कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवार अपनी अपनी टिकट फाइनल होने का कर रहे दावा

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/29 09:38

सरदारशहर(चूरु)। राजस्थान में विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है विधानसभा चुनाव की जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है वैसे ही राजनीतिक पार्टियों के संभावित उम्मीदवारों की धड़कन बढ़ गई है। लेकिन राजनीतिक पार्टियों के संभावित उम्मीदवारों को लेकर संशय अभी बरकरार है। कांग्रेस और भाजपा के  चिर परिचित प्रतिद्वंदी अपनी अपनी टिकट फाइनल होने का दावा कर रहे हैं। 

अगर बात सरदारशह से क्षेत्र की करें तो चुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक सरगर्मियां यहां तेज हो गई है। यह क्षेत्र राजस्थान ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और दिग्गज कांग्रेस नेता भंवरलाल शर्मा के प्रभुत्व वाला क्षेत्र माना जाता है शर्मा ने यहां से पांच चुनाव में विजय हासिल की वहीं राज्य मंत्रिमंडल में  भी तत्कालीन सरकारों में अपना स्थान बना चुके हैं । वर्तमान विधानसभा में शर्मा सरदारशहर का कांग्रेस की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं तथा जनता के बीच अपनी बेबाक छवि के लिए जाने जाते हैं भंवर लाल शर्मा का विवादों के साथ भी पुराना नाता रहा है इस बार फिर से वह सरदारशहर से ताल ठोकर चुनावी जंग में उतरने को तैयार खड़े हैं । 

शर्मा को अपनी ही पार्टी के नेताओं से कड़ी चुनौती मिल रही है कांग्रेस में विधायक शर्मा के अनेक प्रतिद्वंदी विधानसभा में पहुंचने के लिए ललायित नजर आ रहे हैं ।  चूरू डेयरी के चेयरमैन लालचंद मुंड कांग्रेस की टिकट लेने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं वहीं खबरों की मानें तो राज्य सभा के पूर्व सांसद नरेंद्र बुडानिया जो यहां से 1993 में विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं अब विधानसभा में पहुंचने के लिए आतुर नजर आ रहे हैं। यदि बात भारतीय जनता पार्टी की की जाए तो भाजपा की ओर से पूर्व विधायक अशोक पिंचा की पार्टी में सक्रिय भागीदारी के चलते उम्मीदवारी सुनिश्चित मानी जा रही है । 

भाजपा के प्रदेश विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख शिवचंद साहू का नाम भी राजनीतिक गलियारों में काफी तेजी से चल रहा है इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री दौलतराम सारण की पुत्र वधू सुशीला सारण भी मैदान में है साथ ही नगर पालिका उपाध्यक्ष मुरलीधर सेनी भी भाजपा की टिकट की दावेदारी जता रहे हैं । जाट नेता हनुमान बेनीवाल की ओर से लगातार किए जा रहे दौरे भी चुनावी परिणाम को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से किसान नेता छगनलाल चौधरी भी लगातार दूसरी बार चुनावी जंग में कूदने की तैयारी में है चौधरी राजस्थान में बड़े किसान नेता मान जाते हैं छगनलाल चौधरी अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश महामंत्री भी है यदि गांव में अपनी पेट दिखाने में चौधरी कामयाब हो जाते हैं तो यह चुनाव त्रिकोणीय हो सकता है जिसमें कांग्रेस व भाजपा दोनों की ही अपनी प्रतिष्ठा बचाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी । 

इसके अलावा शहर में कई ऐसे और भी नेता है जो निर्दलीय चुनाव लड़कर तमाम बड़ी पार्टियों का समीकरण बिगाड़ने में लगे हुए हैं । इनमें से भूपेंद्र सिंह आशूसर, शिवदयाल पारीक, राजेंद्र सारण जैसे कई नेता पार्टियों को वोट काटने का काम करेंगे । शहर की फिजा में चुनावी रंगत तो दिखने लगी है लेकिन टिकट नहीं मिलने के चलते कार्यकर्ता खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं सभी कार्यकर्ताओं को उम्मीदवारों की घोषणा का इंतजार है । 

एक नजर में सरदारशहर 
राजस्थान के विधानसभा क्षेत्र सरदारशहर से साल 2013 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। हालांकि, उससे पहले 2008 में यहां बीजेपी के अशोक पिंचा ने जीत हासिल की थी लेकिन 2013 में सरदारशहर की जनता ने कांग्रेस को चुना। बता दें, यहां वोटरों की कुल संख्या 2,67,208 है । सरदारशहर अपनी विरासत के लिए विख्यात है और यहां टूरिस्ट्स के घूमने के लिए कई सारी जगह हैं।
सरदारशहर से फर्स्ट इंडिया के लिए गजेंद्र सिंह की रिपोर्ट

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

Loksabha Election 2019 : भाजपा ने जारी की यूपी के उम्मीदवारों की लिस्ट

यूपी के भदोही में बीजेपी की \'विजय संकल्प\' सभा
योगी आदित्यनाथ से प्रियंका गाँधी के 4 सवाल
राहुल गांधी का राजस्थान दौरा, 2 चुनावी रैलियों को करेंगे संबोधित
कंगाली, गरीबी, दरिद्रता से मुक्ति दिलवाने वाले महा चमत्कारी उपाय
11 बजे की सुपर फ़ास्ट खबरें | INDIA 360
दीया का राजनीतिक भविष्य ?, राज्यपाल ने ये क्या कह दिया ? #ElectionExpress2019
दिल्ली में गिरफ्तार हुआ आईएसआई एजेंट | Breaking