RCA के चुनाव को लेकर असमंजस जारी, दोनों ही गुट अपनी अपनी ताकत का अंदाजा लगाने में जुटे

Naresh Sharma Published Date 2019/09/23 08:39

जयपुर: राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव को लेकर असमंजस अभी जारी है, लेकिन इस बीच दोनों ही गुट अपनी अपनी ताकत का अंदाजा लगाने में जुटे हुए हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे व कांग्रेसी नेता वैभव गहलोत के सामने पिछले 8 दिन में दूसरी बार जिला संघों की परेड कराई गयी है. इस परेड के माध्यम से सीपी जोशी और वैभव गहलोत ने क्रिकेट में अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की है, लेकिन वोटों की मौजूदा स्थिति के अनुसार दो पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों सलीम दुर्रानी और गगन खोड़ा का वोट निर्णायक रहेगा. स्थिति को भांपते हुए सीपी जोशी ने रविवार को सलीम दुर्रानी को भी जयपुर बुला लिया और वैभव गहलोत से मुलाकात करा दी. 

वैभव के सामने 8 दिन में दूसरी बार परेड: 
सीपी जोशी समर्थक जिला संघों की वैभव गहलोत के सामने रविवार को पिछले 8 दिनों में दूसरी बार परेड हुई है. इससे पहले 15 सितंबर को महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी के रेस्टोरेंट में सम्मान समारोह के नाम पर वैभव गहलोत के सामने जिला संघों को लाया गया था. पिछले तीन-चार दिन से सीपी व मोदी गुट के बीच समझौते की मीटिंग चल रही थी. इन खबरों के कारण जिला संघों में असमंजस की स्थिति बन गई थी. इस कारण से सीपी जोशी गुट के जिला संघों की रविवार को आरसीए एकेडमी है अनौपचारिक बैठक बुलाई गई. इसके बाद सीपी जोशी के घर पर वैभव गहलोत पहुंचे और दोनों ने एक-एक जिला संघ के सचिव से बंद कमरे में मुलाकात करके चुनाव की रणनीति बनाई. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिन जिला संघों को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं है, रविवार को उनमें से 10 जिला संघ के सचिव वैभव से मिले. अन्य जिलो के लोग भी वैभव से मुलाकात करने के लिए पहुंचे, लेकिन इनका वोटर लिस्ट में नाम अभी विवाद की स्थिति में है. कुछ ऐसे प्रतिनिधि भी वैभव से मिले जिनका नाम खुद सीपी जोशी द्वारा जारी वोटर लिस्ट में नहीं है. डूंगरपुर, पाली व सवाई माधोपुर ऐसे जिले है. हनुमानगढ़ का मामला भी ऐसा है. 

दुर्रानी व गगन खोड़ा होंगे निर्णायक
रविवार को दूसरी बार हुई परेड के बाद लगभग यह तय हो गया है कि सलीम दुर्रानी और गगन खोड़ा आरसीए चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं. दरअसल 10 निर्विवादित जिला सचिव तो खुलकर कर वैभव से मिले थे, लेकिन 5-6 ऐसे है, जिन्होंने फिलहाल दूरी बना रखी है. हालांकि यह भी तय है कि वैभव के चुनाव लड़ने पर ये वैभव को वोट देंगे. पूरे पैनल को वोट दे यह तय नहीं. पिछले चुनाव में भी ऐसा हुआ था. कुछ वोटर ऐसे हैं जिनका भविष्य कोर्ट या चुनाव अधिकारी तय करेंगे. इनका भविष्य तय होने के बाद आरसीए चुनाव की तस्वीर अलग हो सकती है. 

बन्द कमरे में मुलाकात की सीपी व वैभव ने: 
वैभव गहलोत व सीपी जोशी ने रविवार को जिला सचिव से बंद कमरे में एक-एक करके मुलाकात की. उनसे चुनाव की रणनीति और पैनल के बारे में चर्चा की. सीपी जोशी ने इन जिला संघों के पदाधिकारियों का वैभव से परिचय कराया. दरअसल कई जिला पदाधिकारी ग्रुप में अपने मन की बात नहीं कर पा रहे थे, ऐसे में जिला संघों की मन की बात सुनने के लिए सीपी व वैभव ने एक-एक करके मुलाकात की. अधिकांश जिला संघों ने सीपी व वैभव को यह जरूर स्पष्ट कर दिया कि मोदी गुट से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा. 

अब bcci पर टिकी है निगाहें: 
उधर rca के चुनाव को लेकर अब सभी की नजरें बीसीसीआई के फैसले पर टिकी है. दरअसल बीसीसीआई द्वारा नियुक्त चुनाव अधिकारी टीएस कृष्णमूर्ति 20 सितंबर को ही चुनाव प्रक्रिया बीच में छोड़कर चले गए थे इसके बाद से अब चुनाव को लेकर असमंजस है, हालांकि चुनाव की तारीख 27 सितंबर तय की गई है. इस बीच सीपी जोशी ग्रुप ने बीसीसीआई व सीओए को पत्र लिखकर नया चुनाव अधिकारी व ऑब्जर्वर भेजने के लिए कहा है. साथ ही रजिस्टर सहकारिता को भी इस बारे में पत्र लिखा है. ऐसे में अब सोमवार को चुनाव अधिकारी व आब्जर्वर के बारे में फैसला होने की संभावना है. हालांकि सीपी जोशी गुट का कहना है कि चुनाव पर 27 सितंबर को ही होंगे.  

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