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सोशल मीडिया पर कांग्रेस का कैम्पेन, सचिन पायलट, अविनाश पांडे समेत प्रमुख नेता हुए शामिल

सोशल मीडिया पर कांग्रेस का कैम्पेन, सचिन पायलट, अविनाश पांडे समेत प्रमुख नेता हुए शामिल

जयपुर: कांग्रेस ने गुरुवार से देशभर में सोशल मीडिया कैम्पेन चलाया. देशभर के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं की इसमें भागीदारी रही. राजस्थान से भी बड़ी तादाद में कांग्रेस नेता कैम्पेन से जुड़े. प्रवासी श्रमिकों ,कामगार ,मजदूर,मध्यम वर्ग,छोटे व्यापारियों की मांग केन्द्र सरकार के सामने रखी. 

जेब तक पहुंचे सीधा पैसा: 
डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने फेसबुक पर कहा कि जरुरत है प्रवासी श्रमिकों की पीड़ा को दूर करना,उन गरीब कामगारों की आवाज बुलंद करना,जिन्होंने लॉकडाउन में दंश झेला,पायलट ने फेसबुक पर कहा कि कांग्रेस पार्टी चाहती है ऐसे लोगों की मदद की जाए, जो इनकम टैक्स तक नहीं दे पा रहे,उनकी जेब तक सीधा पैसा पहुंचाया जाये. 

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कांग्रेस की पहल का स्वागत:
पायलट ने सोशल मीडिया अभियान के जरिए केन्द्र सरकार से यहीं मांग की. पायलट ने कहा कि मनरेगा में राजस्थान में अच्छा काम किया है. कांग्रेस राज्य प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि केंद्र सरकार से हमारी मांग है कि मध्यम वर्ग ,छोटे उधोग धंधो की मदद की जाये,मनरेगा में रोजगार 200दिन किया जाये,प्रवासी श्रमिकों को नि शुल्क सेवा से घर पहुंचाया जाए. चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कैम्पेन में भाग लिया और कांग्रेस की पहल का स्वागत किया.

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जयपुर: विधायक खरीद-फरोख्त प्रकरण में अब परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है. SOG ने ब्यावर से भारत भाई और उदयपुर से अशोक सिंह हिरासत में लिया है. उदयपुर निवासी अशोक हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है. इन दोनों के मोबाइल नंबर ही सर्विलांस पर थे. दोनों की बातें सुनकर ही SOG ने मुकदमा दर्ज किया है. अब दोनों से जयपुर में विस्तृत पूछताछ होगी. इसके साथ ही मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी को भी SOG ने नोटिस जारी किया है. SOG ने महेश जोशी को बयान देने के लिए बुलाया है. 

प्रदेश की राजनीति में बढ़ती हलचल ! 26 कांग्रेस विधायकों ने भाजपा पर लगाया सरकार को अस्थिर करने का आरोप 

राजनीति में एक बार फिर सियाली हलचल बढ़ी: 
राज्यसभा चुनावों के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सियाली हलचल बढ़ गई है. आधी रात तक मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों व मंत्रियों की मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई. उधर डिप्टी सीएम पायलट दिल्ली दौरे पर है. इसके साथ ही 6-7 विधायक भी दिल्ली में डेरा डाले हुए है. इधर SOG में FIR दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री गहलोत एक्शन मोड पर आ गए हैं. आज भी CMR पर विधायकों व मंत्रियों से मिलने का क्रम जारी रहेगा. इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं. 

SOG की FIR से बड़े खुलासे:  
वहीं SOG की FIR से बड़े खुलासे हुए हैं. FIR में 9929229909 और 8949065678 नंबरों का जिक्र किया गया है. इन फोन को सर्विलांस पर लिया गया था. तब सरकार को अस्थिर करने की कोशिश का खुलासा हुआ था. FIR में रमिला खड़िया, महेंद्र सिंह जीत मालवीय के नाम की चर्चा है. रमिला से भाजपा नेता द्वारा संपर्क का हवाला दिया गया है. वहीं मालवीय के बारे में भी हवाला दिया गया है. फोन की बातचीत में बताया गया कि मालवीय पहले उप मुख्यमंत्री के पाले में थे लेकिन अब पाला बदल लिया है. 

VIDEO: राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में प्रमुखता से लिया जा रहा रघुवीर मीना का नाम,  First India ने की बात 

2 मोबाइल नम्बर की बात में कई बड़े खुलासे:
SOG की FIR में कांग्रेस व निर्दलीय विधायकों को 20-25 करोड़ का प्रलोभन देने की बात भी सामने आई है. 2 मोबाइल नम्बर की बात में कई बड़े खुलासे हुए हैं. प्रदेश में नया मुख्यमंत्री बनाने की भी बात हुई है. भाजपा का कहना है कि CM हमारा होगा और उप मुख्यमंत्री को केन्द्र में मंत्री बना दिया जाएगा. उप मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के बारे में भी इन मोबाइल पर बात हुई है. 
 

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जयपुर: राज्यसभा चुनावों के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सियाली हलचल बढ़ गई है. आधी रात तक मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों व मंत्रियों की मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई. उधर डिप्टी सीएम पायलट दिल्ली दौरे पर है. इसके साथ ही 6-7 विधायक भी दिल्ली में डेरा डाले हुए है. इधर SOG में FIR दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री गहलोत एक्शन मोड पर आ गए हैं. आज भी CMR पर विधायकों व मंत्रियों से मिलने का क्रम जारी रहेगा. 

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SOG की FIR से बड़े खुलासे:  
वहीं SOG की FIR से बड़े खुलासे हुए हैं. FIR में 9929229909 और 8949065678 नंबरों का जिक्र किया गया है. इन फोन को सर्विलांस पर लिया गया था. तब सरकार को अस्थिर करने की कोशिश का खुलासा हुआ था. FIR में रमिला खड़िया, महेंद्र सिंह जीत मालवीय के नाम की चर्चा है. रमिला से भाजपा नेता द्वारा संपर्क का हवाला दिया गया है. वहीं मालवीय के बारे में भी हवाला दिया गया है. फोन की बातचीत में बताया गया कि मालवीय पहले उप मुख्यमंत्री के पाले में थे लेकिन अब पाला बदल लिया है. 

2 मोबाइल नम्बर की बात में कई बड़े खुलासे:
SOG की FIR में कांग्रेस व निर्दलीय विधायकों को 20-25 करोड़ का प्रलोभन देने की बात भी सामने आई है. 2 मोबाइल नम्बर की बात में कई बड़े खुलासे हुए हैं. प्रदेश में नया मुख्यमंत्री बनाने की भी बात हुई है. भाजपा का कहना है कि CM हमारा होगा और उप मुख्यमंत्री को केन्द्र में मंत्री बना दिया जाएगा. उप मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के बारे में भी इन मोबाइल पर बात हुई है. 

कांग्रेस सरकार को गिराने की साजिश का खुलासा: 
ऐसे में आखिर सच फर्स्ट इंडिया की खबर सच साबित हुई है. 7 जुलाई को फर्स्ट इंडिया ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को गिराने की साजिश का खुलासा किया था. इसके साथ ही 30-32 कांग्रेसी व निर्दलीय विधायकों से संपर्क साधने की जानकारी दी थी. आज कांग्रेसी विधायकों ने इस खबर पर मुहर भी लगा दी है. 26 विधायकों ने संयुक्त बयान जारी कर इस बात को स्वीकार किया है. साथ ही कहा कि प्रदेश में सरकार को गिराने की कोशिश हो रही है. कांग्रेस व निर्दलीय विधायकों को दिया प्रलोभन दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री को भी विधायक 3 दिन से इनपुट दे रहे थे. इधर SOG को भी इस तरह की जानकारी मिली. 

महिला ने लगाया सरपंच पर दुष्कर्म करने का आरोप, मामला दर्ज 

26 विधायकों ने संयुक्त बयान जारी कर लगाया आरोप:
कांग्रेस विधायकों ने भाजपा पर राज्य की कांग्रेस सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. इसके साथ ही षड्यंत्र में भाजपा के शीर्ष स्तर के लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है. इन विधायकों का कहना है कि हमारे ईमान को कोई हिला नहीं सकता. कांग्रेस की सरकार पूरे 5 साल तक चलेगी. इन विधायकों में महेश जोशी, महेन्द्र चौधरी, लाखन सिंह मीणा, जोगिंदर सिंह अवाना, मुकेश भाकर, इंदिरा मीणा, वेदप्रकाश सोलंकी, संदीप यादव, गंगा देवी, हाकिम अली, वाजिब अली, बाबूलाल बैरवा, रोहित बोहरा, दानिश अबरार,चेतन डूडी, हरीश मीणा, रामनिवास गावड़िया, जाहिदा खान, अशोक बैरवा, जौहरीलाल मीणा, प्रशांत बैरवा, शकुंतला रावत, राजेन्द्र सिंह विधूड़ी, गोविंदराम मेघवाल, दीपचंद खैरिया और राजेन्द्र सिंह गुढ़ा शामिल है. 
 

VIDEO: राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में प्रमुखता से लिया जा रहा रघुवीर मीना का नाम, First India ने की बात

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जयपुर: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बदलाव की चर्चाओ के बीच रेस में रघुवीर मीना का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. रघुवीर मीना इस समय कांग्रेस सी डब्लू सी के सदस्य है. गहलोत सरकार में मंत्री, उदयपुर से लोकसभा सांसद, युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष समेत कई पदों पर वो रह चुके हैं.

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मुझे जो दायित्व मिलेगा उसे ईमानदारी से निभाऊंगा: 
फर्स्ट इंडिया से बातचीत में रघुवीर मीना ने कहा कि जो दायित्व पार्टी नेतृत्व देगा उसे निभाऊंगा मैं तो एक साधारण कार्यकर्ता हूं ,सी एम गहलोत को बीजेपी की ओर से दिये विशेषाधिकार नोटिस पर भी उन्होंने विपक्षी दल को आड़े हाथ लिया है. रघुवीर मीना से फर्स्ट इंडिया न्यूज ने खास बात की...

Rajasthan: राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण में SOG ने दर्ज किया मुकदमा

Rajasthan: राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण में SOG ने दर्ज किया मुकदमा

जयपुर: राज्यसभा चुनाव के बीस दिन बाद राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला फिर गरमा रहा है. आज SOG ने मुकदमा दर्ज किया है. राज्यसभा चुनाव से पहले मुख्य सचेतक महेश जोशी ने परिवाद दिया था. परिवाद की जांच में कुछ मोबाइल नंबर सामने आए थे. उन्हीं मोबाइल नंबरों की जांच के बाद SOG ने परिवाद को सही माना है. अब खुद SOG की ओर से ही मुकदमा दर्ज किया गया है. अब SOG के वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच करेंगे. 

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बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी: 
गौरतलब है कि महेश जोशी ने राज्यसभा चुनाव के दौरान पुलिस महानिदेशक, एसीबी से एक आधिकारिक शिकायत की थी और उन बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी, जो धनबल के जरिए निर्दलीय विधायकों को लुभाने की कोशिश कर रहे थे. 

राजस्थान में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश:
महेश जोशी ने डीजी कि एसीबी को संबोधित अपने पत्र में कहा था, 'हमें अपने विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि मध्यप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक की तर्ज पर बीजेपी, कांग्रेस के विधायकों के साथ ही हमारी सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों को लालच देकर राजस्थान में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है.

सीएम गहलोत के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का आरोप: 
वहीं इससे पहले आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ भाजपा विधायक अशोक लाहोटी, सुभाष पूनिया, रामलाल शर्मा और निर्मल कुमावत ने विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाया है. विधायकों ने इसको लेकर विधानसभा सचिव को पत्र सौंपा है. इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के भी हस्ताक्षर है. आरोप में मुख्यमंत्री के 35 करोड़ वाले बयान को कोट किया गया है. इस बारे में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कटारिया के कक्ष में एक बड़ी बैठक भी हुई है. 

सतीश पूनिया पर भी विशेषाधिकार हनन आरोप:
निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने भी बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया पर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया. लोढ़ा ने शिकायत में कहा है कि, सतीश पूनिया ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस की बाड़ेबंदी के दौरान 23 विधायकों को वोट के बदले खान, रिको प्लॉट देने और कैश ट्रांजैक्शन से लाभान्वित किया गया है. 

विधायक अनिता भदेल कोरोना पॉजिटिव, 2 दिन पहले आयीं थीं भाजपा प्रदेश कार्यालय 

21 जून को विधानसभा में दी थी शिकायत:
दरअसल, कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय संयम लोढ़ा ने पूनिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत 21 जून को विधानसभा में दी थी. विधानसभा सचिवालय ने अध्यक्ष के समक्ष फाइल पुटअप किया था. ऐसे में अब दोनों ही मामलों में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को फैसला करना है. 

विधायक अनिता भदेल कोरोना पॉजिटिव, 2 दिन पहले आयीं थीं भाजपा प्रदेश कार्यालय

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जयपुर: प्रदेश में लगातार पैर पसार रहा कोरोना अब जनप्रतिनिधियों के लिए भी खतरा बनता जा रहा है. अजमेर दक्षिण से भाजपा विधायक अनीता भदेल भी कोरोना पॉजिटिव मिली है. कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए जाने के बाद उन्होंने खुद को होम आइसोलेट कर लिया है. वहीं भदेल के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद भाजपाइयों में भी खलबली मच गई है. 

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2 दिन पहले भाजपा कार्यालय तक आयीं थीं अनिता भदेल: 
दरअसल, अनिता भदले 2 दिन पहले ही भाजपा कार्यालय तक आयीं थी. इसी बात को लेकर फिलहाल भाजपा प्रदेश कार्यालय में कई लोगों के चिंता की लकीरें हैं. सूत्रों की मानें तो दर्जनभर कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से उनकी सामान्य मुलाकात हुई थी. हालांकि प्रेदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने मुलाकात नहीं हुई थी. लेकिन फिलहाल उनके संपर्क में आने वाला हर कोई खुद को क्वॉरंटीन कर रहा है. इससे पहले जितेन्द्र गोठवाल भी कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजेंद्र राठौड़, रामचरण बोहरा, सुशील कटारा व अन्य लोगों से उनकी मुलाकात हुई थी. ऐेसे में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने खुद की जांच भी करवाई है. सांसद रामचरण बोहरा भी जांच करवाएंगे. इससे पहले जितेन्द्र गोठवाल भी कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं. 

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कोरोना का शिकार होने वाली पहली जनप्रतिनिधि नहीं:
वहीं विधायक अनीता भदले से पहले भी कई जनप्रतिनिधि कोरोना की चपेट में आ चुके हैं. भदले से पहले पाली के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक जोराराम कुमावत, पाली विधायक जेपी चंदेलिया और बाड़ी विधायक गिरिराज मलिंगा भी कोरोना की जद में आ चुके हैं. 

HARYANA : सीएम मनोहर लाल खट्टर ने की पीएम मोदी से मुलाकात, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

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नई दिल्ली: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर दिल्ली दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे. इस दौरान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर अहम चर्चा हुई. मुख्यमंत्री खट्टर ने पहले ही प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का समय ले रखा था. जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष पद के नाम की घोषणा कर सकती है. 

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जेपी नड्‌डा से भी की थी मुलाकात:
हरियाणा में प्रदेशाध्यक्ष के नाम पर पेंच फंसा हुआ है. इससे पहले गुरुवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली में ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा से मुलाकात की थी. सीएम खट्टर ने नए प्रदेशाध्यक्ष और बरौदा उप चुनाव को लेकर चर्चा की थी.

नई नियुक्तियों को लेकर भी हुआ गहन मंथन:
जानकारी के मुताबिक इसके अलावा प्रदेश में नई नियुक्तियों को लेकर गहन मंथन हुआ था. राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ बातचीत के बाद सीएम खट्टर ने कहा कि जल्द ही नए प्रदेशाध्यक्ष का ऐलान किया जाएगा. इसमें अब देरी नहीं होनी चाहिए. मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उन्होंने साफ किया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना ही नहीं है. 

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नई नियुक्तियों को लेकर भी हुआ गहन मंथन:
जानकारी के मुताबिक इसके अलावा प्रदेश में नई नियुक्तियों को लेकर गहन मंथन हुआ था. राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ बातचीत के बाद सीएम खट्टर ने कहा कि जल्द ही नए प्रदेशाध्यक्ष का ऐलान किया जाएगा. इसमें अब देरी नहीं होनी चाहिए. मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उन्होंने साफ किया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना ही नहीं है. 

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राज्यसभा चुनाव के बाद परवान चढ़ती आरोप-प्रत्यारोप की पॉलिटिक्स, अब मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का आरोप

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21 जून को विधानसभा में दी थी शिकायत:
दरअसल, कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय संयम लोढ़ा ने पूनिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत 21 जून को विधानसभा में दी थी. विधानसभा सचिवालय ने अध्यक्ष के समक्ष फाइल पुटअप किया था. ऐसे में अब दोनों ही मामलों में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को फैसला करना है. 

क्या है विशेषाधिकार हनन?
देश में विधानसभा, विधानपरिषद और संसद के सदस्यों के पास कुछ विशेष अधिकार होते हैं, ताकि वे प्रभावी ढंग से अपने कर्तव्यों को पूरा कर सके. जब सदन में इन विशेषाधिकारों का हनन होता है या इन अधिकारों के खिलाफ कोई कार्य किया जाता है, तो उसे विशेषाधिकार हनन कहते हैं. इसकी स्पीकर को की गई लिखित शिकायत को विशेषाधिकार हनन नोटिस कहते हैं.

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कैसे लाया जा सकता है विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव?
नोटिस के आधार पर स्पीकर की मंजूरी से सदन में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जा सकता है. विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव संसद के किसी सदस्य द्वारा पेश किया जाता है, जब उसे लगता है कि सदन में झूठे तथ्य पेश करके सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन किया गया है या किया जा रहा है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए सुनिल शर्मा रिपोर्ट

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