Hema Ram के इस्तीफे पर Congress प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी बोले- Resignदेना उनकी मजबूरी थी, पार्टी को हुआ है बड़ा नुकसान

Hema Ram के इस्तीफे पर Congress प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी बोले- Resignदेना उनकी मजबूरी थी, पार्टी को हुआ है बड़ा नुकसान

Hema Ram के इस्तीफे पर Congress प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी बोले- Resignदेना उनकी मजबूरी थी, पार्टी को हुआ है बड़ा नुकसान

जयपुर: राजस्थान कांग्रेस पार्टी (Rajasthan Congress Party) के सचिन पायलट (Sachin Pilot) खेमे के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और गुढ़ामालानी से विधायक हेमाराम चौधरी (MLA Hemaram Choudhary) के इस्तीफे पर कांग्रेस में खेमेबंदी तेज हो गई है. सचिन पायलट समर्थक कांग्रेस नेता खुलकर हेमाराम चौधरी के समर्थन में आने लगे हैं. अब कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और पायलट समर्थक राजेंद्र चौधरी (Pilot Supporter Rajendra Chaudhary) ने खुलकर हेमाराम के समर्थन में आ गए हैं. राजेंद्र चौधरी ने इस पूरे प्रकरण से पार्टी को भारी नुकसरन का दावा करते हुए इसके सम्मानजनक समाधान की मांग की है.

समस्याओं को लेकर उच्च स्तर पर संपर्क करने पर भी नहीं हुआ समाधान:
राजेंद्र चौधरी ने कहा कि हेमाराम चौधरी ने अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर सरकार में उच्च स्तर (High Level) पर संपर्क करने का प्रयास किया. विधानसभा (Parliament) में भी उन्होंने समस्याएं उठाईं लेकिन उनका सामाधान करवाने में उन्हें सफलता नहीं मिली. हेमाराम चौधरी को मजबूर होकर इस्तीफा देने जैसा कदम उठाना पड़ा है. वे वरिष्ठतम नेता हैं और जन समस्याओं के समाधान में सफल नहीं होने पर ही मजबूर होकर बिना इच्छा का फैसला किया है. उनके इस्तीफे से कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है, मारवाड़ में कांग्रेस को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है.

डोटासरा को सम्मानजनक हल निकालने का सुझाव दिया:
राजेंद्र चौधरी ने कहा मैंने प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (State President Govind Singh Dotasara) से भी बात की है और इस मामले करा सम्मानजनक हल निकालने का सुझाव दिया है. हेमाराम चौधरी से भी बात हुई है, वे आज भी अपने इलाके में कैयर्न एनर्जी (Cairn Energy) के CSR का पैसा खर्च नहीं करने को लेकर धरने पर बैठे हैं. इतने वरिष्ठ नेता को अगर अपने इलाके के लोगों की मांगों को लेकर धरना देना पड़े यह हमारी पार्टी के लिए ठीक नहीं है.

हेूमाराम इंदिरा गांधी के समय के कार्यकर्ता है:
हेमाराम चौधरी इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के कांग्रेस में आने के समय से पार्टी के साथ हैं. हाल ही उन्होंने खुद की करोड़ों की जमीन बच्चों के हॉस्टल बनाने के लिए दान दी है. जिस नेता का इतना अनुभव हो जनता में आदर हो, उसे अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर इस्तीफा देना पड़े तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है. वे इस्तीफा देकर घर नहीं बैठे हैं, आज भी धरना दे रहे हैं. दूसरे विधायकों ने भी जो बातें उठाई हैं उनका संज्ञान लेने की जरूरत है.

इससे पहले सचिन पायलट भी हेमाराम चौधरी के इस्तीफे को चिंताजनक करार दे चुके हैं. पायलट समथर्क विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने हेमाराम का समर्थन करते हुए सरकार में पार्टी नेताओं के काम नहीं होने पर निशाना साधा था. अब प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी भी खुलकर पक्ष में आ गए हैं.

 

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