कांग्रेस की महत्वाकांक्षी नरेगा योजना को लेकर केन्द्र और राज्य में खींचतान तेज 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/05/15 07:59

जयपुर: कांग्रेस और गहलोत सरकार की महत्वाकांक्षी नरेगा योजना को लेकर केन्द्र और राज्य में खींचतान तेज हो गई है. गहलोत सरकार के 4 बार पत्र लिखने के बावजूद नरेगा के सामग्री मद में 1500 करोड की राशि केन्द्र ने जारी नहीं की है. ऐसे में राज्य में इस योजना को लेकर बड़ा झटका लग सकता है तो वहीं आचार संहिता के बाद इस पर राजनीतिक रस्साकशी तेज हो सकती है. पेश है खास रिपोर्ट:

दरअसल नरेगा की राशि केन्द्र जारी करता है और राज्य को चार बार पत्र लिखने के बावजूद सामग्री मद की 1500 करोड की राशि नहीं मिली है. इस राशि के लिए पहले एसीएस ग्रामीण विकास व पंचायतीराज, सीएस, डिप्टी सीएम, सीएम पत्र लिख चुके हैं. वहीं अब मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने फिर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर राशि जारी करने के लिए निवेदन किया है.

पत्र में लिखा है:
मुख्य सचिव डीबी गुप्ता के पत्र में लिखा गया है कि केन्द्र ने मानवदिवस बजट 22 करोड से बढ़ाकर 25 करोड कर दिया, जिसके लिए राज्य आभार जताता है. इसकी वजह से राज्य सरकार 8 सालों में सबसे ज्यादा 29.42 करोड के मानव दिवस सृजन की अपनी श्रम मांग को पाने में सफल रहा है. मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली किश्त का प्रस्ताव केन्द्र को भेज दिया गया है. इसमें पूर्व के श्रम मद में 1154.77 करोड और सामग्री मद में 129.24 करोड केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने जारी किए, लेकिन 1 अक्टूबर 2018 से सामग्री मद के लिए भुगतान में समस्या आ रही है, क्योंकि सामग्री मद के लिए पहले जारी राशि से कुशल/अर्द्ध कुशल श्रमिक भुगतान के लिए काफी कम है.

श्रमिक व सामग्री दोनों मदों के लिए साथ की साथ भुगतान करना जरूरी होता है. वहीं सामग्री मद में  भुगतान न होने से मनरेगा पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. इसके चलते कार्य की बेहद मांग है, लेकिन धरातल पर सामग्री मद का पैसा न होने से मांग पूरी नहीं हो पा रही है. जिससे संपत्ति निर्माण की गति भी धीमी हो रही है. अत: केन्द्र सामग्री मद के लिए राज्य को 1500 करोड जल्द से जल्द जारी करे जिससे स्कीम में लगे कर्मचारियों के साथ सामग्री की कीमत का भुगतान हो सके.

सीएस ने कलेक्टर्स को भी लिखा पत्र:
वहीं इस योजना को लेकर सीएस ने कलेक्टर्स को पहली बार पत्र लिखकर पहली बार हो रही रैंकिंग में बी श्रेणी से नीचे न आने की हिदायत दी है. उन्होंने कहा है कि देश में रोजगार सृजन में पश्चिम बंगाल के बाद राजस्थान दूसरे नंबर पर आता है, क्योंकि वह 2942 लाख लोगों को रोजगार देने में सफल रहा है, लेकिन अब समय पर भुगतान, सौ श्रम दिवस, पीडी जनरेशन, सेंसटिविटी इंडेक्स, रोजगार के औसत दिन, औसत मानदेय भुगतान दर के मापदंडों पर रैंकिंग होगी, जिस पर खरे उतरने के लिए कलेक्टर्स तैयार रहें. 

गौरतलब है कि कांग्रेस के लिए यह योजना इतनी महत्वाकांक्षी है कि उसके लोकसभा चुनाव के लिए जारी घोषणा पत्र में सौ के बजाय डेढ़ सौ दिन के काम की गारंटी देने का निर्णय करने का वादा किया गया है. ऐसे में केन्द्र की ओर से राशि जारी न करने से केन्द्र और राज्य में यह खींचतान और बढ़ने की संभावना है. 

... संवाददाता मदन कलाल के साथ ऋतुराज शर्मा की रिपोर्ट 

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