पौराणिक समय से जारी है आस्था का चमत्कार जहां देवी करती है मदिरापान

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/16 12:08

देवली(टोंक)। देवली उपखण्ड़ के दूनी तहसील में विराजमान माता दूणजा के शारदीय नवरात्रों में भक्तो की भीड़ देखते ही बनती है क्योंकि कहा जाता है कि जहां आस्था होती है, वहां कोई ना कोई चमत्कार जरूर होता है या फिर यू कहे कि आस्था और चमत्कार एक ही सिक्के के दो पहलू होते है ।

ये साबित होता है टोंक जिले के दूनी कस्बे में जहाँ दूणी सरोवर किनारे विराजमान माँ दूणजा माता की प्रतिमा को देखकर। जहाँ शराब की बोतले भोग के रूप में मातारानी ग्रहण कर जाती है। यहाँ सिर्फ टोंक जिले के ही नही बल्कि पूरे देशभर के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है । भक्तगण मन्नत पूरी होने पर माता की प्रतिमा को सुरापान करवाते है।

श्रद्धालुओं की ओर से अपनी मन्नत पूरी होने पर यहाँ भोग लगाता है या फिर माता रानी के मदिरा की बोतल चढ़ाई जाती है। ये सिलसला राजा महाराजाओं के समय से चला आ रहा है। पौराणिक समय से लेकर आज भी प्रतिमा पर सवाल उठाने वाले पहेली को नही सुलझा पाये की माता की प्रतिमा जो शराब पीती हैं आखिर में वो शराब जाती कहाँ है।

पूरे राजस्थान में ये एक ही देवी मंदिर है जिसकी प्रतिमा को सुहागन महिला जितना श्रृंगार ओर महिला जितनी ही वेशभूषा चढ़ाई जाती है।
राजा के घमंड को देवी ने किया था चूर

जब राजा को इस बात का पता चला तो उसने बैलगाड़ियों में ड्रम भर कर माता के दरबार मे रख दिया , लेकिन जगदम्बा ने सारे शराब से बरे ड्रम खाली कर दिए और राजा नतमस्तक होकर माता रानी के प्रतिमा के आगे गिर गया । उसके बाद से राजा इस देवी को अपनी कुलदेवी मान लिया । शारदीय नवरात्रि में दूणजा माता मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है।

लोकेन्द्र सिंह चौधरी, देवली(टोंक) 

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