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Local Body Election 2020: हैरिटेज में बागी बने टेंशन, कांग्रेस ने 28 और भाजपा ने 17 अल्पसंख्यक नेताओं को बनाया उम्मीदवार

Local Body Election 2020: हैरिटेज में बागी बने टेंशन, कांग्रेस ने 28 और भाजपा ने 17 अल्पसंख्यक नेताओं को बनाया उम्मीदवार

जयपुर: पहली बार बने जयपुर हैरिटेज नगर निगम चुनाव में कल लाखों मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे. कांग्रेस पार्टी अल्पसंख्यक वार्डो के दम पर अपना मेयर बनाने की उम्मीद लगाए है, लेकिन बोर्ड पर कब्जा करने के लिए कांग्रेस को बागियों की चुनौती से होकर गुजरना होगा. उधर भाजपा चारदीवारी के अपने मजबूत किले को बचाने में जूझ रही है. इन चुनाव में परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, मुख्य सचेतक महेश जोशी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया व पूर्व भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी सहित कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है. लंबी कानूनी लड़ाई व पेचीदगियों से गुजरने के बाद आखिरकार कल राजधानी जयपुर में हैरिटेज नगर निगम के 100 वार्डों के लिए मतदान होगा. कांग्रेस जहाँ अल्पसंख्यक बाहुल्य 40 वार्ड के दम हैं.

इस निगम के लिए होगा कांटे का मुकाबला:
बड़ी जीत की उम्मीद लगाए बैठी है, वहाँ भाजपा चारदीवारी के परंपरागत वोट के भरोसे जीत की राह देख रही है. राह किसी के लिए भी आसन नहीं है, ऐसे में इस निगम के लिए कांटे का मुकाबला होगा. कांग्रेस ने 31 अल्पसंख्यक प्रत्याशी मैदान में उतारे है, लेकिन भाजपा की ओर से यहां मुस्लिम प्रत्याशी उतारने के कारण और कांग्रेस के बागियों के चलते समीकरणों में कुछ बदलाव आया है. इस नगर निगम क्षेत्र में हवामहल, आदर्श नगर, किशनपोल और सिविल लाइंस और आमेर विधानसभा क्षेत्र आते है. इनमें से चार जगह कांग्रेस के विधायक है, लेकिन दो दर्जन से ज्यादा वार्ड ऐसे हैं जहां बागियों ने कांग्रेस के दिग्गज  नेताओं की टेंशन बढ़ा रखी है. महेश जोशी और अमीन कागजी के क्षेत्र में तो बागी है ही आदर्श नगर में विधायक रफीक खान के लिए भी राह आसान नहीं है. रफीक के टिकट वितरण को लेकर बड़ा असन्तोष था. विधानसभा चुनाव में इन विधायकों को जंहा से ज्यादा लीड मिली थी अब इनका फोकस एक बार वहीं पर है.

कांग्रेस विधायक अपने प्रत्याशियों के लिए मांग रहे हैं वोट:
इन वार्डों में प्रचार की कमान अब खुद विधायकों ने अपने हाथों में ले ली है. गली-गली घूमकर कांग्रेस विधायक अपने प्रत्याशियों के लिए वोट मांग रहे हैं.भाजपा चारदीवारी क्षेत्र को अपना परम्परागत वोट बैंक मानती है, लेकिन इस बार भाजपा की गिनती जीरो से शुरू होगी, वहीं कांग्रेस की गिनती 20 से. दरअसल कांग्रेस के पास अल्पसंख्यक वार्ड है, जो भाजपा के लिए सबसे बड़ी चिंता है. ऐसे में अशोक परनामी व अरुण चतुर्वेदी इस चिंता को कितना दूर कर पाते है. यह देखना होगा. भाजपा में टिकट वितरण इस बार संगठन की ज्यादा चली है, ऐसे में अंतर्द्वंद्व यंहा भी कांग्रेस से कम नहीं है.

-हैरिटेज नगर निगम में इस बार कांग्रेस ने 31 और भाजपा ने 17 अल्पसंख्यक नेताओं को उम्मीदवारों बनाया है. कांग्रेस ने हवामहल से 12, किशनपोल से 8, आदर्श नगर से 7 और आमेर से एक अल्पसंख्यक नेता पर दांव खेला है.
-सिविल लाइन्स में 2 अल्पसंख्यक उम्मीदवार हाथ के निशान पर चुनाव लड़ रहे है 
-वार्ड नंबर 5,  6, 13, 15, 19, 23, 27 और 28 में कांग्रेस के बागी बने है सरदर्द
-सिविल लाइंस के अल्पसंख्यक बाहुल्य वार्ड 33 में भी कांग्रेस प्रत्याशी को बागी से चुनौती 
-किशनपोल के के वार्ड 55, 61 62 65 67 और वार्ड 75 में  बागी कांग्रेस  के लिए चुनौती
-आदर्श नगर इलाके में टिकट वितरण से कांग्रेस में असंतोष
-भाजपा के लिए भी बागी बने हुए है सिरदर्द
-किशनपोल व आदर्श नगर में भाजपा अपनों से ही परेशान

हैरिटेज नगर निगम में कांग्रेस के लिए आर पार की लड़ाई:
जयपुर हैरिटेज नगर निगम में कांग्रेस के लिए आर पार की लड़ाई है. दरअसल इस क्षेत्र में वार्डो का सीमांकन जस तरह किया गया था ताकि कांग्रेस अपना बोर्ड बना से. साथ ही इस निगम क्षेत्र में आने वाले 5 विधानसभा क्षेत्र में से 4 में कांग्रेस के विधायक है. इनमें प्रताप सिंह खाचरियावास व प्रताप सिंह भी शामिल है. किशनपोल से अमीन कागजी व आदर्श नगर से रफीक विधायक है. चारों ही नेताओ की साख दाव पर लगी है. दरअसल इनका जिम्मा सिर्फ पार्षद बनवाना ही नहीं बल्कि मेयर व डिप्टी मेयर भी कांग्रेस का बनवाना है. कांग्रेस को ना केवल हेरिटेज में अपने अधिकांश प्रत्याशियों को जिताना होगा बल्कि बोर्ड बनाने के लिए जीते हुए बागियों को भी साधने की कवायद अभी से करनी होगी. वही भाजपा नेता अशोक परनामी व अरुण चतुर्वेदी के सामने अपने खोए हुए जनाधार को फिर से हासिल करने का मौका रहेगा. मोहनलाल गुप्ता व सुरेंद्र पारीक भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में जुटे है. लेकिन आखिरकार फैसला जनता को करना है.

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सिरोही: ACB की टीम ने किसान से तीन हजार की रिश्वत लेते पटवारी को दबोचा, लग्जरी होटल में जी रहा था ऐशो-आराम की जिंदगी

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सिरोही: जिले भीमाणा में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भीमाणा पटवारी गिरधारीदान चारण को तीन हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया गया. एसीबी के एएसपी नारायणसिंह पुरोहित ने बताया कि भीमाणा पटवार सर्कल के सांगवाड़ा निवासी मोतीराम पुत्र कानाराम भील पेशे से किसान है जिसने परिवाद पेश कर बताया कि पटवारी गिरधारीदान चारण ने कृषि कार्य व कृषि कनेक्शन के लिए उसकी जमीन की नकल व जमाबंदी देने के एवज 10 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमे 7 हजार पहले दे चुका था. 

होटल में तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया: 
वहीं तीन हजार और देने के लिए पटवारी उनपर दबाव बना रहा है जिसकी शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन करवाया सत्यापन होने के बाद एसीबी के एएसपी नारायणसिंह पुरोहित के नेतृत्व में टीम भीमाणा के एक होटल पहुची जहां हाइवे पर स्थित प्रियंका होटल के रूम नम्बर 113 में पटवारी गिरधारीदान चारण को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया गया. 

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होटल के कमरे से डेढ़ लाख रुपये नकद भी बरामद किए: 
वहीं एसीबी टीम द्वारा कमरे की तलाशी ली गई तो कमरे से डेढ़ लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए. एसीबी की टीम आरोपी गिरधारीदान से डेढ़ लाख की राशि के हिसाब के बारे में पूछताछ कर रही है. वहीं आरोपी के मूल गांव जो जैसलमेर जिले में स्थित है उसकी भी जानकारी लेकर वहां पर भी सर्च की कार्रवाई की जाएगी. 

पिछले लंबे समय से एक लग्जरी होटल में रह रहा था:
पटवारी के एशो-आराम का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि पटवारी गिरधारीदान चारण जो कि सरकार का एक अदना सा कर्मचारी होते हुए भी सरकारी आवास पर न रहकर पिछले लंबे समय से एक लग्जरी होटल के रूम 113 में रह रहा है, जिसका प्रतिदिन का किराया करीब 1500 से 2000 रुपये है. एक पटवारी अगर प्रतिदिन अपने रहने के लिए अगर दो हजार रुपये खर्च करता है तो आप अंदाजा लगा सकते है कि उसकी ऊपरी कमाई कितनी होगी? 

पिंडवाड़ा पटवार संघ उपशाखा के अभी हाल ही में अध्यक्ष चुने गए: 
आपको बता दें कि आरोपी पटवारी गिरधारीदान पिंडवाड़ा पटवार संघ उपशाखा के अभी हाल ही में अध्यक्ष चुने गए और अध्यक्ष चुनते ही इन्होंने पिंडवाड़ा तहसीलदार कल्पेश जैन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था जिसके चलते पिछले काफी दिनों से सुर्खियों में थे. और आज एसीबी द्वारा कार्रवाई के बाद लोगों द्वारा अलग-अलग ढंग के कयास लगाए जा रहे हैं.

UP: चुनाव ड्यूटी में तैनात आईएएस अधिकारी का दिल का दौरा पड़ने से निधन, CM योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि

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लखनऊ: वाराणसी में खंड स्नातक और शिक्षक चुनाव में पर्यवेक्षक के रूप में तैनात वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अजय कुमार सिंह का दिल का दौरा पड़ने से शनिवार सुबह इलाज के दौरान निधन हो गया. उनकी उम्र करीब 50 वर्ष थी. सिंह की पत्नी नीना शर्मा भी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं.

योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि:
अजय सिंह की मृत्यु पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम 11 की बैठक के दौरान अपने अधिकारियों के साथ श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. 

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हृदय रोग विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था: 
वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि सिंह चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में वाराणसी आये थे और शुक्रवार सुबह मतगणना स्थल पर जाते समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा, उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था.

अंतिम संस्कार वाराणसी में ही किया जाएगा:
उन्होंने बताया कि सिंह के परिजन शुक्रवार शाम उन्हें एयर एंबुलेंस से गुड़गांव के मेदांता अस्पताल ले जाना चाहते थे लेकिन चिकित्सकों ने रात में ले जाने की इजाजत नहीं दी. उन्होंने बताया कि आज सुबह उन्हें मेदांता ले जाया जाना था लेकिन सुबह करीब साढ़े नौ बजे उनका निधन हो गया. शर्मा ने बताया कि सिंह की पत्नी शुक्रवार को ही वाराणसी आ गयीं थीं. उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार वाराणसी में ही किया जाएगा. 

चार लोगों पर विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बनाने का आरोप, मामला दर्ज

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सवाई माधोपुर: मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के फलसावटा की एक विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया. घटना को लेकर पीड़िता ने जिला पुलिस अधीक्षक को परिवाद सौंपकर आरोपियों के खिलाफ मलारना डूंगर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया. 

पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि अपने ससुराल से पीहर जा रही थी. तब रास्ते में एक काले कलर की गाड़ी में चार आरोपी आए और जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर मोरेल नदी में सुनसान जगह ले गए. जहां चारों आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म कर विवाहिता का अश्लील वीडियो बनाया और किसी को बताने पर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी. 

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फिलहाल पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

प्रतापगढ़: 10 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में बच्ची का सगा मौसा गिरफ्तार

प्रतापगढ़: 10 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में बच्ची का सगा मौसा गिरफ्तार

प्रतापगढ़: धरियावद पुलिस ने 10 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में बच्ची के सगे मौसा को गिरफ्तार किया है. 30 नवंबर 2020 को धरियावद पुलिस थाना में फरियादी ने एक रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि वह उसकी पत्नी के साथ कहीं मेहमान गए हुए थे घर पर उसका छोटा पुत्र व 10 वर्षीय बच्ची अकेली थी. मासूम बच्ची घर से दुकान पर कुछ लेने के लिए जा रही थी की उसके पड़ोस में रहते उसके मौसा भेरूलाल उर्फ़ भेरीया मीणा ने बच्ची को बुलाया और कहा की मेरा खाना बना दे. इस पर बच्ची ने खाना बनाया. 

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भेरीया के वहां पर भेरीया की बच्ची भी थी जिसे पैसे देकर उसनें दूकान पर भेज दिया. उसके बाद भेरीया मीणा ने मासूम बच्ची के हाथ-पांव बांधकर उसे जान से मारने की धमकी देते हुवे बच्ची के साथ ज़बरन दुष्कर्म किया. पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया. टीम ने आरोपी दरिंदे को 48 घण्टे में ही गिरफ़्तार कर लिया. पुलिस ने अभियुक्त भेरूलाल मीणा उर्फ़ भेरीया को धारा 376, 3/4 पोक्सो एक्ट में गिरफ्तार किया. जिसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से अभियुक्त को पीसी रिमाण्ड पर भेज दिया गया है.

Digital Baal Mela में आज कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बताएंगे बच्चे कैसे बनें प्रधानमंत्री के जल जीवन मिशन अभियान का हिस्सा

Digital Baal Mela में आज कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बताएंगे बच्चे कैसे बनें प्रधानमंत्री के जल जीवन मिशन अभियान का हिस्सा

जयपुर: Digital Baal Mela में आज केंद्रीय जल संरक्षण मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बच्चों से बात करेंगे. कोरोना महामारी के इस मुश्किल दौर में बच्चों की रचनात्मकता को बनाये रखने के लिये 14 नवंबर को शुरु किये गये देश के पहले डिजिटल बाल मेला में राजस्थान के चहेते कैबिनेट मंत्री बच्चों को बतायेंगे जल संरक्षण की अहमियत. गजेंद्र सिंह जहां जल शक्ति मिशन को सफल बनाने में जुटे हैं तो बच्चे ये जानना चाहते वहीं वो बच्चों को ये बतायेंगे कि कोरोना के इस मुश्किल वक्त में पानी की बढ़ती जरुरत को कैसे पूरा करें.

राजस्थान के हर घर तक पानी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता: 
कैबिनेट मीनिस्टर गजेंद्र सिंह शेखावत राजस्थान के जोधपुर से लोकसभा के सांसद है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट की कमान उनके हाथों में है. राजस्थान के हर घर तक पानी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है. इस अभियान में सभी राज्यों के साथ रणनीति बनाने में वो जुटे हैं. जब बात हर घर की आती है तो हर घर के बच्चे से भी जुड़ जाती है इसीलिये जहां नेता गण बच्चों के कार्यक्रमों से दूरी बनाते हैं वहीं शेखावत ने इस पर खुशी ज़ाहिर करते हुये digitalbaalmela को एक नायाब प्रयोग बताया.

बच्चों से बातचीत के प्रति शेखावत का उत्साह: 
गजेंद्र सिंह शेखावत पिछले कई दिनों से राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में व्यस्त थे तो अभी भी पश्चिम बंगाल के दौरे पर व्यस्त हैं. अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बीच भी बच्चों से बातचीत के प्रति उनका उत्साह बताता है कि वो बाल मन के कितने करीब है.

डिजिटल बाल मेला ऑनलाइन रचनात्मक गतिविधियों का मंच दे रहा: 
डिजिटल बाल मेला बच्चों का एक ऐसा मंच है जो बच्चों में कोरोना जागरुकता बढ़ाने के लिये उन्हें ऑनलाइन रचनात्मक गतिविधियों का मंच दे रहा है. इस बाल मेला में 10 तरह की प्रतियोगिताएं रखी गयी है. एक्टिंग, डांसिंग, निबंध प्रतियोगिता डिबेट.... हर प्रतियोगिता का विषय कोरोना से संबंधित है. फैंसी ड्रेस भी कोरोना को हराने का संदेश दे रही है  तो गाने बनाने का काम भी लिटिल कोरोना वारियर बखूबी कर रहे हैं. राजस्थान सहित महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, हिमाचर प्रदेश, दिल्ली सहित बिहार से बच्चे इस बाल मेला में शामिल हो रहे हैं.

बच्चे घर से ही अपने मनपसंद काम में भाग ले सकते हैं:
ये देश का पहला नवाचार है जिसमें बच्चे घर से ही अपने मनपसंद काम में भाग ले सकते हैं. डिजिटल बाल मेला का मकसद बच्चों को स्कूल नहीं जाने से  होने वाली बोरियत से बचाना और उनकी प्रतिभा को सामने लाना है. कोराना महामारी ने बच्चों के जीवन को बहुत प्रभावित किया है. एक तरफ माता-पिता की व्यस्तता है तो दूसरी तरफ चिंता कि कैसे बच्चों को घर में रहते हुये भी व्यस्त रखें साथ ही रचनात्मक भी. डिजिटल बाल मेला माता पिता और बच्चों की इसी चिंता को दूर करने का प्रयास है.

पूरे देश के बच्चों के उत्साह काबिले तारीफ: 
हालांकि इस बाल मेला का आयोजन राजस्थान के लिये किया गया था लेकिन पूरे देश के बच्चों के उत्साह काबिले तारीफ है. देश भर से बच्चे अपने वीडियो बनाकर बाल मेला में शामिल हो रहे हैं. बच्चों के जोश को देखते हुये ही बाल मेला टीम ने ऑनलाइन सेशन आयोजित करने का फैसला किया. और गजेंद्र सिंह शेखावत जैसे वरिष्ठ  मंत्री का बाल मेला में शामिल होना बच्चों के लिये एक बहुत बड़ा मौका है.

बच्चों की अक्सर शिकायत रहती है कि उनकी बात कोई नहीं सुनता:
बच्चों की अक्सर शिकायत रहती है कि उनकी बात कोई नहीं सुनता, आज कैबिनेट मीनिस्टर उनकी बात सुनेंगे और उनके सवालों के जवाब भी देंगे. गौरतलब है कि जल संरक्षण के मुद्दे पर अगर वो बच्चों को साथ ले पाते हैं तो हर घर में एक पक्का चौकीदार उन्हें मिल जायेगा. पानी बचाने में बच्चों की बड़ी भूमिका हो सकती है बस ज़रुरत उन्हें प्यार से समझाने की है और उन्हें ये बताने की भी कि वो सिर्फ शैतानी नहीं करते बल्कि देश के लिये एक बड़ा काम भी करते हैं.

बच्चों के लिये एक नया प्रेरणादायी अनुभव होगा:
गजेंद्र सिंह इस बात को बखूबी समझते हैं और इसीलिये वो बात को तैयार करेंगे की कैसे कोरोना वारियर के साथ साथ वो वाटर सेवियर वारियर भी बन सकते हैं. गजेंद्र सिंह शेखावत QUORA CHAMPION MINISTER बनकर पहले से ही काफी चर्चा में है ऐसे में बच्चों के साथ उनका संवाद निश्चित ही बच्चों के लिये एक नया प्रेरणादायी अनुभव होगा.

बच्चों के लिये रोमांचक अनुभव बनता जा रहा: 
डिजिटल बाल मेला में अलग अलग क्षेत्रों के विशेष मेहमानों से मिलने का सिलसिला भी बच्चों के लिये रोमांचक अनुभव बनता जा रहा है. इसी क्रम में 3 दिसंबर को IIM के प्रोफेसर श्वेत गोयल ने पेंटिंग करना सीखाया था वहीं 4 दिसंबर को बालीवुड एक्टर और डायरेक्टर अमित बिमरोत ने अच्छा एक्टर बनने के लिये ज़रुरी बातें बतायी थी.

शेखावत बचपन से ही एक अच्छे लीडर के रुप में जाने जाते हैं:
गजेंद्र सिंह शेखावत बचपन से ही एक अच्छे लीडर के रुप में जाने जाते हैं, स्टूडेंट राजनीति से ही अपनी अलग पहचान बनाने वाले शेखावत ने ह्यूमनिटिज़ ( मानविकी विषय )  में ग्रेज्यूएशन और पोस्ट ग्रेज्यूएशन किया है. 2019 के चुनावों में रिकार्ड वोटों से जीत दर्ज़ की थी तो अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल जीवन मिशन के तहत हर घर में पाईपलाइन से पानी पहुंचाने में जुटे हैं. 5 दिसंबर दोपहर 3 बजे बच्चों क  बतायेंगे कैसे वो भी प्रधानमंत्री के इस अभियान का हिस्सा  बन सकते हैं  

 

आज 36,590 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण का शुभारंभ करेंगे सीएम योगी

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सुबह 11 बजे बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में चयनित  36,590 सहायक अध्यापकों को ऑनलाइन नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे. पहले मुख्यमंत्री को गोरखपुर में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करना था लेकिन अब सीएम योगी लखनऊ में ही शुभारंभ करेंगे. अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने इस तब्दीली की जानकारी दी. 

Jaipur: लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, 16 वें दिन भी कीमतों में बढ़ोत्तरी जारी

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जयपुर: कोरोना संकट के बीच पेट्रोलियम की बढ़ती दरों ने आमजन की कमर तोड़ दी है. पेट्रोल-डीजल ने पिछले 16 दिन से तेवर दिखाना शुरू कर दिया. आज पेट्रोल 29 पैसे और डीजल 27 पैसे की बढ़त के साथ शुरू हुआ. सर्दी और कोरोना संकट के दौर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि जारी है इससे आमजन मुश्किल में पड़ गया है. संकट के इस दौर में पेट्रोल-डीजल आम आदमी की पकड़ से बाहर होता जा रहा है.  

पिछले 16 दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो रही:  
कोरोना संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भी देश और प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि का दौर जारी है. पिछले 16 दिनों में जिस तरह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो रही है उससे ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार का तेल कंपनियों पर नियंत्रण पूरी तरह समाप्त हो चुका है. 20 नवम्बर को पेट्रोल-डीजल में वृद्धि का दौर शुरू हुआ जो आज तक जारी है. इस अवधि में पिछले 16 दिन में पेट्रोल जहां 2 रुपए 27 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है. वहीं डीजल की कीमतों में भी 2 रुपये 98 पैसे की वृद्धि हुई है. पेट्रोल के दाम पहली बार 90 रुपए पार पहुंचे हैं. पेट्रोल 90.48 रूपए के स्तर पर पहुंच गए हैं. 

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डीजल के दाम में भी 82.45 रुपए का मुकाम हासिल किया:
वहीं डीजल के दाम में भी 82.45 रुपए का मुकाम हासिल किया है. इसका सीधा मतलब है कि  कोरोना संकट के दौर में जहां लोगों के रोजगार छिन रहे हैं, वेतन भत्तों में कमी आई है उस दौर में पेट्रोल-डीजल की दरें बढ़ाकर आम आदमी की मानों कमर तोड़ दी गई है.

Rajasthan Panchayati Raj Election: जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के अंतिम चरण के लिए हो रहा मतदान, 52 लाख से ज्यादा मतदाता पंजीकृत

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जयपुर: प्रदेश के 21 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चौथे और अंतिम चरण के लिए मतदान चल रहा है. मतदाता शाम 5 बजे तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. जबकि सभी चरणों की 8 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर मतगणना करवाई जाएगी. 

कोविड के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए मतदान करने की अपील: 
राज्य निर्वाचन आयुक्त पीएस मेहरा ने कल जिला परिषद और पंचायत समितियों के  चुनाव में सभी मतदाताओं से कोविड के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए मतदान करने की अपील की है. चौथे चरण में 21 जिलों की 46 पंचायत समितियों के 908 सदस्यों और उनसे संबंधित जिला परिषद सदस्यों के लिए मतदान करवाया जाएगा. 

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52 लाख से ज्यादा मतदाता मतदान कर सकेंगे:
करीब 18 हजार ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि 36 हजार से ज्यादा कार्मिक चुनाव  करवाएंगे. वहीं 52 लाख से ज्यादा मतदाता मतदान कर सकेंगे. चौथे चरण में 7346 मतदान केंद्रों पर 52 लाख 55 हजार 889 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. इसमें 27 लाख 12 हजार 627 पुरुष, 25 लाख 43 हजार 244 महिला व 18 अन्य मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.

सीनियर सिटीजन और दिव्यांगों को प्राथमिकता दी जाएगी:
मेहरा ने सभी मतदाताओं से घर से मास्क लगाकर निकलने, मतदान केंद्र में जाने से पहले हाथों को सेनेटाइज करने और मतदान के समय पंक्ति में खड़े रहने के दौरान चिन्हित गोलों पर खड़े रहकर या उचित दूरी बनाते हुए अपनी बारी का इंतजार करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान सीनियर सिटीजन और दिव्यांगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उन्होंने मतदाता, उम्मीदवार या उनके समर्थकों से मतदान केंद्र या आसपास भीड़ या समूह में खड़े नहीं रहने की भी अपील की.