चुनावों से पहले राजनीतिक लाभ लेने के प्रयास, लग सकती है 1 दर्जन नियुक्तियों पर मुहर

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/06 11:37

जयपुर: लोकसभा के चुनावों के बाद सियासी नियुक्तियों की सुगबुगाहट है. इनके जरिये वरिष्ठ और महत्वपूर्ण नेताओं को साधा जाएगा, साथ ही जाएगी जातीय और क्षेत्रीय गणित.. जून -जुलाई के माह में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला शुरु हो सकता है. कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच पराजय से उपजी निराशा को दूर करने के लिये सियासी नियुक्तियों का सहारा लिया जा सकता है. सबसे चौंकाने वाली बात है कि तमाम सियासी नियुक्तियों पर दिल्ली अपना अंतिम निर्णय दे सकती है ..देखते हैं खास रिपोर्ट 

25सीटों पर कांग्रेस को देखना पड़ा पराजय का मुंह 
लोकसभा चुनावों में राजस्थान में 25सीटों पर कांग्रेस को पराजय का मुंह देखना पड़ा. करारी हार के कारण कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच निराशा का भाव पैदा हो चुका है. जबकि राजस्थान में चुनावी मौसम फिर आने वाला है दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. जून और जुलाई में एक दर्जन के लगभग सियासी नियुक्तियों की संभावना है. 2018 के दिसम्बर में कांग्रेस सरकार बनने के बाद नये साल में सियासी नियुक्तियों की चर्चा चली थी लेकिन सत्ता और संगठन के बीच तालमेल के अभाव के कारण ऐसा नहीं हो पाया.

राजनीतिक नियुक्तियों को सोच समझकर किया जाये 
जून में ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर ऊहापोह के हालात भी सुलझने के आसार हैं. जानकारों की माने तो सरकार और  संगठन दोनों ही इस बात पर सहमत हैं कि राजनीतिक नियुक्तियों को सोच समझकर किया जाये और योग्य नेताओं को अवसर प्रदान किया जाये. माना जा रहा है शीर्ष नेतृत्व ने सूची तैयार करने का कार्य शुरु कर दिया और संगठन भी इन कार्यो में जुटा है जातीय और क्षेत्रीय समीकरण क्या रहेंगे इसी पर सबकी नजरें रहेंगी. जयपुर से लेकर यूआईटी में सियासी नियुक्तियां होनी हैं हजारों की संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक नियुक्तियों के जरिये साधा जायेगा, जिससे वो लोकसभा चुनावों से पहले रणनीतिक तौर पर उन्हें साधा जा सके. 

राज्य की कांग्रेस में कई दिग्गज ऐसे है जिन्हें राजनीतिक तौर पर कांग्रेस सरकार में स्थापित करना बेहद आवश्यक हो गया है. घनश्याम तिवाड़ी,  बीना काक,प्रधुम्न सिंह, रामेश्वर डूडी,गिरिजा व्यास,रघुवीर मीना,मांगी लाल गरासिया, सुमित्रा सिंह,सुभाष महरिया,डॉ चंद्रभान,हरिमोहन शर्मा,राजकुमार रिणवां, राजीव अरोड़ा,राजकुमार रिणवां जैसे दिग्गजों को सियासी नियुक्ति मिल सकती है. 

किसान आयोग,हाउसिंग बोर्ड,आर टी डी सी,बीज निगम,एससी आयोग,एस टी आयोग,महिला आयोग,हज हाउस,वक्फ बोर्ड,देवनारायण बोर्ड,खादी आयोग,देवस्थान बोर्ड,खादी बोर्ड,अधिनस्थ सेवा चयन बोर्ड,सिंधी अकादमी,केशकला बोर्ड,हिन्दी अकादमी,बाल आयोग ,यूथ बोर्ड,क्रीडा परिषद,परशुराम बोर्ड,माटी कला बोर्ड  समेत विभिन्न यू आ टी में नियुक्तियां होनी है ....आइये बताते है वो नेता जिन्हें सियासी नियुक्ति मिल सकती है. 

------सियासी नियुक्तियों की कतार में कांग्रेस के दिग्गज---------
--रामेश्वर डूडी.
--प्रधुम्न सिंह
--गिरिजा व्यास
--घनश्याम तिवाड़ी
--सुरेन्द्र गोयल
-मानवेन्द्र सिंह
-राजकुमार रिणवां
--सुमित्रा सिंह
--डॉ चंद्रभान
-- डॉ सहदेव चौधरी
--राजीव अरोड़ा
-रघुवीर मीना  
--दुरु मियां
--अश्क अली टाक
--राजेन्द्र चौधरी
--सईद सऊदी
--पुखराज पाराशर
--रणदीप धनखड़
- धर्मेन्द्र सिंह राठौड़  
-शिवचरण माली
--बद्री जाखड़
--रेहाना रियाज
--प्रो नरेश दाधीच
--महेश शर्मा 
--राजेश चौधरी
--मुमताज मसीह
--ज्योति खंडेलवाल
--अर्चना शर्मा
-सुशील शर्मा
--खानू खां बुधवाली
---भगवान सहाय सैनी
--रुक्षमणी सिंह
--सईद अंसारी
-राजेन्द्र सिंह सोलंकी
-रामेश्वर दाधीच
-सुनील परिहार
--बृजेन्द्र सिंह सूपा
--दिनेश खोडनिया
--रघुवीर मीना
-रमेश बोराना
-रतन देवासी
--पवन गोदारा
--सीताराम लाम्बा
--चयनिका उनियाल
--अमित पूनिया
--नसीम अख्तर इंसाफ
--घनश्याम मेहर
--मकबूल मंडेलिया
-सलावत खान
--सुरेश चौधरी
--सुरेश मिश्रा
--सुरेन्द्र सिंह जाड़ावत
--प्रकाश चौधरी
--लियाकत अली खान
--शंकर यादव
-रामचंद्र सराधना
--करण सिंह राठौड़
--पंकज मेहता
--हरिमोहन शर्मा
--ब्रह्मदेव कुमावत
--श्रीगोपाल बाहेती
--ललित भाटी
--रामचंद्र चौधरी
--कैलाश चंद मीना
--एस एन सिंह,पूर्व आईएएस
--सुनील पारवानी
--शोभा डूडी
--वीरेन्द्र वैष्णव
--आर सी शाह
--डॉ ईश मुंजाल
--कृष्ण मुरारी गंगावत
--विजेन्द्र सिंह इंद्रपुरा
--धीरज गुर्जर
--रविन्द्र त्यागी
--सुनीता भाटी
-वीरेन्द्र पूनिया
-महेन्द्र बरजोट
-पुष्पेन्द्र भारद्वाज
-मनीष यादव

कई दिग्गजों को 1साल से भी कम समय में मिला बड़ा पद
पिछले गहलोत राज में कांग्रेस के कई दिग्गज ऐसे रहे जिन्हें 1साल से भी कम वक्त बोर्ड और आयोग अध्यक्ष पद पर मिला. बहरहाल, ऐसा माना जा रहा है कि राजनीतिक नियुक्तियों में दिल्ली की भूमिका भी देखी जा सकती है. कांग्रेस आलाकमान सूचियों को जारी करने से पहले अपनी मुहर लगा सकता है. नियुक्तियां पारदर्शिता पूर्ण और योग्यता के आधार पर हो इसका ध्यान आलाकमान की प्राथमिकता में रहेगा. सरकार और पार्टी मिलकर इस कोशिश में है कि सियासी नियुक्तियों का लाभ उस परिपेक्ष्य में मिले जिससे आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में कांग्रेस को लाभ मिल सके और निराशा के भंवरजाल में फंसे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को बाहर आने में मदद मिल सके.

फर्स्ट इंडिया के लिये भरत दीक्षित,नरेश शर्मा के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट...

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in