VIDEO: स्वाइन फ्लू के बाद मौत बनकर उभरा कांगो फीवर और स्क्रब टाइफस

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/12 08:30

जोधपुर: प्रदेश के दूसरे बडे जिले जोधपुर में कांगो फीवर के दस्तक देने के बाद जिस तरह पहले चौखा और बाद में बोरूंदा इलाके में संदिग्ध मरीजों के सामने आने से जहां चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ गई है, वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से बराबर इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है और तमाम एजेंसियां सक्रिय होकर संदिग्धों की जान बचाने की कोशिशों में जुटी हुई है. 

चिकित्सक व नर्सिंग कर्मी भी चपेट में:
जैसलमेर और जोधपुर के एक-एक संदिग्ध की मौत हो जाने के बाद जहां और सतर्कता बरती जा रही है, वहीं एम्स कांगो फीवर के मरीजों की जान बचाने वाले चिकित्सक व नर्सिंग कर्मी भी इसकी चपेट में आ गए हैं, जिनका ईलाज किया जा रहा है. यही नहीं आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों के और सामने आने के समाचार मिल रहे है।

2014 में कांगो फीवर से तीन मौत:
वर्ष 2014 में जोधपुर में कोहराम मचा चुके कांगो फीवर ने उस वक्त तीन जाने ली थी. एक बार फिर जोधपुर में आई कांगो फीवर की यह बीमारी जानलेवा साबित हो रही है. जोधपुर के एम्स अस्पताल में जैसलमेर के 18 वर्षीय युवक और जोधपुर की 40 वर्षीय महिला की कांगो फीवर के चलते मौत हो जाने के बाद जहां चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और अधिक सतर्क हो गया है, वहीं जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित से लेकर संयुक्त चिकित्सा निदेशक डॉ युद्धवीरसिंह व सीएमएचओ डॉ बलवंत मंडा लगातार मॉनिटरिंग कर रहे है. 

अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों के भी सैंपल:
वहीं दूसरी और बोरूंदा में जिस महिला की मौत कांगो फीवर से हुई है. वहां अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों के भी सैंपल लिए गए हैं. साथ ही परिवारजनों के साथ-साथ आस-पास रहने वाले लोगो के भी सैंपल लिए गए है. उधर जयपुर की एक टीम के अलावा दिल्ली की इंफेक्शन डिजीज टीम भी लगातार जोधपुर रूककर ही मॉनिटरिंग कर रही है. जोधपुर के संदिग्ध इलाको के अलावा पशुपालन क्षेत्रों में दवां के छिडकाव के साथ-साथ जागरूकता के दावे प्रशासन की ओर से किए जा रहे है. वहीं समाजसेवी डॉ अय्यूब खान ने बताया कि लोगों को जागरूक करने का कार्य जारी है. कांगो फीवर को देखते हुए जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में जहां आईसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है, वहीं एम्स जोधपुर में भी कांगो फीवर के मरीजों की देखभाल के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. एम्स में जहां कांगो फीवर से पीडित चिकित्सक व नर्सिँग स्टाफ का ईलाज चल रहा है. इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक सामने आए संदिग्ध मरीजों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है. 

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