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कांग्रेस विधायक दानिश अबरार बोले, सरकार के पास बहुमत से ज्यादा नंबर हैं

जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट अभी भी बरकरार है, इस बीच कांग्रेस विधायक दानिश अबरार ने कहा कि सरकार के पास बहुमत से ज्यादा नंबर हैं. अभी 109 विधायक एक छत के नीचे है. वहीं सचिन पायलट को लेकर दानिश अबरार ने कहा पायलट अभी भी उप मुख्यमंत्री और पीसीसी अध्यक्ष हैं. वहीं मुकेश भाकर के ट्वीट को लेकर दानिश ने कहा कि किसी को भी व्यक्तिगत बात कहने का अधिकार है. इससे पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सीएम गहलोत के शक्ति प्रदर्शन के बाद अब सचिन पायलट का बड़ा बयान सामने आया है. ये बयान एक टीवी चैनल के माध्यम से सामने आया है. जिसमें सचिन पायलट ने कहा कि हमने समझौते की कोई शर्त नहीं रखी है. साथ ही आलाकमान में मेरी किसी से कोई बात नहीं हुई है. साथ ही उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत के पास सिर्फ 84 विधायक हैं, जबकि बाकी सभी विधायक मेरे साथ है.

राजस्थान सियासी संकट को सुलझाने के प्रयास:
पहले जानकार सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई थी, उसमें कहा गया था कि अब राजस्थान सियासी संकट को सुलझाने के प्रयास हो रहे हैं. खुद प्रियंका गांधी इसकी मध्यस्थता कर रही है. सूत्रों के मु​ताबिक प्रियंका गहलोत और पायलट दोनों से बात कर रही है. ऐसे में जानकारी के मुताबिक पायलट ने आलाकमान के सामने कुछ मांगे रखी है. सूत्रों के अनुसार पायलट गृह और वित्त विभाग खुद के पास रखना चाहते हैं. इसके साथ ही अपने करीबी 4 विधायकों को मंत्री बनाने की मांग की है. वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद भी पायलट अपने पास रखना चाहते हैं. 

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राजस्थान में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की:
इससे पहले बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने ट्वीट करके राजस्थान में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस बहुमत साबित करें. 

अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा:
इससे पहले राजस्थान सरकार पर मंडराते खतरे के बीच कांग्रेस विधायक दल की सोमवार को सीएमआर में बैठक हुई. जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार पर मंडराता खतरा हटता हुआ नजर आया. सीएमआर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सौ से ज्यादा विधायक पहुंचे. जहां पर सीएम अशोक गहलोत ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए विक्ट्री साइन दिखाया. इसके साथ ही संदेश दिया कि उनके पास बहुमत है और सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित होते दिखाई दे रहे हैं. बैठक के बाद सभी अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा की गई. पार्टी या सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल विधायकों, पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. प्रदेश की जनता की सेवा के प्रति विधायक दल संकल्पबद्ध है. प्रस्ताव में  विधायक दल ने मुख्यमंत्री गहलोत पर विश्वास जताया है.

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जयपुर: पिछले दिनों लगातार सोशल मीडिया में दीया कुमारी के महामंत्री बनाए जाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं थी लेकिन जब दिया कुमारी से मंगलवार को वसुंधरा राजे को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह उनका बहुत सम्मान करती है पहली बार संगठन में मंत्री उन्हें वसुंधरा राजे ने ही बनाया था. साथ ही विधायक बनने के पीछे भी दीया कुमारी ने वसुंधरा राजे को श्रेय दिया. उन्होंने सोशल मीडिया से लेकर पार्टी के गलियारों में चल रही चर्चाओ को सिरे से खारिज किया. नई जिम्मेदारी मिलने पर जेपी नड्डा सतीश पूनियां व चंद्रशेखर का खास आभार जताया.

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इस दौरान उन्होंने प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्र शेखर से भी मुलाकात की और  आभार जताया. पूनिया और चंद्रशेखर ने उन्हें नई जिम्मेदारी की बधाई और शुभकामनाएं दी. दिया कुमारी ने कहा की पार्टी ने मुझे जो इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है. मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करूंगी जितना भी मुझे पार्टी की और काम दिया जाएगा उसको पूरी तरह से निभाउंगी. वहीं दीया कुमारी ने राम मंदिर के शिलान्यास को लेकर कहा की हम राम के वंशज है हमारे लिए यह गर्व की बात है की पांच सौ साल बाद राम मंदिर बनेगा.

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कल देश में एतिहासिक काम होने जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी प्रहार करते हुए कहा कि सरकार ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है और प्रदेश की जो वर्तमान में स्थिति है वह जनता के सामने है साथ ही उन्होंने कहा कि 2 दिनों में बाघों की मौत होने को लेकर वह प्रकाश जावड़ेकर से बातचीत करेंगे और उन्हें पत्र भी लिखेंगी. प्रदेश के अभयारण्यों की बुरी स्थिति को लेकर नाराजगी भी जताई. दीया कुमारी ने कहा है कि अब वह समयबद्ध रूप से पार्टी कार्यालय आती रहेंगी. प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के लिहाज से संगठन में सतत मेहनत और परिश्रम करेंगे. दीया कुमारी से संवाददाता ऐश्वर्य प्रधान ने खास बातचीत की .

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Rajasthan Political Crisis: विधायकों के वेतन भत्ते रोकने से जुड़ी जनहित याचिका खारिज

Rajasthan Political Crisis: विधायकों के वेतन भत्ते रोकने से जुड़ी जनहित याचिका खारिज

जयपुर: प्रदेश के सियासी संकट के बीच विधायकों के वेतन भत्ते रोकने से जुड़ी पत्रकार विवेक सिंह जादौन की जनहित याचिका को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने संबंधित अथॉरिटी के समक्ष प्रतिवेदन पेश करने की छूट दी है. सीजे इंद्रजीत महांति, जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने याचिका को खारिज किया है. 

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प्रदेश में वित्तीय हालात सही नहीं:  
इससे पहले पत्रकार विवेक सिंह जादौन ने जनहित याचिका दायर कर होटलों में रुके विधायकों को वेतन भत्ते रोकने को लेकर यह कहते हुए चुनौती दी थी कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश में वित्तीय हालात सही नहीं है. लेकिन फिर भी एमएलए अपने मौजूदा विधानसभा क्षेत्रों में नहीं जा रहे हैं. जनहित याचिका में कहा गया कि विधायक ना ही अपने क्षेत्र में जा रहे है और ना ही विधायी कार्य कर रहे है ऐसे में उन्हें वेतन-भत्तों का भुगतान क्यों किया जाए. 

एमएलए आमजन के धन का दुरुपयोग कर रहे:  
पीआईएल में कहा कि प्रदेश में एक ही राजनीतिक दल से जुड़े ये एमएलए आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते आमजन के धन का दुरुपयोग कर रहे है. इसलिए जयपुर व मानेसर की होटलों में रुके हुए एमएलए के वेतन-भत्तों को रोका जाए. याचिका में सीएम सहित विधानसभा स्पीकर, विधानसभा सचिव व मुख्य सचिव को पक्षकार बनाया है. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की खण्डपीठ में याचिका पर सुनवाई होगी. 

राज्यपाल को पद से हटाने से जुड़ी याचिका को खारिज किया: 
वहीं इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने आज राज्यपाल से जुड़ी 2 महत्वपूर्ण जनहित याचिकाओं को भी खारिज कर दिया. राज्यपाल को पद से हटाने से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने जनहित याचिका को सारहीन बताया. शांतनु पारीक द्वारा लगाई गई याचिका को सीजे इंद्रजीत महांति ने सारहीन बताते हुए खारिज किया. याचिका में विधानसभा सत्र नहीं बुलाने को लेकर राज्यपाल को हटाने की गुहार की गई थी. इसके साथ ही केंद्र सरकार को राष्ट्रपति को सिफारिश भेजने के निर्देश देने की भी मांग की गई थी. 

जैसलमेर में विधायक मन से साथ, हम फ्लोर टेस्ट को तैयार- परसादी लाल मीणा  

राज्यपाल से जुड़ी दूसरी जनहित याचिका भी खारिज: 
इसके साथ ही राज्यपाल से जुड़ी दूसरी जनहित याचिका भी हाई कोर्ट ने खारिज कर दी. एडवोकेट एसके सिंह की जनहित याचिका को विड्रॉ करने पर हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है. यह जनहित याचिका राज्यपाल को सत्र आहूत करने के निर्देश देने को लेकर दायर की गई थी. 

 
 

जैसलमेर में विधायक मन से साथ, हम फ्लोर टेस्ट को तैयार- परसादी लाल मीणा

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जयपुर: जैसलमेर में बाड़े बंदी से लौटकर उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने सचिवालय आकर कामकाज संभाला और उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली. बैठक के बाद उन्होंने मौजूदा सियासी संकट से लेकर उद्योग विभाग की गतिविधियों तक से जुड़े कई मुद्दों पर बेबाकी से बातचीत की. परसादी लाल मीणा ने कहा कि जैसलमेर में विधायक मन से साथ हैं और विधायकों के आपस में एक दूसरे के कमरे में न जाने या पूछकर ही बाहर आने जैसी बातें मनगढ़ंत हैं जो हॉर्स ट्रेडिंग में लिप्त लोगों ने उड़ाई हैं जिसमे सच्चाई नहीं है. 

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300-400 करोड़ के इस पैकेज से उद्योगों को उबरने में राहत मिलेगी:
उन्होंने बताया कि कोरोनावायरस के चलते झटका खा रहे उद्योगों को राहत देने का प्रस्ताव कैबिनेट ने अप्रूव किया है और 300-400 करोड़ के इस पैकेज से उद्योगों को उबरने में राहत मिलेगी. उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने वन स्टॉप शॉप का फैसला किया है लेकिन इसका अभी ऑर्डिनेंस नहीं बन सकता लेकिन विधानसभा में इसी सत्र में इस का बिल लाएंगे जिसकी तैयारी की जा रही है. इसके बाद उद्योग लगाने के लिए सौ तरह की अनुमति 1 ही जगह ली जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि पूर्व राजस्व प्रमुख सचिव संदीप वर्मा ने गलत तरीके से पावर रीको की भूमि अधिग्रहण की पावर ले ली थी जिसे अब वापस संशोधित किया गया है. इस संशोधन के कल तक आदेश निकल जाएंगे जिसके बाद 22 क्षेत्र में उद्योगों के लिए जमीन रीको एक्वायर करके उद्योग शुरू करवाए जाएंगे. उन्होंने खुद के सचिवालय आने को लेकर कहा कि जनता के काम मे अड़चन नहीं आएगी...

सरकारी काम सारे हो रहे हैं: 
कोई फाइल पेंडिंग नहीं है और इस बारे में विपक्षी आलोचक गलत बातें मीडिया में प्रचारित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 13-14 अगस्त या इससे पूर्व भी सारे विधायक विधानसभा में भाग लेने के लिए जयपुर आ सकते हैं और उन पर किसी तरह की बंदिश नहीं है. 

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विधायकों ने ही जैसलमेर को चूज किया: 
बाड़े बंदी की जगह बदलने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि विधायकों ने ही जैसलमेर को चूज किया है. सभी विधायकों का लोकतंत्र और सरकार बचाने का संकल्प है. मीणा ने कहा कि जब विपक्ष मांग करें तो फ्लोर टेस्ट के लिए हम तैयार हैं...103 विधायक हमारे साथ हैं. 

VIDEO: आखिर कहां है इस वक्त पायलट कैंप के विधायक? जानकार सूत्रों ने दिए संकेत

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस वक्त सचिन पायलट कैंप के विधायक कहां हैं? इसको लेकर जानकार सूत्रों ने कुल 22 में से 18 विधायकों के गुजरात में किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाए जाने के संकेत दिए हैं. वहीं इसके साथ ही खुद पायलट और तीन विधायकों के फिलहाल दिल्ली में रहने के संकेत हैं. 

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मुख्यमंत्री पद से नीचे किसी भी और बात के लिए नहीं होगा समझौता: 
अलबत्ता कल सुबह मानेसर होटल में कुछ और कमरे बुक होने की खबर है. इसी बीच गहलोत और पायलट के बीच आलाकमान द्वारा समझौता वार्ता शुरू किए जाने की संभावना पर पायलट कैंप से जुड़े एक सूत्र ने खुलासा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद से नीचे किसी भी और बात के लिए समझौता नहीं होगा. इसका अर्थ ये हुआ कि खुलने से पहले ही बातचीत के दरवाजे बंद हो गए. 

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20 दिन बाद मानेसर से लौटी SOG की टीम:
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के बागी विधायक भंवरलाल शर्मा सहित अन्य को नोटिस तामील कराने गई SOG की टीम 20 दिन बाद मानेसर से लौट आई. तीन बार तीन अलग-अलग टीमों को हरियाणा पुलिस ने होटल में नहीं जाने दिया. ऐसे में दो दिन बाद फिर नई टीम जाएगी. 
 

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जयपुर: प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई टीम पर काम शुरु हो चुका है. इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे के साथ विचार विमर्श हो चुका है. माना जा रहा है सचिन पायलट की तर्ज पर नहीं बनाई जाएगी जंबो टीम, नये, युवा और अनुभवी चेहरों को वरियता मिलेगी. बाड़ाबंदी के बाद उम्मीद है कि अगले एक महिने में डोटासरा की टीम सामने आ जाएगी.  

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कुछ विधायकों को भी संगठन में दायित्व सौंपे जायेंगे: 
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया की टीम आ चुकी है और अब इंतजार है गोविन्द सिंह डोटासरा की टीम का. गोविन्द सिंह डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर  कुर्सी तो संभाल ली लेकिन पहली प्राथमिकता के तहत जुट गये सरकार बचाने में. कहा जा रहा है उन्होंने कवायद शुरु कर दी है, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के साथ ही नये, युवा और अनुभवी चेहरों को वे टीम में शामिल करेंगे, लेकिन ये भी ध्यान रखेंगे कि टीम जंबो की बजाये मजबूत हो. सचिन पायलट के समय टीम का आकार बड़ा रहा, सचिवों की संख्या ही 50 से अधिक थी. हालांकि उनकी टीम जब बनी थी तब कांग्रेस सत्ता में नहीं थी. गोविन्द सिंह डोटासरा की कोशिश रहेगी कि संतुलित टीम बने. माना ये भी जा रहा है कि कुछ विधायकों को भी संगठन में दायित्व सौंपे जायेंगे.  हालांकि अभी मशक्कत हो रही संगठन महासचिव को लेकर, महेश शर्मा का उत्तराधिकारी ढूंढा जा रहा.  

-----संगठन महासचिव के दावेदार------

---पुखराज पाराशर- सी एम गहलोत के विश्वस्त माने जाते है पहले भी ये दायित्व संभाल चुके है, हालांकि इन्हें सरकार में नियुक्ति देने की भी चर्चाएं, लेकिन इस पद पर प्रमुख नाम इन्हीं का चल रहा. 

---मुमताज मसीह- मसीह भी सी एम गहलोत के निष्ठावान, पचास सालों से संगठन का अनुभव, हालांकि इन्हें भी सियासी नियुक्ति देने की चर्चा. 

---गिरिराज गर्ग- लंबे समय से संगठन को दे रहे सेवाएं , संगठन का व्यापक अनुभव

---सत्येन्द्र भारद्वाज - संगठनात्मक कौशल में निपुण,जोधपुर कांग्रेस के रह चुके प्रभारी 

Rajasthan Political Crisis: मायावती इन दिनों भाजपा के इशारे पर काम कर रही- मेघवाल  

संगठन महासचिव की जिम्मेदारी इस बार काफी अहम होगी. उसे सबसे पहले पंचायत और निकाय चुनावों की गणित से जूझना होगा. इतना ही नहीं डोटासरा का सारथी बनकर नई टीम को गति देने का कार्य करना होगा. कहा जा रहा है कि पीसीसी प्रदेश टीम के साथ ही जिलों में अध्यक्ष बनाने के कार्य को भी संपन्न किया जाएगा. सचिन पायलट के समय प्रभावी रहे संगठनात्मक पदाधिकारी और जिला और ब्लॉक अध्यक्षों की छुट्टी तय मानी जा रही अर्थ ये है कि इन्हें फिर से जिम्मेदारी नहीं मिलेगी. सर्दियों से पहले डोटासरा के नई टीम लाने की योजना है.

...फर्स्ट इंडिया के लिये योगेश शर्मा की रिपोर्ट

Rajasthan Political Crisis: मायावती इन दिनों भाजपा के इशारे पर काम कर रही- मेघवाल

Rajasthan Political Crisis: मायावती इन दिनों भाजपा के इशारे पर काम कर रही- मेघवाल

जैसलेमर: खाजूवाला से विधायक गोविंद मेघवाल ने फर्स्ट इंडिया न्यूज़ से खास बातचीत करते हुए कहा कि राजस्थान में जो संकटचल रहा है वह भाजपा की देन है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के सच्चे जननायक है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 36 कोम को साथ लेकर चलते रहे हैं और दलितों के हितैषी रहे हैं. दरअसल, गांधीवादी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाजपा को पच नहीं रहे इसलिए लगातार ऐसे षड्यंत्र रचे जा रहे हैं. 

Rajasthan Political Crisis: अब दिल्ली से आ रही एक चौंकाने वाली खबर, सोनिया गांधी के स्तर पर हो रही एक आखिरी कोशिश!

मायावती इन दिनों भाजपा के इशारे पर काम कर रही: 
दूसरी बार विधायक बने मेघवाल ने कहा कि दुर्भाग्य है की मायावती इन दिनों भाजपा के इशारे पर काम कर रही है. जनता की चुनी हुई सरकार है विधायकों का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में पूरा भरोसा है. हम आखिरी दम तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और हमारे आलाकमान के साथ रहेंगे. ये लड़ाई लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ी जा रही है. मुख्यमंत्री जी ने रक्षाबंधन त्यौहार हमारे बीच मनाकर ये संदेश छोड़ा कि कांग्रेस और विधायक उनके परिवार से भी बढ़कर है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए जैसलमेर से लक्ष्मण राघव की रिपोर्ट

Rajasthan Political Crisis: अब दिल्ली से आ रही एक चौंकाने वाली खबर, सोनिया गांधी के स्तर पर हो रही एक आखिरी कोशिश!

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच अब दिल्ली से चौंकाने वाली खबर आ रही है.  सूत्रों की माने तो गहलोत और पायलट कैंप के झगड़ों को निपटाने के लिए सोनिया गांधी के स्तर पर आखिरी कोशिश हो रही है. सोनिया कल ही अस्पताल से लौटी है. ऐसे में अब अगले तीन-चार दिनों में गांधी परिवार राजस्थान में कांग्रेस को टूटने से बचाने की आखिरी कोशिश कर सकता है. 

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2 दिन पहले खुद गहलोत दे चुके इसका इशारा: 
2 दिन पहले खुद गहलोत बागी विधायकों के माफी मांगने पर उन्हें गले लगा लेने का इशारा दे चुके हैं. लेकिन पायलट कैंप से जुड़े सूत्रों ने बागी विधायकों के किसी भी सूरत में माफी नहीं मांगने के स्पष्ट संकेत दिए हैं. फिर अब गहलोत-पायलट की लड़ाई में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से BJP भी एक फैक्टर बना नजर आ रहा है. 

कांग्रेस में लौटने का फैसला अकेले नहीं ले पाएंगे पायलट: 
पायलट और भाजपा मानसिक एवं वैचारिक रूप से एक-दूसरे के काफी निकट आ चुके हैं. ऐसे में वापस कांग्रेस में लौटने का फैसला पायलट अकेले नहीं ले पाएंगे. इसके लिए उन्हें दिल्ली में अपने 'राजनीतिक मित्रों' से बाकायदा सलाह-मशविरा करना होगा. इसलिए कुल मिलाकर पायलट कैंप के कदम वापस खींचने की संभावना बहुत क्षीण नजर आ रही है. 

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सचिन पायलट गुट के रुख पर सस्पेंस बरकरार:
दूसरी ओर विधानसभा सत्र के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट गुट के रुख पर सस्पेंस बरकरार है.वहीं मिली जानकारी के अनुसार पायलट कैम्प के सभी विधायक विधानसभा सत्र में शामिल होंगे. हालांकि सदन में सरकार के विश्वासमत हासिल करने के लिए फ्लोर टेस्ट होने की संभावना पर आखिरी फैसला सचिन पायलट ही तय करेंगे. 


 

अजय पाल सिंह बने बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष, फर्स्ट इंडिया ने की उनसे खास बातचीत

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जयपुर: भाजपा नेता अजयपाल सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. अब तक पार्टी में कई भूमिका निभा चुके सिंह इस नई भूमिका को लेकर आशान्वित है और प्रदेश भर में संगठन को प्रदेश स्तर पर जी जान से जोड़ना अपना तात्कालिक लक्ष्य बताते हैं. हमारे वरिष्ठ संवाददाता डॉक्टर ऋतुराज शर्मा ने उनसे खास बातचीत की.  

प्रश्न-सबसे पहले आपको बहुत बहुत बधाई...! इस नई जिम्मेदारी को लेकर क्या चुनौती मानते हैं?

उत्तर-सबसे पहले तो मैं केन्द्रीय संगठन का बहुत बहुत आभारी हूं. प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री का आभार जताता हूं. मैं आभारी हूं कि संगठन ने मुझे इस लायक समझा और यह बड़ी जिम्मेदारी दी. इसके बाद मेरी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है.पार्टी के प्रति. मैं पार्टी के लिए जितना ज्यादा हो सके,काम करूंगा.  मैं 1988 से पार्टी में हूं और पार्टी ने मुझे पद भी दिए और मान-सम्मान भी दिया है. अब मेरी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि इस नई भूमिका को निभाते हुए संगठन को ऑल राजस्थान लेवल पर जी जान लगाकर जोडूं. 

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प्रश्न-केन्द्रीय नेतृत्व ने इस भूमिका के लिए कैसे उपयुक्त माना?
उत्तर-मैं पांच साल तक नगर निगम में पार्षद रहा. फिर पांच साल भवन निर्माण समिति में चेयरमैन रहा. उसके बाद तीन साल हाउसिंग बोर्ड चेयरमैन रहा और प्रदेश कार्यकारिणी का 15 साल सदस्य रहा. व्यापार प्रकोष्ठ का अध्यक्ष रहा हूं. इन जिम्मेदारियों को देखते हुए पार्टी ने मुझे इस लायक समझा जिसका मैं बहुत आभारी हूं. केन्द्रीय नेतृत्व व प्रदेश संगठन ने मुझ पर विश्वास रखा और विश्वास रखकर ही यह नई जिम्मेदारी दी है. आज करीब 32 साल हो गए मुझे पार्टी से जुड़े हुए। जिस पद पर भी पार्टी ने मुझे रखा है मैंने उसे निभाया है.इस बात को दुनिया भी जानती है. और यही कारण है कि सारी पार्टी मुझ पर विश्वास करती है. लेकिन यह सब चीजों के बाद भी मैं आपको यह बात कहता हूं कि मेरे लिए बहुत यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. मुझे संगठन के लिए जी-जान से काम करना है.किया भी है और करता रहूंगा. 

प्रश्न-आपने संगठन में तमाम तरह की जिम्मेदारियां निभाई हैं,वह जिम्मेदारी और आज जो पद मिला है उनमें किस तरह अलग मानते हैं और उसे कैसे निभाएंगे?

उत्तर -अब मेरी जो जिम्मेदारी है वह संगठन के प्रति है। मुझे सारी जगह जाकर.पूरे राजस्थान में जाकर संगठन को जोड़ना है.हमारे जितने भी कार्यकर्ता हैं उन्हें एक करना है और अगला जो भी कार्यक्रम पार्टी हमको देगी उसे तन-मन-धन से लगकर पूरा करना है. 

प्रश्न-अभी सियासी संकट है जिसमें भाजपा पर बार-बार आरोप लग रहे हैं कि हॉर्स ट्रेडिंग हो रही है.विधायकों की खरीद फरोख्त हो रही है. केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह पर आरोप लग रहे हैं,फोन टेपिंग हो रही है इन तमाम बातों को कैसे देखते हैं और कांग्रेस के इन आरोपों का आपके पास क्या जवाब है?

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उत्तर-मैं नहीं मानता कि कोई होर्स ट्रेडिंग हो रही है. जिस तरह के आरोप लग रहे हैं इनको भी मैं नकारता हूं. ऐसा कुछ भी नहीं है.

प्रश्न-सियासी संकट के बारे में क्या कहेंगे.फ्लोर टेस्ट होगा क्या और सरकार बचेगी क्या?

उत्तर-फ्लोर टेस्ट तो होगा.करेंगे भी. मुझे जो दिख रहा है कि सरकार संकट में है. 

प्रश्न-कार्यकर्ताओं की संगठन में मुख्य भूमिका रहती है उन्हें कैसे पुश करेंगे और मोटिवेट करेंगे और कैसे संरचनात्मक बदलाव का हिस्सा बनते हुए जो विरोध के स्वर हैं सरकार के खिलाफ.कैसे उभारेंगे उसे क्या कोई रणनीति है?

उत्तर-जैसा निर्देश पार्टी हमें देगी.उसी हिसाब से हम काम करेंगे.

प्रश्न-अभी पार्टी आलाकमान,प्रदेश अध्यक्ष से आपने बात की होगी.क्या कोई निर्देश मिले हैं?
उत्तर-मेरे ख्याल में कल हमें बुलाया जाएगा और जो निर्देश हमें दिया जाएगा उसकी पालना की जाएगी.

प्रश्न-आगे की क्या कार्ययोजना है प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका को कैसे देखते हैं क्या कोई आंदोलन या अन्य गतिविधियों को कैसे चलाएंगे?

उत्तर-हमारा मुख्य काम है कार्यकर्ताओं को जोड़ना जो पार्टी निर्देश देगी उसके हिसाब से सारे काम करेंगे.

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