राजधानी में कांग्रेस ने युवा तो भाजपा ने उतारे उम्रदराज उम्मीदवार

Naresh Sharma Published Date 2018/11/22 11:16

जयपुर। राजधानी जयपुर में कांग्रेस ने युवा उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जबकि भाजपा ने उम्र दराज पर भरोसा जताया है। राजधानी की आठ सीटों पर सिर्फ कांग्रेस ने महिला पर दांव खेला है, जबकि भाजपा की महिला उम्मीदवार की खोज पूरी नहीं हो सकी। 

राजस्थान में सत्ता की धुरी यानी गुलाबी नगरी जयपुर में दोनों प्रमुख सियासी दलों ने अपने योद्धा मैदान में उतार दिए हैं, लेकिन खास बात यह है कि शहर के सभी आठ सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार कांग्रेस उम्मीदवारों से अधिक उम्र के हैं। आठ में से कांग्रेस ने चार उम्मीदवार ऐसे उतारे हैं, जिनकी उम्र 50 वर्ष से कम हैं, जबकि भाजपा में ऐसा उम्मीदवार महज एक हैं। दोनों प्रमुख दलों की ही बात करें, तो सबसे उम्र दराज कालीचरण सराफ व नरपत सिंह राजवी हैं जिनकी उम्र 67 वर्ष हैं। वैसे भारत वाहिनी के घनश्याम तिवाड़ी 72 साल की उम्र में मैदान में हैं। सबसे युवा उम्मीदवार कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज हैं, जिनकी उम्र 40 साल है। इनके सामने 42 साल के अशोक लाहोटी व 72 साल के घनश्याम तिवाड़ी हैं।

राजधानी में भाजपा के उम्रदराज उम्मीदवार
आठ सीटों पर सिर्फ एक युवा मैदान में
कांग्रेस के चार उम्मीदवार है 50 साल से कम उम्र के
भाजपा का सिर्फ एक उम्मीदवार 50 साल से कम का
अमीन कागजी 48 व प्रताप खाचरियावास 49 साल के
अर्चना शर्मा 46 व पुष्पेंद्र भारद्वाज 40 वर्ष के
भाजपा के अशोक लाहोटी 42 साल के हैं

विधानसभा सीट कांग्रेस-भाजपा 
आदर्श नगर रफीक 52 वर्ष अशोक परनामी 64 वर्ष
किशनपोल अमीन कागजी 48 वर्ष मोहन लाल गुप्ता 63 वर्ष
झोटवाड़ा लालचंद कटारिया 50 वर्ष राजपाल शेखावत 59 वर्ष
सिविल लाइंस प्रताप खाचरियावास 49 वर्ष अरुण चतुर्वेदी 57 वर्ष
हवामहल महेश जोशी 64 वर्ष सुरेंद्र पारीक 65 वर्ष
मालवीय नगर अर्चना शर्मा 46 वर्ष कालीचरण सराफ 67 वर्ष
विद्याधर नगर सीताराम अग्रवाल 55 वर्ष नरपत राजवी 67 वर्ष
सांगानेर पुष्पेंद्र भारद्वाज 40 वर्ष अशोक लाहोटी 42 वर्ष

बात महिलाओं की हो, तो कांग्रेस ने पिछली बार की तरह ही इस बार भी राजधानी में एक महिला को टिकट दी है। मालवीय नगर से फिर से अर्चना शर्मा को मैदान में उतारा गया है। वहीं भाजपा की तरफ से एक भी महिला को राजधानी में उम्मीदवार नहीं बनाया गया। भाजपा से महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा सांगानेर से दावेदार थीं, लेकिन पार्टी ने उनको टिकट नहीं दिया। कांग्रेस की तरफ से पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल ने भी किशनपोल से टिकट मांगा था, लेकिन उनको भी नाकामी हाथ लगी। अर्चना शर्मा दूसरी बार कालीचरण सराफ से टक्कर लेगी।

भाजपा की बजाय कांग्रेस ने युवाओं पर भरोसा जताया है, लेकिन यह तो चुनाव परिणाम ही बताएगा कि जनता इन पर भरोसा जताती है या नहीं। भाजपा के सभी आठ में से सात उम्मीदवार विधायक रह चुके हैं। सिर्फ अशोक लाहोटी ही विधानसभा की सीढियों तक नहीं पहुंच सके। उधर कांग्रेस के आठ में से चार उम्मीदवार ही विधायक रहे हैं। रफीक, अमीन कागजी, अर्चना शर्मा व पुष्पेंद्र भारद्वाज पहली बार विधानसभा में पहुंचने का ख्वाब सजाए हैं।
नरेश शर्मा फर्स्ट इंडिया न्यूज जयपुर
   

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