इंदौर Madhya Pradesh: इलाज के फर्जी दस्तावेज पेश करने के मामले में कांग्रेस विधायक का फरार बेटा गिरफ्तार

Madhya Pradesh: इलाज के फर्जी दस्तावेज पेश करने के मामले में कांग्रेस विधायक का फरार बेटा गिरफ्तार

Madhya Pradesh: इलाज के फर्जी दस्तावेज पेश करने के मामले में कांग्रेस विधायक का फरार बेटा गिरफ्तार

इंदौर: मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल के फरार पुत्र करण मोरवाल को उसके इलाज के फर्जी दस्तावेज अलग-अलग अदालतों में पेश करने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फरार विधायक पुत्र की गिरफ्तारी पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित था.

एमजी रोड पुलिस थाने के प्रभारी डीवीएस नागर ने बताया कि करण मोरवाल (33) को इंदौर में गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि करण पर एक महिला नेता ने यह आरोप लगाते हुए पिछले साल प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसने शादी का झांसा देकर 13 फरवरी 2021 को उसके साथ दुष्कर्म किया था. नागर ने बताया कि इस मामले में करण की ओर से उसके कथित इलाज के कुछ दस्तावेज अलग-अलग अदालतों में अग्रिम जमानत याचिकाओं के साथ पेश करते हुए दावा किया गया था कि वह कथित दुष्कर्म की तारीख यानी 13 फरवरी 2021 को बड़नगर के सिविल अस्पताल में भर्ती था. उन्होंने बताया कि जांच में ये दस्तावेज फर्जी पाए गए थे और इसके बाद विधायक पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी, दस्तावेजों की जालसाजी तथा अन्य आरोपों में नयी प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

उधर, गिरफ्तारी के बाद पुलिस जब करण को औपचारिक चिकित्सीय जांच के लिए शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय ले गई तो उसने मीडिया के सामने दावा किया कि उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है, बल्कि उसने खुद को पुलिस के हवाले किया है. 33 वर्षीय व्यक्ति ने यह आरोप भी लगाया कि विपक्षी दल कांग्रेस के विधायक के परिवार से जुड़ा होने के कारण उसे राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं ने राजनीतिक षड़यंत्र के तहत झूठे आपराधिक मामलों में फंसाया है. गौरतलब है कि इलाज के फर्जी दस्तावेज पेश करने के मामले में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने करण की अग्रिम जमानत याचिका 13 अप्रैल को खारिज कर दी थी. पुलिस के मुताबिक महिला नेता से कथित दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद साढ़े छह महीने फरार रहे करण को 26 अक्टूबर 2021 को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में उसे पहले ही नियमित जमानत मिल चुकी है. सोर्स- भाषा

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