मुंबई औरंगाबाद का नया नाम रखे जाने के मुद्दे पर विभाजनकारी राजनीति नहीं होनी चाहिए: कांग्रेस

औरंगाबाद का नया नाम रखे जाने के मुद्दे पर विभाजनकारी राजनीति नहीं होनी चाहिए: कांग्रेस

औरंगाबाद का नया नाम रखे जाने के मुद्दे पर विभाजनकारी राजनीति नहीं होनी चाहिए: कांग्रेस

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने शनिवार को कहा कि औरंगाबाद का नया नाम रखे जाने के मुद्दे का उपयोग नफरत फैलाने और समाज में विभाजन के लिए नहीं किया जाना चाहिए. शिवसेना ने पूर्व में मध्य महाराष्ट्र स्थित औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने की मांग की थी. कांग्रेस राज्य सरकार की गठबंधन सहयोगी है.

बालासाहेब थोराट ने कहा- शहर का नया नाम रखने के मुद्दे का उपयोग नफरत फैलाने और समाज में विभाजन के लिए नहीं किया जाना चाहिएः
बालासाहेब थोराट ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज के प्रति श्रद्धा रखती है और इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हालांकि, एक शहर का नया नाम रखे जाने के मुद्दे का उपयोग नफरत फैलाने और समाज में विभाजन के लिए नहीं किया जाना चाहिए. हमारा ध्यान विकास कार्यों की ओर है. हाल ही में औरंगाबाद के दौरे के दौरान बालासाहेब थोराट ने कहा था कि शहर का नाम बदले जाने के किसी भी कदम का कांग्रेस विरोध करेगी.

अशोक चव्हाण ने कहा- शहर का नाम बदलना गठबंधन सरकार की प्राथमिकता नहींः
इस बीच, कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता एवं राज्य में मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि शहर का नाम बदलना महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार की प्राथमिकता नहीं थी. चव्हाण ने कहा  कि यह तीन दलों की गठबंधन सरकार है और प्रत्येक दल का अपना अलग नजरिया है इसलिए हम सभी एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम के आधार पर साथ आए थे. नाम बदलना प्राथमिकता नहीं है. इससे पहले दिन में शिवसेना नेता संजय राउत ने भरोसा जताया कि गठबंधन सहयोगियों के साथ वार्ता के माध्यम से इस मुद्दे का हल निकाल लिया जाएगा.
सोर्स भाषा

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