डैमेज कन्ट्रोल में कांग्रेस को बड़ी कामयाबी

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/22 04:12

अजमेर। प्रदेश में सात दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नाम वापसी का आज अंतिम दिन था। डेमेज कन्ट्रोल करने में कांग्रेस को बडी कामयाबी मिली। मसूदा विधानसभा और अजमेर दक्षिण विधानसभा सीट से पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं को पार्टी नेता मनाने में कामयाब रहे। मसूदा से पूर्व संसदीय सचिव ब्रह्मदेव कुमावत और अजमेर दक्षिण विधानसभा से ललित भाटी ने नाम वापस ले लिए हैं। हालांकि किशनगढ विधानसभा सीट पर कांग्रेस नाथुराम सिनोदिया को मनाने में नाकाम रही।

कांग्रेस में टिकट वितरण के साथ ही बगावत के सुर फूट पडे थे। कई नेता बागी हो गए और स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में उन्होंने नामांकन दाखिल कर दिए थे। बागी प्रत्याशी दोनों की प्रमुख दल भाजपा ओर कांग्रेस के चुनौति साबित हो रहे थे। दोनों ही पार्टियों ने डेमेज कन्ट्रोल शुरू कर शीर्ष नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी थी। कुछ हद तक दोनों की पार्टियों को कामयाबी मिली। सबसे अधिक फायदा कांग्रेस को हुआ। मसूदा विधानसभा सीट से पूर्व संसदीय सचिव ब्रह्मदेव कुमावत ने आज नाम वापस ले लिया। अजहमेर संभाग प्रभारी इमरान किदवई की मौजूदगी में उन्होंने नाम वापस लिया। इसी प्रकार  अजमेर दक्षिण विधानसभा से ललित भाटी को नामांकन वापसी के लिए राजी कर लिया। भाटी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कहने पर ही उन्होंने अपना नाम वापस लिया है।

अजमेर संभाग प्रभारी ओर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इमरान किदवई ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनानी है। इसलिए नाराज उम्मीदवारों से संपर्क कर उन्हें मना लिया गया है। जिन नेताओं को बैठाया गया है वह पार्टी के वरिष्ठ नेता है और उनके नाम वापस लेने से पार्टी केा मजबूती मिलेगी।

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