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पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना में भ्रष्ट्राचार की शिकायत

पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना में भ्रष्ट्राचार की शिकायत

रानीवाड़ा(जालोर)। दिनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत बीपीएल परिवारों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन देने का प्रावधान मौजूदा सरकार ने कर रखा है। इसी बीच कोई ढ़ाणी बीच में आ रही हो तो उसे भी एक तय राशि चुकाकर कनेक्शन किया जा सकता है। इस योजना में भारी करेप्शन की बू आने लगी है। कहने के लिए तो इस योजना के लिए अलग से बिजली बोर्ड का सिस्टम तैयार किया गया है। पर पूरा कार्य ठेकेदार के जिम्मे होने से करेप्शन ज्यादा होने की खबर मिल रही है। 

ताजा जानकारी हम आपको हर्षवाड़ा गांव की देने जा रहे है। जहां गांव में 3 बीपीएल और उसके कैचमेंट क्षेत्र में आ रही 3 ओर ढ़ाणियों को बिजली कनेक्शन से नियमानुसार जोड़ा गया। हर्षवाड़ा निवासी माधुपुरी पुत्र प्रभुपुरी, उमाराम पुत्र तलसाराम, समूदेवी पत्नि ओखाराम, रायमाराम पुत्र भूराराम, रायमाराम पुत्र तोलाराम, गोकलाराम पुत्र नेथीराम ने बताया कि 20 दिनों तक हमारी ढ़ाणियां रोशनी से सराबोर रही।बाद में, ठेकेदार के कर्मचारी गौरवकुमार के साथ आए उनकी ढाणियों में आए और रिश्वत की मांगनी करने लगे। रिश्वत नही देने पर उन्होंने विद्युत तार व टान्सफार्मर खोल दिए। बाद में विद्युत पोल भी उखाड कर ले गए। 

आज उनकी ढ़ाणियों में विरानी छायी हुई है। 6 ढ़ाणियों में अंधेरा साया हुआ है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आगे दिपावली होने के बावजूद उनके घरों में प्रकाश की जगह अंधेरे का कब्जा है। बाकायदा, नियमानुसार विद्युत कनेक्शन लेने के बावजूद उनके साथ ठेकेदारों ने अन्याय किया है। आज ‘ परिवार इस समस्या से परेशान है।

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हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भरा गुरू मेड़की नाथ का मेला, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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रानीवाड़ा(जालोर): उपखण्ड क्षेत्र का सबसे प्रसीद्ध बोरतड़ा पहाड़ी पर स्थित गुरू मेड़कीनाथ का हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला भरा है. हजारों की संख्या में मेले में सवेरे से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहाड़ी की चौटी पर चढऩे शुरू हो गए थे. दोपहर तक इतनी जबरदस्त भीड़ थी कि सीढिय़ों पर चलने के लिए जगह ही नहीं बची. गुरूमेड़कीनाथ के मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालु गुरूमेड़कीनाथ के जयकारे लगा रहे थे. मेड़कीनाथ के प्रति इतनी श्रद्धा की महिलाओं छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर दर्शन के लिए पहाड़ी की चढ़ाई कर रही थी.  

मेले में व्यवस्था के लिए पुलिस के जवान भी तैनात रहे: 
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहाड़ी के ऊपर पानी की भी माकूम व्यवस्था की हुई थी. पहाड़ी की तलहटी पर लगाई गई विभिन्न दुकानों पर श्रद्धालुओं खरीददार कर रहे थे. पहाड़ी के चोटी पर मेड़कीनाथ मंदिर के पास ही एक धर्मशाला में राजभारती मठ के मठाधीश महन्त लहरभारती महाराज मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रवचन दे रहे थे. मेले में व्यवस्था के लिए रानीवाड़ा थाने के पुलिस के जवान भी तैनात रहे. 

पर्यटक स्थल से कम नहीं मेड़कीनाथ धाम:
जालोर जिले के बडग़ांव के समीप बोरतड़ा पहाड़ स्थित प्राकृतिक छटाओं में आच्छादित गुरू मेड़कीनाथ धाम किसी पर्यटक स्थल से कम नहीं है. किसानों व पशुपालकों समेत आसपास के गांवों के वाशिंदों में इस धाम के प्रति गहरी आस्था बनी हुई हैं. बडगांव बस स्टेण्ड से करीब डाई किलोमीटर दुर एवं करीब तीन किलोमीटर ऊंचाई पर पहाड़ पर प्राचीनकाल में गुरू मेड़कीनाथ ने गुफा में तपस्या की थी. कालांतर में यह स्थल गुरू मेड़कीनाथ धाम व मेड़कीनाथ महादेव मंदिर के नाम से विख्यात हुआ. करीब 25 वर्ष पहले आबूगोड़ के तपोनिष्ठ करणभारती महाराज इस धाम पर पहुंचे. धूणी लगाकर तपस्या की. उनके ब्रह्मलीन होने के बाद सिरोही स्थित रेवानाथ अखाड़ा के महंत  एवं आबूराज संत सेवा मंडल के सचिव लहरभारती महाराज गादीनशीन हुए.

गुफा स्थल समेत पूरे परिसर को विस्तृत रूप प्रदान किया:  
उन्होंने बताया कि जिस गुफा में गुरू मेड़कीनाथ ने तपस्या की थी, वह स्थान काफी गहरा व संकड़ा था. दर्शन के लिए एक समय में एक व्यक्ति ही अंदर जा सकता था. करीब पच्चीस वर्षो की तपस्या के दौरान महन्त कारणभारती ने गुफा स्थल समेत पूरे परिसर को विस्तृत रूप प्रदान किया.


 

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