VIDEO: पराजित सीटों को जीतने के कांग्रेस के प्रयास, पार्टी ने हाथ में लिया पायलट प्रोजेक्ट, देखिए खास रिपोर्ट

VIDEO: पराजित सीटों को जीतने के कांग्रेस के प्रयास, पार्टी ने हाथ में लिया पायलट प्रोजेक्ट, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुर(योगेश शर्मा): राजस्थान की कांग्रेस ने एक बार हार और एक बार जीत का मिथक तोड़ने की कवायद शुरू कर दी है. पायलट प्रोजेक्ट के तहत उन सीटों पर सबसे पहले फोकस किया जा रहा है, जहां बीते तीन चुनावों से कांग्रेस पार्टी लगातार पराजित हो रही है अलवर से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने उन सीटों पर नज़रे गढ़ा दी है जहां बीते तीन या उससे अधिक बार से पार्टी चुनाव हार रही है.ऐसी करीब 60 सीटे बताई जा रही है. इनमें से अधिकांश राजस्थान की शहरी सीटें है जो कांग्रेस की कमजोर कड़ी है. 

इनमें प्रमुख है:
 - श्रीगंगानगर, गंगापुरसिटी, अनूपगढ़, भादरा, बीकानेर पूर्व ,  पीलीबंगा, सांगानेर, मालवीय नगर, कपासन, विद्याधर नगर, जालोर, डग, झालरापाटन, खानपुर, मनोहर थाना, उदयपुरवाटी, रामंगज मंडी, मारवाड़ जंक्शन, मालपुरा, रेवदर, नागौर, रतनगढ़, खंडेला, शाहपुरा (जयपुर) , फुलेरा, किशनगढ़, बहरोड़, थानागाजी, अलवर शहर, भरतपुर, नदबई, धौलपुर, मालपुरा, महवा, अजमेर उत्तर, अजमेर दक्षिण, ब्यावर, खींवसर, मेड़तासिटी, सोजत, बाली, पाली, भोपालगढ़, सूरसागर, सिवाना, भीनमाल, सिरोही, रेवदर, उदयपुर शहर , कुशलगढ़, रामसंमद, आसींद, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा दक्षिण, लाडपुरा, झालरापाटन, खानपुर, छबड़ा, चूरू, सागवाड़ा,घाटोल शामिल हैं. बहरहाल यह अलग बात है कि इनमें से कुछ सीटों पर कांग्रेस विचारधारा के निर्दलीय चुनाव जीत गए , लेकिन हाथ की हार हो गई.

कैसे बीजेपी के पन्ना प्रमुखों से होगा मुकाबला ?
कांग्रेस का पायलट प्रोजेक्ट उन सीटों से शुरू हो गया है, शुरुआत हुई है अलवर शहर से. अलवर शहर विधानसभा में हिमांशु शर्मा को समन्वयक बनाया गया , बूथ कमेटी गठन के लिए इन्ही बूथ कमेटियों के सदस्यों में से एक ब्लॉक अध्यक्ष होगा और  हर बूथ पर 5 सदस्य होंगेे. इनमें एक महिला सदस्य अनिवार्य रुप से होंगी. हर बूथ कमेटी में 4 अन्य सदस्य भी होंगे. बूथ कमेटियों का गठन के जरिए कैडर की मजबूती इनका प्रयास होगा, फिर भी सवाल है कि कैसे बीजेपी के पन्ना प्रमुखों से मुकाबला होगा. 

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