था के लिए लिए गए फैसलों को लेकर आरएसएस पूरी तरह से संतुष्ट है और केंद्र सरकार की सराहना भी करता है. आरएसएस का कहना है कि जम्मू कश्मीर में संघ कार्य कई वर्षों से चलता आया है. जिन नेताओं को नजरबंद किया गया, वह भी राष्ट्र हित में लिया गया फैसला था. वह नेता जनता को उकसाये नहीं, इसलिए यह फैसला लिया गया था. आरएसएस की दलील है कि केंद्र सरकार ने दूसरे कार्यकाल के 100 दिन में भी बहुत अच्छे फैसले लिए हैं, इससे पूर्व में अच्छे कार्य और अच्छे फैसले लिए इसीलिए केंद्र में दोबारा सरकार बनी है।

हिंसा का संघ समर्थन नहीं करता:
मोबलीचिंग से जुड़े सवाल पर जवाब देते हुए आरएसएस ने यह भी कहा कि समाज में किसी भी प्रकार की हिंसा का संघ समर्थन नहीं करता है. बांग्लादेश के घुसपैठियों के पास कई तरीके के डाक्यूमेंट्स आ चुके हैं, जिसको लेकर आरएसएस का मानना है कि स्थानीय स्तर पर नेताओं और अन्य लोगों के सहयोग से ऐसा हुआ था, लेकिन केंद्र घुसपैठियों वाली समस्या का निराकरण कर रहा है. सरकार को आगे कार्रवाई करनी चाहिए. हालांकि घुसपैठियों को लेकर रिपोर्ट बनाई गई है उसमें कुछ कमियां है, उन्हें दूर भी किया जाना चाहिए. 

जारी रहना चाहिए आरक्षण:
आरक्षण को लेकर पत्रकारों के द्वारा किए गए सवाल के जवाब में आरएसएस की तरफ से दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि समाज में जब तक छुआछूत व असमानता है, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए. आरक्षण ले रहा वर्ग जब तक चाहेगा, आरक्षण जारी रहना चाहिए. प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा आप अपने शब्द मेरे मुंह मे मत डालिए. दत्तात्रेय ने कहा समीक्षा जब होगी, तब होगी मगर आज आरक्षण की आवश्यक्ता है. मन्दिर, कुआ और शमशान में भेदभाव नहीं होना चाहिए. 

नहीं हुआ कोई रेजोल्यूशन पास:
हालांकि इस अखिल भारतीय समन्वय बैठक को लेकर आरएसएस पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि इसमें किसी तरीके का कोई रेजोल्यूशन पास नहीं किया जाएगा. इसमें आरएसएस से जुड़े विभिन्न संगठन चर्चा करेंगे और अपनी अपनी राय देंगे, लेकिन एक बात तय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आगामी दिनों में राष्ट्र सुरक्षा व महिला सशक्तिकरण को लेकर भी पर्यावरण संरक्षण की तर्ज पर काम करेगा. 

... संवाददाता ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

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जयपुर: राजस्थान के डिप्टी CM सचिन पायलट ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखा है. पायलट ने केन्द्र से मांग रखी है कि राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर चल रहा है और मौसम विभाग ने भी 27 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. इस भीषण गर्मी में मनरेगा श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये उनके निर्धारित कार्य समय एवं टास्क में कमी की जाये जिससे श्रमिक लगभग सुबह 11 बजे तक कार्य पूर्ण कर घर लौट सके.

प्रवासियों ने बढ़ाई उदयपुर की मुसिबत, नए पॉजिटिव आने के बाद झाडोल और चावण्ड में लगाया कर्फ्यू 

भीषण गर्मी को देखते हुए कार्यस्थल पर मिले आवश्यक सुविधाएं: 
पायलट ने कहा कि मनरेगा के तहत निर्धारित कार्य समय से पूर्व यदि कोई श्रमिक या श्रमिक समूह निर्धारित टास्क पूर्ण कर लेता है तो वह कार्य की माप मस्टरोल में अंकित करवाकर कार्यस्थल छोड सकता है. पायलट ने किसी भी श्रमिक को टास्क पूर्ण करने के बाद अनावश्यक रूप से कार्यस्थल पर नहीं रोकने के निर्देश दिए. साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए मनरेगा कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल, छाया, मेडिकल किट, ओ.आर.एस. घोल, बच्चों के लिए पालने आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिये है.

श्रमिकों के लिए मनरेगा योजना वरदान साबित:
उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि देश के अन्य राज्यों से रोजगार के अभाव में प्रदेश में लौटे श्रमिकों तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार से वंचित श्रमिकों के लिए मनरेगा योजना वरदान साबित हो रही हैं. उन्होंने बताया कि 30 मई को वर्ष 2019-20 में प्रदेश में जहां 33.02 लाख श्रमिक नियोजित थे वहीं इस वर्ष 42.80 लाख श्रमिक नियोजित हुए हैं. इस प्रकार मनरेगा योजना के तहत इस वर्ष लगभग दस लाख अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है. विभिन्न राज्यों से लौटे 1.77 लाख प्रवासी श्रमिकों के जॉब कार्ड भी जारी किये जा चुके हैं.

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जयपुर: कोरोना महामारी के बची मार्च माह में स्थगित की गयी 10 वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाओं को ओर अधिक समय के लिए स्थगित करने से राजस्थान हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है. पब्लिक अगेस्ट करप्शन संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश् इन्द्रजीत महांति और जस्टिस सतीश शर्मा की खण्डपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिये है कि वो केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा जारी कि गयी गाईडलाईन की सख्ती से पालना कराते हुए परीक्षाओं का आयोजन कराये. गौरतलब है एडवोकेट पूनमचंद भण्डारी ने पब्लिक अगेस्ट करप्शन संस्था की ओर से जनहित याचिका दायर करते हुए राज्य में कोरोना वायरस के बढते संक्रमण के चलते आरबीएसई और सीबीएसई की 10 और 12 वी की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित करने की गुहार लगायी थी. याचिका में कहा गया कि प्रदेशभर में अगर 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं कराई जाती है तो इससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा. संस्था की ओर से अधिवक्तता पूनमचंद भंडारी, टीएन शर्मा और अन्य अधिवक्ताओं ने पैरवी की.

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25 लाख स्टूडेंट्स और 2 लाख स्टाफ होगा शामिल:
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जून माह में होगी बोर्ड परीक्षाएं:
राज्य में माध्यमिक शिक्षा की ओर से 10 वीं और 12वीं की बची हुई बोर्ड परीक्षाएं जून में ही होंगी. शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारीया शुरू कर दी है. शुक्रवार केा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित की गई 10वीं और 12वीं परीक्षाओं को कराने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं. सभी परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों और अध्यापकों द्वारा मास्क तथा सेनिटाइजर के उपयोग की अनिवार्यता सुनिश्चित की जायेगी.  
 

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जयपुर: कोरोना महामारी के चलते प्रभावित हुआ फ्लाइट्स का संचालन गति नहीं पकड़ पा रहा है. 25 मई को जयपुर एयरपोर्ट से 8 फ्लाइट्स के संचालन के साथ हवाई सेवा की शुरुआत हुई थी. उम्मीद की जा रही थी कि आगामी दिनों में यात्री भार बढ़ेगा और फ्लाइट के संचालन की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी. लेकिन आज छठे दिन भी पहले दिन जैसे हालात नजर आ रहे हैं. आज भी जयपुर एयरपोर्ट से मात्र 8 फ्लाइट संचालित हो रही हैं और कुल 20 फ्लाइट के शेड्यूल में से 12 फ्लाइट रद्द कर दी गई हैं. सबसे ज्यादा 6 फ्लाइट स्पाइसजेट एयरलाइन की रद्द हुई हैं. इसके अलावा तीन फ्लाइट इंडिगो एयरलाइन ने रद्द की हैं.

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स्पाइसजेट ने अमृतसर के लिए और इंडिगो ने मुंबई के लिए वे फ्लाइट रद्द कर दी:  
स्पाइसजेट ने अमृतसर के लिए और इंडिगो ने मुंबई के लिए वे फ्लाइट रद्द कर दी हैं, जिनके लिए टिकट बुकिंग भी की जा चुकी थी. एयर इंडिया ने शेड्यूल में दी हुई आगरा की फ्लाइट एक भी दिन संचालित नहीं की है. वहीं आज एयर एशिया ने पुणे और बेंगलुरु की दो फ्लाइट रद्द कर दी. आपको बता दें कि अब तक की सर्वाधिक फ्लाइट 26 मई को संचालित हुई थी. 26 मई को कुल 11 फ्लाइट का संचालन किया गया था. 

ये 12 फ्लाइट आज रद्द: 
- स्पाइसजेट की सुबह 5:45 बजे सूरत जाने वाली फ्लाइट SG-2763 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 7:20 बजे जालंधर जाने वाली फ्लाइट SG-2750 हुई रद्द
- इंडिगो की सुबह 6:40 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट 6E-218 हुई रद्द
- एयर इंडिया की सुबह 7:35 बजे आगरा जाने वाली फ्लाइट 9I-687 हुई रद्द
- इंडिगो की दोपहर 12:45 बजे बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट 6E-498 हुई रद्द
- इंडिगो की शाम 4:45 बजे कोलकाता जाने वाली फ्लाइट 6E-6156 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 8 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट SG-279 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 9:45 बजे उदयपुर जाने वाली फ्लाइट SG-6632 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 11:15 बजे अमृतसर जाने वाली फ्लाइट SG-3522 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की दोपहर 2:15 बजे गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट SG-448 हुई रद्द
- एयर एशिया की सुबह 9:15 बजे बेंगलूरु जाने वाली फ्लाइट I5-1721 हुई रद्द
- एयर एशिया की शाम 5:15 बजे पुणे जाने वाली फ्लाइट I5-1427 हुई रद्द

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...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

सेहत के लिए रामबाण है प्याज का सेवन, बढ़ाता है इम्यून पावर

 सेहत के लिए रामबाण है प्याज का सेवन, बढ़ाता है इम्यून पावर

जयपुर: खाने में जब तक प्याज का इस्तेमाल हो तब तक मजा नहीं आता. अधिकतर घरों में प्याज का इस्तेमाल किया जाता है. अक्सर प्याज के मंहगे दाम खबरों में भी छाए रहते हैं. प्याज ने सरकारें गिराई और बनाई भी हैं. ऐसे में आज सोच सकते हैं कि प्याज कितना महत्वपूर्ण है. प्याज में पाए जाने वाले औषधीय गुण की वजह से इसका सेवन कई सालों से किया जा रहा है. कई डॉक्टर्स गर्मियों के मौसम में लू से बचने के लिए  प्याज खाने की भी सलाह देते हैं. तो आइए जानते हैं कि वाकई प्याद कितनी फायदेमंद है...

राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक हाईकोर्ट में तलब, 8 माह पूर्व पकड़े गये एक ट्रक से जुड़ा पूरा मामला 

- प्याज का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होती है. इससे शरीर को जल्दी बीमार होने नहीं देते हैं और सर्दी-जुकाम की समस्या से भी निजात दिलाने में मददगार होता है.

- प्याज गर्मियों में चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से बचाती है. कच्चा प्याज खाने से लू नहीं लगती. अगर लू लग जाए तो प्याज का रस पैर के तलवे में लगाने और प्याज का जूस पीने से आराम मिलता है.

-  प्याज में एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं, इसलिए इसके इस्तेमाल से विभिन्न प्रकार के कैंसर से बचा जा सकता है.

- गर्मियों में अक्सर नाक से खून आने की समस्या होती है. अगर नाक से खून आए तो प्याज के रस की कुछ बूंदें डालने से खून आना बंद हो जाता है.

- अगर चेहरे पर मुहासे हैं तो जैतून के तेल में प्याज का रस मिलाकर लगाने से मुहासे कम हो जाते हैं.

- सर्दी, खांसी और बुखार में प्याज का रस और शहद मिलाकर पीना चाहिए.

-  पीरियड शुरु होने से पहले खाने में रोज कच्चा प्याज खाने से पीरियड के वक्त होनी वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है.

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जयपुर: सभी वैध दस्तावेजों के साथ लकड़ियों का परिवहन कर रहे एक दस पहिया ट्रक को सीज करने के मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद चिड़ावा रैंजर कोर्ट में पेश नहीं हुए. यही नहीं 27 जून 2019 को सीज किये गये ट्रक को 11 माह बाद भी रिहा नही करने पर कोर्ट ने राज्य के प्रधान मुख्य वन सरंक्षक को तलब किया है. राजकीय अधिवकता एन एस गुर्जर को अदालत ने आदेश दिये है कि वो प्रधान मुख्य वन सरंक्षक को 8 जून को कोर्ट में पेश करे.

सचिवालय में आज हर भवन का किया सेनेटाइजेशन, वार रूम के 1 अधिकारी आया था कोरोना पॉजिटिव 

यह आदेश जस्टिस प्रकाश गुप्ता की एकलपीठ ने ट्रक मालिक रनवीर की ओर से दायर याचिका पर दिये है. एडवोकेट पुष्पेन्द्र पाण्डे ने अदालत को बताया कि जिस वक्त ट्रक को सीज किया गया उस समय ट्रक ड्राइ्रवर के पास ट्रक में लोडेड 15 टन लकडियों के खरीद बिल, बिल्टी, ईवे बिल, कार्गो मूवर्स का बिल के साथ वाहन के सभी वैध दस्तावेज मौजुद थे. इसके बावजूद ट्रक को सीज किया गया जिसे 11 माह बाद भी रिलीज नही किया गया है.

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अदालत ने पूर्व सुनवाई के दौरान चिड़ावा रैंजर मोहरसिंह को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिये थे. जिस पर राजकीय अधिवक्ता ने अदालत केा बताया कि उन्हे सूचित किया गया था लेकिन वे समय पर नही पहुंच पाये हैं. बहस सुनने के बाद अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के प्रधान मुख्य वन सरंक्षक को कोर्ट में पेश होकर जवाब देने के आदेश दिये है. 

सचिवालय में आज हर भवन का किया सेनेटाइजेशन, वार रूम के 1 अधिकारी आया था कोरोना पॉजिटिव

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जयपुर: सचिवालय में आज हर भवन का सेनेटाइजेशन किया गया. इसके लिए आज सुबह से ही नगर निगम की दमकल गाड़ियां बुलाकर सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव कराया गया. साथ ही कक्षों को भी सैनिटाइज्ड किया गया. कल चतुर्थ श्रेणी कर्मी की कोरोना पॉजिटिव मां की मौत व वार रूम के 1 अधिकारी के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चलने के बाद कर्मचारियों का डर दूर करने के लिए यह सुरक्षात्मक एहतियाती कदम उठाया गया है. 

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भवनों में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव कराया गया: 
सुरक्षा अधिकारी प्रदीप गोयल पंजीयक प्रेम नारायण सेन और नोडल अधिकारी शंकर शर्मा की पहल पर आज नगर निगम से गाड़ियां मंगा कर सचिवालय के भवनों में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव कराया गया. साथ ही कक्षों को सैनिटाइज्ड किया गया. दरअसल कल एस एस ओ भवन में काम कर रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मां की मौत हो गई थी. बाद में जांच रिपोर्ट में मृतका के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला.  इसके बाद एस एस भवन की दूसरी मंजिल को पूरा सील कर दिया गया और सिंचित  क्षेत्र विकास के 17 कर्मचारियों को होम क्वॉरेंटाइन कर दिया गया था. वहीं वार रूम में भी एक अधिकारी के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला है. 

सचिवालय कर्मचारियों में भय का माहौल: 
इससे पूर्व सचिवालय के कोरोना पॉजिटिव एक कर्मचारी की मौत हो गई थी. इस सबके बीच सचिवालय कर्मचारियों में भय का माहौल है. यही डर समाप्त करने और विश्वास कायम करने के लिए पूरे सचिवालय में आज सेनेटाइजेशन कराया गया. इससे पहले भी तीन बार सचिवालय में सेनेटाइजेशन कराया गया था. यह घटनाएं सामने आने के बाद कई आईएएस अधिकारी भी सकते में हैं.

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अधिकारी और कर्मचारी लगातार सुरक्षा उपकरणों की मांग कर रहे:
उधर सचिवालय में काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी लगातार सुरक्षा उपकरणों की मांग कर रहे हैं. कल भी अधिकारी संघ अध्यक्ष मेघराज पवार ने स्वागत कक्ष में  थर्मल स्केनर और सेनेटाइजर की व्यवस्था करने की मांग की. इसके साथ ही सचिवालय कर्मचारियों को N95 मास्क और अन्य सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई. उधर कल सील की गई एस एस ओ भवन की दूसरी मंजिल में स्थित  5 विभागों पर्यटन, स्टेट इंश्योरेंस, ARD, सिंचाई विभाग के दफ्तरों में कामकाज प्रभावित हुआ है. वहीं कल जिन चतुर्थ श्रेणी कर्मी की मां की मौत हुई उस कर्मी और परिवार के सारे सदस्यों की आज सैंपलिंग की गई है. 

...ऋतुराज शर्मा फर्स्ट इंडिया न्यूज़ जयपुर

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में 49 पॉजिटिव मामले आए सामने, सर्वाधिक 8-8 केस कोटा-उदयपुर और चूरू में आए सामने

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जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है. पिछले 12 घंटे में प्रदेश में 49 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. इसमें सर्वाधिक 8-8 केस कोटा-उदयपुर और चूरू में सामने आए. इसके अलावा बारां में एक, बाड़मेर में चार, भरतपुर में दो, भीलवाड़ा में तीन, धौलपुर में तीन, गंगानगर-हनुमानगढ़ में एक-एक केस, जयपुर में 2, झालावाड़ में 3, झुंझुझूं में 2 और करौली में 3 केस सामने आए हैं. ऐसे में प्रदेश में अब पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ बढ़कर 8414 पहुंच गया है. 

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राजस्थान में 2939 कोरोना के एक्टिव केस:  
वहीं पिछले 12 घंटे में जयपुर में एक कोरोना संक्रमित मरीज ने दम भी तोड़ा है. ऐसे में राजस्थान में अब कोरोना से मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 185 पहुंच गई है. हालांकि राहतभरी खबर यह है कि अब तक 5290 केस पॉजिटिव से नेगेटिव भी हुए हैं. इनमें से 4585 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. ऐसे में अब राजस्थान में 2939 कोरोना के एक्टिव केस है. इनमें से 2349 प्रवासी राजस्थानी है. 

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शुक्रवार को 298 नए पॉजिटिव केस सामने आये: 
इससे पहले शुक्रवार को पिछले 24 घंटे में 4 मरीजों की कोरोना से मौत हो गई. जबकि 298 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. जयपुर में 3, झुंझुनूं में एक मरीज की मौत हो गई. जोधपुर में फिर सामने आए सर्वाधिक 67 पॉजिटिव केस, अजमेर में 13, अलवर में 2, भरतपुर में 45, भीलवाड़ा में एक, बीकानेर में दो, चित्तौड़गढ़ में एक, चूरू में 6, धौलपुर में 5, डूंगरपुर में 6, हनुमानगढ़ में 5, जयपुर में 23, जैसलमेर में चार, झुंझुनूं में 12, झालावाड़ में 42, कोटा में 17, नागौर में 19, पाली में 1, सीकर में 13, सिरोही में 5, उदयपुर में 9 पॉजिटिव केस सामने आये है. 

जून माह में 25 हजार किसानों को उपज रहन ऋण योजना से जोड़ने का लक्ष्य, फसल रहन ऋण के लिए 5500 ग्राम सेवा सहकारी समितियां को दी पात्रता

जून माह में 25 हजार किसानों को उपज रहन ऋण योजना से जोड़ने का लक्ष्य, फसल रहन ऋण के लिए 5500 ग्राम सेवा सहकारी समितियां को दी पात्रता

जयपुर: 1 जून से शुरू हो रही उपज रहन ऋण योजना के तहत जून माह में राज्य के 25 हजार किसानों को जोड़कर लाभ प्रदान किया जायेगा. राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से किसानों के उपज बेचान से जुड़े हितों की सुरक्षा सम्भव हो सके. उन्होंने कहा कि योजना में पात्र समितियों का दायरा बढ़ाकर इसे 5500 से अधिक किया गया है ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सके. 

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किसान को उसकी उपज का 70 प्रतिशत ऋण मिलेगा:
आज सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव और रजिस्ट्रार नरेश पाल गंगवार पंत कृषि भवन में उपज रहन ऋण योजना, फसली ऋण वितरण एवं अन्य संबंधित बिन्दुओं पर जिलों में पदस्थापित सहकारिता के अधिकारियों एवं व्यवस्थापकों को विडियों काफ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमान्त किसानों को 1.50 लाख रूपये एवं बड़े किसानों को 3 लाख रूपये रहन ऋण के रूप में देने के लिए योजना जारी की है. इसमें किसान को उसकी उपज का 70 प्रतिशत ऋण मिलेगा. किसान बाजार में अच्छे भाव आने पर अपनी फसल को बेच सकता है. यह योजना किसान की तात्कालिक वित्तीय आवश्यकता को पूरी करने तथा कम दामों में फसल बेचने की मजबूरी में मददगार साबित होगी. 

कार्मिकों के लिए आयेगी प्रोत्साहन स्कीम:
प्रमुख सचिव ने कहा कि राजस्थान की यह योजना भारत में सबसे कम ब्याज दर 3 प्रतिशत पर किसान को रहन ऋण देने की विशेष पहल है. जो किसानों एवं समितियों की आय में वृद्धि करेगी. उन्होंने निर्देश दिये कि सहकारी समितियां अपने आस-पास के गोदामों को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक किसानों को उपज रहन ऋण देकर उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करें. योजना में अच्छे कार्य करने वाली समितियों के कार्मिकों के लिए शीघ्र ही एपेक्स बैंक द्वारा प्रोत्साहन स्कीम जारी की जायेगी. 

4.44 लाख मै.टन सरसों एवं चना की हुई खरीद: 
गंगवार ने कहा कि कोविड-19 महामारी में केवीएसएस एवं जीएसएस घोषित गौण मण्डियां बहुत अच्छे से कार्य कर रही है और 427 गौण मण्डियां ओपरेशनल होकर किसानों को अपने खेत के नजदीक ही उपज बेचान की सुविधा दे रही है. उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीद में जीएसएस को जोड़ने से किसानों को अपने नजदीकी उपज बेचान की सुविधा मिलने से खरीद कार्य में गति आयी है. जो खरीद पहले 58 दिन में होती थी, आज वह 26 दिन में ही पूरी हो रही है तथा किसानों के खाते में तीन से चार दिन में भुगतान भी हो रहा है. 27 मई तक 1 लाख 76 हजार 434 किसानों से 4 लाख 44 हजार 628 मै.टन सरसों एवं चना की खरीद हो चुकी है, जिसकी राशि 2 हजार 64 करोड़ रूपये है. इसमें से 1 हजार 723 करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को हो चुका है. 

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4295 करोड़ रूपये फसली ऋण का हुआ वितरण: 
राज्य के 13 लाख 18 हजार 177 किसानों को 4 हजार 295 करोड़ रूपये का सहकारी फसली ऋण का वितरण हो चुका है. उन्होंने भरतपुर, जैसलमेर, हनुमानगढ़, बारां एवं जालौर जिलों में ऋण वितरण की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि संबंधित जिले इस कार्य में गति लाये और शीघ्र फसली ऋण वितरण करे. गंगवार ने कहा कि हमारी मंशा है कि ग्राम सेवा सहकारी समिति को किसान की समस्या समाधान एवं सुविधाओं के लिए सिंगल विड़ों के रूप में विकसित किया जाये. 
 

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