भाजपा के जेल भरो आंदोलन के जवाब में कांग्रेस की कर्जमाफी योजना

Nirmal Tiwari Published Date 2019/02/05 10:08

जयपुर। भाजपा के जेल भरो आंदोलन के जवाब में कांग्रेस सरकार ने जो कर्ज माफी योजना शुरू की है उसको लेकर हालांकि अभी फाइनल रोडमैप तैयार नहीं हुआ है लेकिन 7 फरवरी से 9 फरवरी के बीच प्रदेश में 165 शिविर आयोजित किए जा कर लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने माइलेज लेने की कोशिश शुरू कर दी है। 

7 फरवरी को प्रदेश में कर्ज माफी शिविर की शुरुआत होने जा रही है। पहले दिन 33 जिलों में 1-1 शिविर आयोजित होगा और 8 वह 9 फरवरी को प्रत्येक जिले में दो-दो शिविर आयोजित किए जाएंगे। 3 दिन में कुल 165 शिविरों के माध्यम से करीब 16500 किसानों को ऋण माफी के प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। इससे करीब 650 करोड रूपए का वित्तीय भार राज्य सरकार के ऊपर आएगा और प्रत्येक किसान को पहले चरण में करीब 38000 ऋण माफी का लाभ मिलेगा। हालांकि राज्य सरकार ने 2 लाख तक के ऋण माफी की घोषणा की है लेकिन अभी चूंकि फाइनल रोडमैप तैयार नहीं हुआ और वित्तीय इंतजाम ना होने से पहले दौर के पॉलिटिकल माइलेज के एफर्ट शुरू हो गए हैं। 

इधर एनसीडीसी से भी 2200 करोड़ के ऋण को लेकर बातचीत शुरू हो गई है। सहकारिता मंत्री उदयलाल अंजना की माने तो फसली ऋण माफी को लेकर राज्य सरकार अभी सिर्फ 11 लाख किसानों को ही फायदा देने वाली है। वहीं 13 लाख 50 हजार किसानों को अभी ऋणमाफी प्रक्रिया से दूर रखा जाएगा, इन पर फैसला बाद में होगा। ये वो किसान है, जो पिछली वसुंधरा सरकार में 50 हजार रुपये की ऋणमाफी का पूरा लाभ ले चुके थे, लेकिन इन किसानों ने दोबारा से ऋण ले लिया है। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि अभी 7 फरवरी से जो शिविर लग रहे है, इन शिविरों में सिर्फ सहकारी बैंक और भूमि विकास बैंक के कर्जे माफ होंगे और सिर्फ 11 लाख किसानों को ही फायदा सरकार देगी। 

उन्होंने बताया कि इन 11 लाख किसानों में 8 लाख 50 हजार किसान वह, जिनके पास दो हैक्टेयर से ज्यादा भूमि है, जबकि 2 लाख 50 हजार किसान वह, जिन्होंने पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार में ऋण माफी का लाभ तो लिया था, लेकिन पूरा नहीं ले सके थे। उन्होंने बताया कि दो हैक्टेयर से ज्यादा भूमि वाले किसानों की संख्या पश्चिमी राजस्थान से ज्यादा है। साथ ही वित्त विभाग ने यह भरोसा दिलाया है कि धन की कोई कमी आने नहीं दी जाएगी। सहकारिता मंत्री का कहना है कि भाजपा की तरफ से 8 फरवरी को जेल भरो आंदोलन किया जा रहा हो, जो कि सिर्फ राजनीतिक स्टंट है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ विपक्ष की भूमिका अच्छी तरह निभा सकती है, इसलिए उन्हें विपक्ष की भूमिका मिली है, जबकि कांग्रेस को राज मिला है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी सरकार चलाने में माहिर है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार ने चुनावी वर्ष में किसानों को राहत दी थी, जबकि गहलोत सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों के लिए कर्जमाफी की घोषणा कर दी थी और अब किसानों को राहत देने जा रही है।

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