उदयपुर Congress Chintan Shivir: चिंतन शिविर में सोनिया और राहुल गांधी की सक्रियता, छह कमेटियों की हर बैठक में ले रहे भाग

Congress Chintan Shivir: चिंतन शिविर में सोनिया और राहुल गांधी की सक्रियता, छह कमेटियों की हर बैठक में ले रहे भाग

Congress Chintan Shivir: चिंतन शिविर में सोनिया और राहुल गांधी की सक्रियता, छह कमेटियों की हर बैठक में ले रहे भाग

उदयपुर: शनिवार को चिंतन शिविर (Congress Chintan Shivir) में एक अलग मिसाल दिखी. जब कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने युवा, शिक्षा और रोजगार कमेटी की बैठक में भाग लिया. अमरिंदर सिंह राजा की अध्यक्षता में हुई बैठक में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) शामिल हुए. युवा नेताओं के बीच आकर सोनिया गांधी ने भविष्य के नेताओं का हौंसला बढ़ाया. सोनिया गांधी की सक्रियता हर कमेटी की बैठक में दिखी.

उम्र के इस दौर में सोनिया गांधी की सक्रियता काबिले गौर है. चिंतन शिविर के मंथन के लिए छह कमेटियों की लगातार बैठकें हो रही और सभी में सोनिया गांधी नियमित रूप से भाग ले रही. शनिवार को युवा नेताओं की कमेटी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों पहुंचे और उनकी दलीलों को सुनने का काम किया. गांधी परिवार का सदैव युवाओं को सियासत में आगे बढ़ाने में योगदान रहा है. आज कई ऐसे नेता है जो वट वृक्ष बन गए लेकिन एक जमाने में उन्हें इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी और सोनिया गांधी मुख्यधारा में लेकर आए. 

- NSUI से निकले अशोक गहलोत को राजनीति में लाने का श्रेय इंदिरा गांधी को 
- युवा संसद सदस्य बनने के साथ ही केंद्र में मंत्री बने
- राजीव गांधी ने गहलोत को कम आयु में ही पीसीसी चीफ बना दिया
- कमलनाथ युवा अवस्था में यूथ कांग्रेस के क्षत्रप और संजय गांधी के करीबी रहे. संजय गांधी ने कमलनाथ को आगे बढ़ाया
- सोनिया गांधी ने रणदीप सिंह सुरजेवाला को मुख्यधारा में लाकर युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था
- सचिन पायलट को कम आयु में राजस्थान पीसीसी चीफ बनाने का काम किया था राहुल गांधी ने
- राजीव गांधी की खोज रहे आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, रमेश चेन्निथल्ला, अजय माकन सरीखे कई दिग्गज नेता
- राहुल गांधी लेकर आए केसी वेणुगोपाल को मुख्यधारा में

युवा, शिक्षा और रोजगार को लेकर बनी कमेटी एक महत्वपूर्ण ड्राफ्ट पर काम कर रही है. इस कमेटी को अपने ड्राफ्ट से उस वोट को प्राप्त करना है जो देश और राज्यों में निर्णायक मतदाता है ये है युवा वर्ग. युवाओं के अंदर पनप रहे मुद्दों पर हो रहे चिंतन और मनन को सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने उनके बीच बैठकर सुना और विचार जाने. बहरहाल Below 50 के फार्मूले ने चिंतन शिवर को गूंजा रखा है 50 आयु के अंदर आने वाले और इस आयु के बाहर जाने वाले नेताओं के बीच हलचल है कि आखिर क्या फॉर्मूला तैयार होता है. लेकिन ये तय हैं कि जिस तरह सोनिया गांधी और राहुल गांधी छह कमेटियों को वॉच कर रहे उससे यही जाहिर होता है कि चिंतन के मंथन से अमृत निकालने के प्रयास जारी है.

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