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Rajasthan Panchayat Election 2020: उप सरपंच चुनाव को लेकर हुआ विवाद, सरकारी कर्मचारी पर लगा एक पक्ष का प्रचार करने का आरोप

Rajasthan Panchayat Election 2020: उप सरपंच चुनाव को लेकर हुआ विवाद, सरकारी कर्मचारी पर लगा एक पक्ष का प्रचार करने का आरोप

श्रीविजयनगर(श्रीगंगानगर): पंचायती राज चुनाव के प्रथम चरण में श्रीविजयनगर पंचायत समिति की 28 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए शांतिपूर्ण तरीके से मतदान व चुनावी परिणाम घोषित किया गया परंतु उप सरपंच चुनाव से पहले कस्बे के निकटवर्ती 4BLD ग्राम पंचायत में विवाद हो गया. 4BLD ग्राम पंचायत में चुनावी ड्यूटी कर रहे हैं एक कर्मचारी पर वार्ड पंच को धमकाने पर एक पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करने के का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने वार्ड पंच के घर पहुंच एक सरकारी कर्मचारी को घेर लिया. जिसकी सूचना मिलने के बाद मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठे हो गये.

ग्रामीण सरकारी कर्मचारी पर तुरंत कार्रवाई की मांग पर अड़े:
उसके बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारी उप सरपंच चुनाव को लेकर एक पक्ष का प्रचार कर रहा है. ऐसे में ग्रामीणों ने सरकारी कर्मचारी पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने की मांग की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन व पेट्रोलिंग पार्टियां सहित पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा. प्रशासन मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहा है. परंतु ग्रामीण सरकारी कर्मचारी पर तुरंत कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए है. 

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Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस ने कल होने वाली विधायक दल की बैठक के लिए जारी किया व्हिप

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जयपुर: राजस्थान में इस समय सियासी पारा उफान पर है. सचिन पायलट के कल बीजेपी ज्वॉइन करने की अटकलों के बीच कांग्रेस ने कल सुबह 10.30 बजे होने वाली बैठक को लेकर व्हिप जारी किया है. ऐसे में इस बैठक के बाद प्रदेश की राजनीति को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी. जहां एक और सचिन पायलट कैंप अपने साथ 30 विधायक होने का दावा कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर सीएम गहलोत का धड़ा भी प्रदेश में 5 साल सरकार चलाने को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है. ऐसे में विधायक दल की बैठक में यह स्थिति साफ हो जाएगी. 

पायलट ने गहलोत को अल्पमत में बताकर एक चुनौती दी: 
वहीं 30 विधायकों के समर्थन का दावा कर पायलट ने गहलोत को अल्पमत में बताकर एक चुनौती दी है. अब पायलट के दावे के आधार पर राज्यपाल गहलोत को एक सप्ताह या 10 दिन में गहलोत को बहुमत साबित करने का निर्देश दे सकते हैं. और बस यहीं से नए सिरे से जोड़-तोड का खेल शुरू हो जाएगा. इसके बाद विधानसभा में सरकार अपना बहुमत सिद्ध नहीं कर पाती है तो नई सरकार के गठन से पहले कुछ दिनों के लिए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा.

पायलट खेमे के विधायक दे सकते हैं इस्तीफा: 
बता दें कि राज्य में बिगड़ते सियासी हालात को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी के तीन नेताओं को जयपुर भेजा है. वहीं, सोमवार सुबह 10.30 कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है. वहीं सूत्रों के मुताबकि, कल सुबह होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले आज देर रात सचिन पायलट के खेमे के विधायक अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज सकते हैं.
 

Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट कल भाजपा में हो सकते हैं शामिल, इस वजह के चलते अगले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण

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जयपुर: राजस्थान में चल रही सियासी हलचल के बीच सचिन पालयट ने बगावती तेवर अपना लिया है. अब पायलट भाजपा में शामिल हो सकते हैं. जानकार सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार पायलट जेपी नड्डा की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल होंगे. इसको लेकर भाजपा शीर्ष नेतृत्व से कल दिल्ली में मुलाकात कर सकते हैं. 

पायलट का थर्ड फ्रंट बनाने का आइडिया अप्रूव नहीं हुआ:
जानकार सूत्रों के अनुसार पायलट का थर्ड फ्रंट बनाने का आइडिया अप्रूव नहीं हुआ. अब भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में कल भाजपा ज्वॉइन कर सकते हैं. इस संबंध में जेपी नड्डा और पायलट के बीच पूरी बातचीत हो चुकी है. पायलट कैम्प 30 विधायकों के साथ भाजपा ज्वॉइन करने का दावा कर रहा है. लेकिन इन अंतिम क्षणों में भी भाजपा नेतृत्व को ये आशंका है कि कही खुद पायलट पीछे नहीं हट जाएं. क्योंकि अभिषेक मनु सिंघवी और दो बड़े कांग्रेस नेताओं ने पायलट को भाजपा में जाने से रोकने के प्रयास शुरू किए है. 

अगले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण:
इसलिए राजस्थान की राजनीति के लिए अगले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण होने वाले हैं. लेकिन इंटेलीजेंस सूत्रों ने केवल 12 विधायकों के इस्तीफे देने के संकेत दिए है. लेकिन इस तरह इस्तीफे देने की प्रक्रिया तो शुरू हो जाएगी और फिर यह आंकड़ा न जाने कहां तक जाकर रुकेगा. 

पायलट कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे:
इससे पहले सचिन पायलट ने कहा कि वो कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नहीं शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में है. 30 कांग्रेसी और निर्दलीय विधायक मेरे पक्ष में है. इससे पहले सचिन पायलट ने कुछ देर पहले बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है. दोनों नेताओं की मुलाकात दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया के आवास पर करीब 40 मिनट तक चली. पायलट की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मुलाकात नहीं हुई है.

ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था:
इससे पहले आज ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था. सिंधिया ने कहा कि सचिन पायलट को दरकिनार किए जाने से मैं दुखी हूं. ये दिखाता है कि कांग्रेस में काबिलियत और क्षमता की कोई अहमियत नहीं है. 

सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे:
बता दें कि सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार पायलट का आरोप है कि सीएम गहलोत उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं. सरकार के फैसलों में उन्हें अहमियत नहीं दी जाती है. वहीं गहलोत खेमा सचिन पायलट के बीजेपी के संपर्क में होने का आरोप लगा रहा है. 


 

Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट का बड़ा बयान, कहा-अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम पर सचिन पायलट का बड़ा बयान सामने आया है. इस बयान से सचिन पायलट के सिंधिया की राह पर चलने के संकेत मिल गए हैं. साथ ही पायलट कल विधायक दल की बैठक में भी शामिल नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में है. 30 कांग्रेसी और निर्दलीय विधायक मेरे पक्ष में है.इससे पहले सचिन पायलट ने कुछ देर पहले बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है. दोनों नेताओं की मुलाकात दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया के आवास पर करीब 40 मिनट तक चली. 

आलाकमान से मुलाकात करने के लिए दिल्ली पहुंचे:
बता दें कि सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच बतभेद अब जनता के सामने आ गया है. नाराज सचिन पायलट पार्टी आलाकमान से मुलाकात करने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. उनके साथ कुछ विधायक भी हैं. सूत्रों के अनुसार सचिन पायलट ने इसी दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है.

ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था:
इससे पहले आज ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था. सिंधिया ने कहा कि सचिन पायलट को दरकिनार किए जाने से मैं दुखी हूं. ये दिखाता है कि कांग्रेस में काबिलियत और क्षमता की कोई अहमियत नहीं है. 

सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे:
बता दें कि सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार पायलट का आरोप है कि सीएम गहलोत उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं. सरकार के फैसलों में उन्हें अहमियत नहीं दी जाती है. वहीं गहलोत खेमा सचिन पायलट के बीजेपी के संपर्क में होने का आरोप लगा रहा है. 

Rajasthan Political Crisis: दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले सचिन पायलट, 40 मिनट की मुलाकात पर लगीं अटकलें!

Rajasthan Political Crisis: दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले सचिन पायलट, 40 मिनट की मुलाकात पर लगीं अटकलें!

नई दिल्ली: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है. दोनों नेताओं की मुलाकात दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया के आवास पर करीब 40 मिनट तक चली. 

इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे: 
ऐसे में अब इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं. क्या सचिन पायलट भी ज्योतिरादित्या सिंधिया की राह पर चलकर कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल होंगे. हालांकि ये सब राजनीतिक जानकार लोगों के कयास है क्योंकि अंतिम फैसला तो सचिन पायलट को ही लेना है. 

आलाकमान से मुलाकात करने के लिए दिल्ली पहुंचे:
बता दें कि सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच बतभेद अब जनता के सामने आ गया है. नाराज सचिन पायलट पार्टी आलाकमान से मुलाकात करने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. उनके साथ कुछ विधायक भी हैं. सूत्रों के अनुसार सचिन पायलट ने इसी दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है.

ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था:
इससे पहले आज ज्योतिरादित्य ने पायलट के समर्थन में एक ट्वीट भी किया था. सिंधिया ने कहा कि सचिन पायलट को दरकिनार किए जाने से मैं दुखी हूं. ये दिखाता है कि कांग्रेस में काबिलियत और क्षमता की कोई अहमियत नहीं है. 

सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे:
बता दें कि सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज चल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार पायलट का आरोप है कि सीएम गहलोत उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं. सरकार के फैसलों में उन्हें अहमियत नहीं दी जाती है. वहीं गहलोत खेमा सचिन पायलट के बीजेपी के संपर्क में होने का आरोप लगा रहा है. 
 

Rajasthan Political Crisis: 3 विधायकों ने साफ कर दी तस्वीर, कहा- हम कांग्रेस के सिपाही हैं और आखिरी सांस तक कांग्रेस के साथ रहेंगे

जयपुर: राजस्थान में चल रही सियासी हलचल में एक के बाद एक नया मोड सामने आ रहा है. अब 3 कांग्रेस विधायकों ने दिल्ली दौरे को लेकर तस्वीर साफ की है. रोहित बोहरा, दानिश अबरार और चेतन डूडी ने साफ कहा है कि गहलोत के नेतृत्व में 5 साल सरकार चलेगी. ये तीनों विधायक पायलट गुट के माने जाते हैं. 

हम कांग्रेस के सिपाही हैं और आखिरी सांस तक कांग्रेस के साथ रहेंगे: 
इन विधायकों का कहना है कि आलाकमान ने गहलोत को हमारा नेता बनाया है हम उनके नेतृत्व में आगे भी काम करते रहेंगे. तीनों विधायकों ने माना की वो दिल्ली गए थे लेकिन दिल्ली जाने का कारण पारिवारिक बताया. हालांकि उन्होंने कांग्रेस नेताओं से मिलने की बात को भी स्वीकार किया है. हम कांग्रेस के सिपाही हैं और आखिरी सांस तक कांग्रेस के साथ रहेंगे. बता दें कि अशोक गहलोत ने सोमवार सुबह 10.30 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है. सभी विधायकों को जयपुर पहुंचने को कहा गया है. 

SOG की एफआईआर और पूछताछ की चिट्ठी के बाद बढ़ी नाराजगी:
सूत्रों की माने तो एसओजी (SOG) की एफआईआर और पूछताछ की चिट्ठी के बाद डिप्टी सीएम सचिन पायलट की नाराजगी बढ़ गई है. हालांकि एसओजी ने सीएम को भी ऐसी चिट्ठी भेजी है. लेकिन अब पायलट हाईकमान से मिलकर अपना पक्ष रखना चाहते हैं. आपको बता दें कि डिप्टी सीएम सचिन पायलट को एसओजी ने पूछताछ के लिए धारा 160 के तहत पूछताछ का नोटिस भेजा है. इसमें एसओजी ने सरकार गिराने के षड्यंत्र के मामले में पूछताछ करने की बात कही है.
 

Rajasthan Political Crisis: दिल्ली से कांग्रेस के 3 बड़े नेता आएंगे जयपुर, विधायकों के साथ करेंगे बैठक

Rajasthan Political Crisis: दिल्ली से कांग्रेस के 3 बड़े नेता आएंगे जयपुर, विधायकों के साथ करेंगे बैठक

जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट के चलते पार्टी आलाकमान एक्शन मोड में आ गया है. दिल्ली से कांग्रेस के 3 बड़े नेता जयपुर आएंगे. सोनिया गांधी ने अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला और अविनाश पांडे को जयपुर जाने को कहा है. तीनों नेता कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक करेंगे. कल सुबह 10:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर विधायक दल की बैठक होगी.

आज रात तक पायलट भी जयपुर पहुंच सकते हैं:
वहीं सूत्रों की माने तो पार्टी ने डिप्टी सीएम सचिन पायलट को भी निर्देश दिया है. ऐसे में आज रात तक पायलट भी जयपुर पहुंच सकते हैं. सचिन पायलट कांग्रेस के भेजे जा रहे पर्यवेक्षकों के साथ मीटिंग करेंगे और कल विधायक दल की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं. बता दें कि अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. पायलट पार्टी आलाकमान से मिलने के लिए दिल्ली में हैं. पायलट खेमे के 12 विधायक भी दिल्ली में हैं. 

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के नोटिस के बाद ये पूरी जंग शुरू हुई:
जानकारों की माने तो स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के नोटिस के बाद ये पूरी जंग शुरू हुई है. विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने सचिन पायलट को भी नोटिस भेजा था और बयान दर्ज कराने को कहा. कहा जा रहा है कि नोटिस मिलने के बाद पायलट, सीएम अशोक गहलोत से नाराज हैं. सचिन पायलट खेमे को उपमुख्यमंत्री से पूछताछ के लिए एसओजी का नोटिस स्वीकार्य नहीं है.


 

Rajasthan Political Crisis: बीजेपी ज्वॉइन करेंगे सचिन या ​फिर राहुल गांधी से करेंगे मुलाकात !

Rajasthan Political Crisis: बीजेपी ज्वॉइन करेंगे सचिन या ​फिर राहुल गांधी से करेंगे मुलाकात !

जयपुर: मध्य प्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में भी राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिश की जा रही है. इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को प्रेसवार्ता करके बीजेपी पर आरोप लगाया था कि राजस्थान में सरकार गिराने की कोशिश कर रही है. जानकार सूत्रों के मुताबिक राजस्थान के राजनीतिक घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार नजरें बनाए हुए है और पर्दे के पीछे से पार्टी बड़ा गेम खेल रही है. सूत्रों के मुताबिक ITC भारत ग्रैंड होटल एक बार फिर से राजनीति का अखाड़ा बन सकता है.

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राहुल से करेंगे सचिन मुलाकात:
इसी बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सचिन पायलट को रविवार शाम को मिलने के लिए बुलाया है. इससे पहले रविवार सुबह राहुल की पायलट से फोन पर बात हुई थी. लेकिन अब जानकार सूत्रों ने खुलासा किया है. सूत्रों ने कहा कि मुलाकात के लिए अभी तक समय तय नहीं हुआ है. इस प्रकार राहुल-पायलट की मुलाकात को लेकर अनिश्चितता का माहौल है. फिर भी यदि राहुल और पायलट की मुलाकात हुई, तो शायद ही कोई नतीजा निकलेगा. या फिर पायलट विधायकों के साथ बीजेपी ज्वॉइन कर सकते है?

पायलट की राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग:
सूत्रों के अनुसार पायलट की राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग है, लेकिन ये फैसला लेना अकेले राहुल के हाथ में नहीं है. क्योंकि सोनिया, प्रियंका और आलाकमान के अधिकांश सदस्य गहलोत के पक्ष में है. वहीं, सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट से राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने को कहा जा रहा है, जिससे वह नाराज है, जबकि, दूसरी तरफ ये भी खबर सामने आई कि, दूसरा खेमा सीएम बदलने की कोशिश में लगा हुआ. 

दिल्ली पहुंचे 20 से 25 विधायक:
हालांकि, इस पर बयान देते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सीएम पद के दावेदार भले ही कई हों, लेकिन बनता तो कोई एक ही है. इस बीच राजस्थान एसओजी ने उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को नोटिस भेज करके पूछताछ के लिए बुलाया. इससे पायलट नाराज बताए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक पायलट 20 से 25 विधायक लेकर इस बीच दिल्ली पहुंच गए हैं और पार्टी हाईकमान को सारी स्थितियों से अवगत करा दिया है.

तो सचिन पायलट इन विधायकों के साथ ज्वॉइन कर सकते हैं BJP !

...तो सचिन पायलट इन विधायकों के साथ ज्वॉइन कर सकते हैं BJP !

जयपुर: विधायकों के खरीद फरोख्त प्रकरण मामले ने तूल पकडने के बाद राजस्थान की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. अब सचिन पायलट प्रकरण पर नया लेटेस्ट अपडेट मिला है. सूत्रों के मुताबिक फिलहाल किसी भी प्रकार के समझौते के मूड में पायलट नहीं है. शनिवार देर रात तक 21 पायलट समर्थक विधायक दिल्ली पहुंच चुके थे. दो दूसरे विधायक भी आस-पास के इलाके में  थे. इस प्रकार कुल 23 विधायक पायलट के खेमे में थे. जबकि पायलट का टारगेट 30 असंतुष्ट कांग्रेसी मंत्रियों-विधायकों को दिल्ली में जुटाने का था. इस प्रकार 7 विधायक शनिवार की मानेसर स्थित ITC भारत होटल की परेड में कम पड़ गए थे. 

12 पायलट समर्थक विधायक जयपुर में:
इन 7 विधायकों के नहीं पहुंचने के बारे में पायलट कैम्प के सूत्रों ने खुलासा किया है. कहा कि गहलोत द्वारा बॉर्डर सील कर दिए जाने के कारण कुल 12 पायलट समर्थक विधायक जयपुर में ही रह गए. अब इन 12 विधायकों में से कम से कम 7 विधायकों के आज किसी भी समय दिल्ली पहुंचने का इंतजार हो रहा. और यदि इस प्रकार ये सभी 30 विधायक कल दिल्ली में मौजूद रहे, तो पायलट इन सभी के साथ भाजपा ज्वॉइन कर सकते है. ऐसी सूरत में गहलोत सरकार को अल्पमत में लाने के लिए पांच विधायकों की कमी रहेगी और इस कमी को पूरा करने के लिए 7 गैर कांग्रेसी विधायकों को पायलट के पक्ष में लाने का जिम्मा जयपुर में अज्ञात शक्तियों ने लिया. अब इन UNKNOWN FORCES के निशाने किशनगढ़बास के 82 वर्षीय विधायक दीपचंद खैरिया, राजगढ़ के 85 वर्षीय विधायक जौहरीलाल मीणा, कठूमर के 70 वर्षीय बीमार चल रहे विधायक बाबूलाल बैरवा, मूलत: भाजपाई और मौजूदा तिजारा के बसपा से कांग्रेस में आए विधायक संदीप यादव,
बानसूर के गुर्जर विधायक शकुंतला रावत, चाकसू के कांग्रेस विधायक वेदप्रकाश सोलंकी और एक विधायक उदयपुर संभाग से हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भाजपा के बड़े नेता से मीटिंग:
इनमें से अधिकांश विधायक गहलोत और पायलट दोनों खेमों के संपर्क में है, लेकिन अब गुर्जर समुदाय का जबरदस्त दबाव है. सभी कांग्रेसी और गैर कांग्रेसी गुर्जर विधायकों पर पायलट का समर्थन देने के लिए दबाव है और ये दबाव अब सचमुच काम कर भी रहा है. इसकी पहली कड़ी गुर्जर विधायक डॉ. जितेन्द्र सिंह बने. सूत्रों के अनुसार गहलोत कैम्प में रहते हुए भी इन्होंने अपने समर्थन का पत्र पायलट कैम्प को सौंपा. शनिवार देर रात दिल्ली में एक फॉर्म हाउस पर पायलट की एक महत्वपूर्ण बैठक होनी थी. ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भाजपा के बड़े नेता से मीटिंग होनी थी.

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घटनाक्रम पर भाजपा आलाकमान की पूरी नजर:
सूत्रों के मुताबिक अलबत्ता शनिवार को पायलट की जेपी नड्डा से फोन पर बात होने की खबर मिली है, लेकिन अभी तक इस बारे में शायद भाजपा कोई अंतिम फैसला नहीं कर पाई. क्योंकि अभी तक पायलट REQUIRED NUMBER नहीं जुटा पाए हैं. इस समूचे घटनाक्रम पर भाजपा आलाकमान की पूरी नजर है. पिछले दो दिनों से गजेन्द्र सिंह शेखावत-सतीश पूनिया-राजेन्द्र राठौड़ खासे सक्रिय है, लेकिन वसुंधरा कैम्प ने मौन साध रखा है. अब कुल मिलाकर सब लोगों को एक ही बात का इंतजार है, क्या सचमुच 30 बागी कांग्रेस विधायकों का समर्थन जुटाकर सोमवार को भाजपा में पायलट चले जाएंगे ? वैसे पायलट का खुद का मन शायद एक थर्ड फ्रंट बनाने का है, यदि सचमुच पायलट खेमा भाजपा में चला गया ? तो फिर मध्यप्रदेश पैटर्न पर इन सभी लोगों का "राजनैतिक पुनर्वास" होगा. इनमें से कुछ विधायक बनेंगे मंत्री, कुछ को बोर्ड और कॉर्पोरेशन में चेयरमैन का पद मिलेगा और कुछ दूसरे लोगों के सरकार में पेंडिंग पड़े काम पूरे होंगे.

कांग्रेस आलाकमान नेतृत्व परिवर्तन के मूड में नहीं:
गहलोत सरकार का साथ छोड़कर जाने वाले ऐसे सभी कांग्रेसी और गैर कांग्रेसी विधायकों को उनके निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा का टिकट भी मिलेगा. इस सारे घटनाक्रम पर जानकार सूत्रों ने खुलासा किया. सूत्रों ने कहा कि वैसे तो गहलोत सरकार से निराश होकर कांग्रेस छोड़ने का मन पायलट बना चुके हैं, लेकिन फिर भी कुछ शुभचिंतक और मध्यस्थ  एक आखिरी प्रयास कर रहे. इन प्रयासों के चलते आज राहुल और पायलट के बीच फोन पर लंबी बात हुई, लेकिन पायलट ने राहुल को उनके पुराने वायदे याद दिलाए और फिर से अपनी मांग दोहराई. लेकिन कांग्रेस आलाकमान के अधिकांश नेता नेतृत्व परिवर्तन के मूड में नहीं है.

गहलोत और पायलट कैम्प्स के बीच गतिरोध:
जिस भाषा और जिस ढंग से SOG ने जारी किया नोटिस उस पर भी आपत्ति पायलट ने जताई. ऐसे में अब शायद ही कोई हल मौजूदा राजनीतिक संकट का निकले? फिर भी औपचारिकता के नाते पायलट समर्थक सभी विधायक एक बार सोनिया गांधी से मिल सकते है और अपने "मिशन" में सफलता न मिलने पर ये लोग फिर BJP ज्वॉइन कर सकते है, लेकिन अभी तक न तो इन लोगों ने मांगा सोनिया से समय और न ही सोनिया ने आगे बढ़कर इन लोगों को बुलाया. इस प्रकार गहलोत और पायलट कैम्प्स के बीच गतिरोध अभी भी बरकरार चल रहा है.

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