नई दिल्ली संविधान दिवस कार्यक्रम: विपक्ष के बहिष्कार करने पर बिरला ने कहा-संसदीय परंपराओं को बनाये रखना चाहिए

संविधान दिवस कार्यक्रम: विपक्ष के बहिष्कार करने पर बिरला ने कहा-संसदीय परंपराओं को बनाये रखना चाहिए

संविधान दिवस कार्यक्रम: विपक्ष के बहिष्कार करने पर बिरला ने कहा-संसदीय परंपराओं को बनाये रखना चाहिए

नई दिल्ली: संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों द्वारा बहिष्कार करने से दुखी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि यह कोई राजनीतिक समारोह नहीं, बल्कि संसद का कार्यक्रम था, ऐसे में सभी को संसदीय परंपराओं को बनाये रखना चाहिए. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संवाददाताओं से कहा कि किसी को कोई भी समस्या थी, तो वे मुझसे चर्चा कर सकते थे. मैं उनकी (विपक्ष) अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करता. उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष को सम्मान देना मेरी जिम्मेदारी है और मैं भरपूर कोशिश भी करता हूं.

उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज लोकतंत्र के लिए आवश्यक है, ऐसे में संसद की अच्छी परंपराओं एवं परिपाटी को बनाये रखना चाहिए. बिरला ने कहा कि ये संसद का कार्यक्रम था, केंद्र सरकार का नहीं. उन्होंने कहा कि ऐसे गैर राजनीतिक कार्यक्रमों का बहिष्कार करना राष्ट्रहित एवं स्वस्थ्य लोकतांत्रिक परंपरा के अनुरूप नहीं है. कांग्रेस समेत 15 विपक्षी दल शुक्रवार को संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए . विपक्षी दलों ने सरकार पर संविधान की मूल भावना पर आघात करने और अधिनायकवादी तरीके से कामकाज करने का आरोप लगाया.

 

कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, भाकपा, माकपा, द्रमुक, अकाली दल, शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राजद, आरएसपी, केरल कांग्रेस (एम), आईयूएमएल और एआईएमआईएम इस कार्यक्रम से दूर रहे. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोशिश करनी चाहिए कि जिस कार्यक्रम में राष्ट्रपति आ रहे हों, वहां परंपरा को बनाये रखा जाए. उन्होंने कहा कि हाल ही में पीठासीन सभापतियों के सम्मेलन में इस बात पर सहमति भी बनी थी कि राष्ट्रपति के अभिभाषण जैसे कार्यक्रमों में व्यवधान पैदा नहीं किया जायेगा.

बिरला ने कहा कि जिस प्रकार से कार्यक्रम का बहिष्कार किया गया, इससे वे काफी दुखी हैं. एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि संविधान दिवस पर कार्यक्रम में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के कार्यालय को सूचित किया गया था और मंच पर उनके बैठने की व्यवस्था भी की गई थी. दूसरी ओर, विपक्षी दलों द्वारा तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिये संसद में लाए जाने वाले विधेयक पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग किये जाने के बारे में एक सवाल के जवाब में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की जब बैठक होगी, तब उसमें सभी दलों के प्रतिनिधि होंगे और वहां पर विषय तय किये जायेंगे.

उन्होंने कहा कि बीएसी जिन विषयों को तय करेगी, उसके अनुरूप वह सदन चलाने का प्रयास करेंगे. संविधान दिवस पर संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम को राष्ट्रपति के अलावा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी संबोधित किया. इससे पहले केंद्रीय कक्ष में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं में मर्यादित एवं गरिमापूर्ण आचरण करें तथा देश एवं राष्ट्र हित में सामूहिकता के साथ काम करें ताकि आम लोगों के जीवन में सार्थक बदलाव आ सके. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते यह हमारा दायित्व है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में मर्यादित और गरिमापूर्ण आचरण करें . संसद की मर्यादाओं और उच्च गरिमापूर्ण परम्पराओं को कायम रखना हम सबकी जिम्मेदारी है. बिरला ने कहा कि हमें अच्छी परम्पराओं और परिपाटियों को और सशक्त करना चाहिए. (भाषा) 

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