नई दिल्ली संसद के मानसून सत्र में महंगाई, अग्निपथ सहित जनहित के कई मुद्दे उठाएगी कांग्रेस

संसद के मानसून सत्र में महंगाई, अग्निपथ सहित जनहित के कई मुद्दे उठाएगी कांग्रेस

संसद के मानसून सत्र में महंगाई, अग्निपथ सहित जनहित के कई मुद्दे उठाएगी कांग्रेस

नई दिल्ली: कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को फैसला किया कि वह संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान महंगाई, बेरोजगारी, सेना में भर्ती की नई अग्निपथ योजना, जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और जनहित के कई अन्य मुद्दे दोनों सदनों में उठाएगी. पार्टी के संसद मामलों के रणनीतिक समूह की बैठक में यह फैसला किया गया. बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की.

इस बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, जयराम रमेश, पी चिदंबरम, मणिकम टैगोर और कुछ अन्य नेता शामिल हुए. बैठक के बाद राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने संवाददाताओं से कहा कि हम इस सत्र में महंगाई को हम प्राथमिकता देंगे. हम अग्निपथ योजना का विषय भी सदन में उठाना चाहते हैं. हम बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाएंगे. हम संघीय ढांचे पर हो रहे हमले का विषय सदन में चर्चा में शामिल कराना चाहते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य घटा है और आर्थिक परिस्थिति कमजोर हो रही है. हमारा प्रयास होगा कि इस सत्र में इस बारे में भी चर्चा होगी. खड़गे ने कहा कि हम अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अन्याय और ‘हेट स्पीच (घृण फैलाने वाले भाषण)’ पर भी दोनों सदनों में चर्चा चाहते हैं. जांच एजेंसियों का जिस तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है उस बारे में भी हम चर्चा की मांग करेंगे.

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी जनहित के अन्य मुद्दों को भी उठाया जाएगा.कांग्रेस नेता ने यह दावा भी किया कि संसद सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आखिरी समय में आते हैं और सिर्फ तस्वीरें खिंचवाते हैं.गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई को आरंभ होकर 12 अगस्त तक चलेगा. इसमें कुल 26 दिनों की अवधि में 18 बैठकें होंगी.

वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को और उपराष्ट्रपति के रूप में एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है. संसद का यह सत्र खास रहने वाला है, क्योंकि 18 जुलाई को राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए मतदान होना है. दूसरी ओर, उपराष्ट्रपति का चुनाव 6 अगस्त को होगा. उपराष्ट्रपति पद के लिए यदि निर्विरोध निर्वाचन नहीं हुआ तो उसी दिन मतों की गणना भी होगी.(भाषा) 

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