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VIDEO: भिवाड़ी में मतदातों को बाटें जा रहे पैसे, लेनदेन को लेकर हुआ विवाद

VIDEO: भिवाड़ी में मतदातों को बाटें जा रहे पैसे, लेनदेन को लेकर हुआ विवाद

भिवाड़ी(अलवर): राजस्थान में आज 49 नगर पालिकाओं के लिए मतदान चल रहा हैं. अधिकतर जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है. लेकिन इसी बीच भिवाड़ी निकाय चुनाव के बूथ नम्बर 52, 53, 54 के वोटर्स को नोट बांटने का मामला सामने आया है. एक मतदाता के साथ पैसे लेनदेन को लेकर विवाद भी हुआ है. इसी के चलते एक बार तो बूथ के बाहर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई. देखिए वीडियो में पैसे को लेकर हो रहे विवाद का वीडियो...

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BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान, राजस्थान से 4 नामों को मिली टीम में जगह, वसुंधरा राजे को बनाया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की नई टीम का ऐलान हो गया है. जेपी नड्डा ने बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है. इस टीम में 12 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महामंत्री, एक संगठन महामंत्री, 3 राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री, 13 राष्ट्रीय महामंत्री, कोषाध्यक्ष, सह कोषाध्यक्ष, केंद्रीय कार्यालय सचिव, आईटी-सोशल मीडिया प्रभारी, युवा मोर्चा अध्यक्ष, ओबीसी मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्षों, 23 राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए गए है. बीजेपी की ओर से  नामों की सूची जारी की गई हैं.

राजस्थान से मिली 4 नामों को नई टीम में जगह:
राजस्थान से चार नामों को इस सूची में जगह मिली है. आपको बता दें कि वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव को राष्ट्रीय महामंत्री का जिम्मा सौंपा गया है. जबकि अल्का गुर्जर को नड्डा की टीम में राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है. वहीं सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है.  

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तेजस्वी सूर्या को युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष:
जेपी नड्डा की नई टीम में राजेश अग्रवाल को कोषाध्यक्ष, महेंद्र पांडेय को केंद्रीय कार्यालय सचिव, अमित मालवीय को प्रभारी राष्ट्रीय IT, सोशल मीडिया, तेजस्वी सूर्या को युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. के लक्ष्मण को ओबीसी मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, राजकुमार चाहर को किसान मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, लालसिंह आर्य को अनुसूचित जाति मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, समीर ओरांव को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, जमाल सिद्दिकी को अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष, संबित पात्रा,सुधांशु त्रिवेदी,शाहनवाज हुसैन को बनाया राष्ट्रीय प्रवक्ता, अनिल बलूनी को मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, संजय मयूख को बनाया मीडिया सह प्रभारी बनाया गया हैं.

Bihar Election 2020: बिहार में तीन चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव, 10 नवंबर को आएंगे नतीजे

Bihar Election 2020:  बिहार में तीन चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव, 10 नवंबर को आएंगे नतीजे

नई दिल्ली: चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए तीन चरणों में मतदान होगा. पहले चरण में 71 सीटों पर 28 अक्टूबर को तो दूसरे चरण में 94 सीटों के लिए 3 नवंर को मतदान होगा. वहीं तीसरे चरण में 78 सीटों पर पर 7 नवंबर को मतदान होगा. उसके बाद 10 नवंबर को बिहार चुनाव के नतीजे आएंगे.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोरोना संकट की वजह से दुनिया के 70 देशों में चुनावों को टाल दिया गया. कोरोना संकट के बीच बिहार और उपचुनावों को लेकर लगातार मंथन किया गया. बिहार चुनाव देश के सबसे बड़े राज्यों में है और ये चुनाव कोरोना काल का सबसे बड़ा चुनाव है. राज्य में 29 नवंबर तक विधानसभा का कार्यकाल है. 

इस बार एक बूथ पर सिर्फ एक हजार ही मतदाता होंगे: 
इस बार एक बूथ पर सिर्फ एक हजार ही मतदाता होंगे. इस बार चुनाव में 6 लाख पीपीई किट राज्य चुनाव आयोग को दी जाएंगी, 46 लाख मास्क का इस्तेमाल भी होगा. सात लाख हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जाएगा, साथ ही 6 लाख फेस शील्ड को उपयोग में लाया जाएगा. इस बार पोलिंग स्टेशन की संख्या और मैनपावर को बढ़ाया गया है. बिहार में 2020 के चुनाव में सात करोड़ से अधिक वोटर मतदान करेंगे. इस बार वोट डालने के लिए एक घंटा अधिक वक्त रखा गया है, सुबह सात से शाम 6 बजे तक मतदान होगा. लेकिन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऐसा नहीं होगा. मतदान के अंतिम समय में कोरोना पीड़ित अपना वोट डाल सकेंगे, जिनके लिए अलग व्यवस्था होगी.

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चुनाव टाले जाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार:
इससे पहले आज सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विधानसभा चुनाव टाले जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया है. याचिकाकर्ता ने राज्य में कोरोना के चलते बिगड़े हालात का हवाला दिया था. कोर्ट ने कहा कि हम पहले ही साफ कर चुके है कि चुनाव आयोग हालात के मुताबिक सभी चीजों को ध्यान में रखकर फैसला लेने में समर्थ है.

243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होगा: 
बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होगा. 2015 में राजद और जदयू ने मिलकर चुनाव लड़ा था. जिसके कारण बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को हार का सामना करना पड़ा था. तब राजद, जदयू, कांग्रेस महागठबंधन ने 178 सीटों पर बंपर जीत हासिल की थी. राजद को 80, जदयू को 71 और कांग्रेस को 27 सीटें मिलीं थीं. जबकि एनडीए को 58 सीटें हीं मिली. हालांकि लालू यादव की पार्टी राजद के साथ खटपट होने के बाद नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के साथ सरकार चलाना शुरू किया.


 

पीएम मोदी बोले- आजादी के कई साल बाद तक किसानों के नाम पर कई नारे लगे, लेकिन उनके नारे खोखले थे

पीएम मोदी बोले- आजादी के कई साल बाद तक किसानों के नाम पर कई नारे लगे, लेकिन उनके नारे खोखले थे

नई दिल्ली: भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 104वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे. पीएम मोदी ने कहा कि आज जब देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक-एक देशवासी अथक परिश्रम कर रहा है तब गरीबों को, दलितों, वंचितों, युवाओं, महिलाओं, किसानों, आदिवासी, मजदूरों को उनका हक देने का बहुत ऐतिहासिक काम हुआ है.

लोगों के जीवन में सरकार जितना कम दखल देगी, उतना बेहतर होगा: 
वहीं कृषि बिल पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीते दिनों में हमारी सरकार ने युवा और किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं. पीएम बोले कि लोगों के जीवन में सरकार जितना कम दखल देगी, उतना बेहतर होगा. आजादी के कई साल बाद तक किसानों के नाम पर कई नारे लगे, लेकिन उनके नारे खोखले थे. उन्होंने कहा कि कृषि बिल से छोटे किसानों को सबसे अधिक फायदा होगा. पीएम ने कहा कि अब किसान की मर्जी है कि वो कहीं पर भी फसल बेचे, जहां पर किसान को अधिक दाम मिलेगा वो वहां बेच सकेगा. बीजेपी के कार्यकर्ताओं को आसान भाषा में किसानों को समझाना होगा. 

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फेसलेस टैक्स सिस्टम कुछ महीने पहले ही टैक्स रिजीम का हिस्सा हो चुका:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज से ही देश के ईमानदार करदाताओं के हितों को सुरक्षा देने वाला, फेसलेस अपील का प्रावधान, भारत की टैक्स व्यवस्था से जुड़ने वाला है.  ईमानदार करदाताओं को परेशानी ना हो, इसके लिए फेसलेस टैक्स सिस्टम कुछ महीने पहले ही टैक्स रिजीम का हिस्सा हो चुका है.  

दीनदयाल जी का योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला:
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में, एक समाज के रूप में, भारत को बेहतर बनाने के लिए दीनदयाल जी ने जो योगदान दिया है, वो पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला है. ये दीनदयाल जी ही थे जिन्होंने भारत की राष्ट्रनीति, अर्थनीति और समाजनीति, इन तीनों को भारत के अथाह सामर्थ्य के हिसाब से तय करने की बात मुखरता से कही थी, लिखी थी. 

किसान अध्यादेश के विरोध में कांगेस पार्टी आज करेगी देशव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस, सभी बड़े नेता लेंगे हिस्सा

किसान अध्यादेश के विरोध में कांगेस पार्टी आज करेगी देशव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस, सभी बड़े नेता लेंगे हिस्सा

जयपुर: किसान अध्यादेश के विरोध में कांग्रेस पार्टी आज देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी. आज सभी राज्यों की राजधानी में कृषि बिल मुद्दे पर कांग्रेस के बड़े नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. इसी के चलते आज राजस्थान में भी शाम 5 बजे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश प्रभारी अजय माकन VC के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इस दौरान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद रहेंगे. सीएम गहलोत और पीसीसी चीफ डोटासरा जयपुर से जुड़ेंगे तो वहीं दिल्ली से VC के जरिये प्रदेश प्रभारी अजय माकन रूबरू होंगे. 

28 सितंबर को PCC से राजभवन तक पैदल मार्च:  
इसके साथ ही कांग्रेस 28 सितंबर को PCC से राजभवन तक पैदल मार्च भी करेगी. हालांकि धारा-144 के मद्देनजर कार्यक्रम में बदलाव भी हो सकता है. पैदल मार्च के बाद राज्यपाल को ज्ञापन दिया जाएगा. 

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2 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस मनाएगी 'किसान मजदूर दिवस:
वहीं, 2 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस किसान मजदूर दिवस मनाएगी. 2 अक्टूबर को विधानसभा क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों पर कृषि विधेयकों के खिलाफ धरने प्रदर्शन भी होंगे. 10 अक्टूबर को जयपुर सहित अन्य जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस किसान सम्मेलन आयोजित करेगी. 

पंजाब और हरियाणा में किसान इन बिलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे: 
गौरतलब है कि पंजाब और हरियाणा में किसान इन बिलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. इन राज्यों में कांग्रेस ने पहले ही मोर्चा खोला हुआ है. कांग्रेस का आरोप है कि इन बिलों के जरिए मोदी सरकार किसानों को कॉरपोरेट के चंगुल में फंसा रही है. इससे मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा.


 

निर्वाचित सरपंच की आयु 15 साल से कम होने पर राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती, कोर्ट ने कहा- क्यों ना निर्वाचन निरस्त किया जाए

निर्वाचित सरपंच की आयु 15 साल से कम होने पर राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती, कोर्ट ने कहा- क्यों ना निर्वाचन निरस्त किया जाए

जयपुर: धौलपुर की पिपरौन ग्राम पंचायत की निर्वाचित सरपंच की उम्र 14 साल ही है. हाल ही में स्थानीय निवासी भूपेन्द्र कुमार ने आरटीआई के तहत जुटायी दस्तावेजों से ये जानकारी सामने आयी है. जिसके बाद अब भुपेन्द्र कुमार ने सरपंच रेखा देवी के निर्वाचन को राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है. जस्टिस अशोक गौड़ की एकलपीठ ने याचिका पर सुनवाई के बाद भरतपुर संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर धौलपुर, निर्वाचित सरपंच रेखा देवी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. कोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों ना सरपंच का निर्वाचन निरस्त कर दिया जाए. 

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क्या है मामला: 
जनवरी में हुए पंचायत चुनावों में पिपरौन ग्राम पंचायत से रेखादेवी निर्वाचित हुई. स्थानीय निवासी भुपेन्द्र कुमार ने रेखा देवी से संबंधित सरकारी स्कूल से सूचना के अधिकार कानून के तहत सूचना मांगी. आरटीआई के तहत मिले दस्तावेजों में रेखा देवी की जन्म तिथि 20 जून 2005 दर्शायी गयी थी. इन दस्तावेजों के अनुसार चुनाव के समय सरपंच की उम्र करीब 14 साल छह माह ही होती है. याचिका में कहा गया कि रेखादेवी ने अधिकारियों से मिलीभगत कर अपने आप को 21 साल की उम्र का बताकर मतदाता कार्ड हासिल किया और उसके आधार पर सरपंच पद पर नामाकंन पत्र भरा था. इसी वजह से रेखा देवी के सरपंच पद पर निर्वाचन को रद्द करने के साथ कार्रवाई होनी चाहिए.  

पायलट समर्थक विधायकों की याचिका खारिज करने को लेकर प्रार्थना पत्र

पायलट समर्थक विधायकों की याचिका खारिज करने को लेकर प्रार्थना पत्र

जयपुर: कांग्रेस की अंदरूनी कलह के चलते बागी हुए विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी किये गये नोटिस को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी. अब दोनों ही गुटों के बीच राजनैतिक समझौता होने का आधार बताते हुए पायलट समर्थक विधायकों की याचिकाओं को भारी जुर्माने के साथ खारिज करने की मांग की गयी है. 

याचिका पर अब सुनवाई का कोई उद्देश्य नहीं रहा:  
याचिका में आम व्यक्ति के रूप में पक्षकार बने मोहनलाल नामा ने राजस्थान हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर याचिका खारिज करने की गुहार लगायी है. प्रार्थना पत्र में कहा गया कि अब दोनों गुटों के बीच राजनीतिक समझौता हो गया है. विधानसभा का सत्र भी आहुत हो चुका है और दोनों पक्षों ने एक साथ कार्रवाई में हिस्सा लिया है. ऐसे में याचिका पर अब सुनवाई का कोई उद्देश्य नहीं रहा है. प्रार्थना पत्र में पायलट समर्थक विधायकों पर भारी जुर्माना लगाने की मांग करते हुए याचिका को खारिज करने की गुहार की गयी है.

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19 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दी थी:
गौरतलब है कि हाईकोर्ट में सचिन पायलट सहित ग्रुप के 19 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दी थी. विधायक पीआर मीना एवं अन्य की इस याचिका पर हाईकोर्ट में कई दिनों तक सुनवाई करने के बाद 24 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस की पालना पर यथास्थिति के आदेश दिए थे. कोर्ट ने 13 कानूनी बिंदूओं पर विचार करते हुए तीन बिंदूओं सुनवाई का फैसला किया था. कोर्ट ने सभी पक्षों को कागजी कार्रवाई होने के बाद जल्द सुनवाई के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल करने की छूट दी थी. इसी मामले में पांच नंबर के पक्षकार मोहनलाल नामा ने बुधवार को हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया है. 

किसान बिल के विरोध में लंबे वक्त के बाद सियासी कार्यक्रम में दिखे नवजोत सिंह सिद्धू, सड़कों पर उतरकर किया प्रदर्शन

किसान बिल के विरोध में लंबे वक्त के बाद सियासी कार्यक्रम में दिखे नवजोत सिंह सिद्धू, सड़कों पर उतरकर किया प्रदर्शन

अमृतसर: केंद्र सरकार के द्वारा पारित किए गए कृषि बिलों के खिलाफ नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अमृतसर में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. इस दौरान उनके साथ सैकड़ों की भीड़ में समर्थक भी दिखाई दिए. इस दौरान पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान बिल से जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा. क्या सरकार रोटी को आवश्यक वस्तु नहीं मानती है? 

सिद्धू करीब एक साल बाद मैदान में उतरे:  
इस दौरान सिद्धू ट्रैक्टर पर सवार दिखे. साथ ही किसानों के हाथ में तख्तियां थीं और कुछ ने काले झंडे भी लिए हुए थे. सिद्धू करीब एक साल बाद मैदान में उतरे हैं. नवजोत सिंह सिद्धू पिछले काफी लंबे वक्त के बाद किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखे हैं. उनका पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के साथ रिश्ता सही नहीं रहा है, ऐसे में यही वजह है कि पंजाब की पॉलिटिक्स में कम एक्टिव हैं.  हालांकि, कोरोना संकट के दौरान भी वो लगातार सोशल मीडिया पर अपने वीडियो डाल मुद्दों पर बात रखते रहे. 

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पंजाब में किसान बिल का मुद्दा बेहद गरमाया हुआ:
बता दें कि पंजाब में किसान बिल का मुद्दा बेहद गरमाया हुआ है. इससे पहले शिरोमणी अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को विश्वास में लेने में कामयाब नहीं हुई. हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से लगातार इस बिल को लेकर विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया जा रहा है. और किसानों को विपक्ष की बातों में ना आने की सलाह दी जा रही है. 


 

संसद में विपक्षी नेताओं के व्यवहार पर मायावती ने जताई नाराजगी, कहा - यह लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला

संसद में विपक्षी नेताओं के व्यवहार पर मायावती ने जताई नाराजगी, कहा - यह लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने पिछले दिनों किसान बिल पारित होने के दौरान संसद खासकर राज्यसभा में विपक्षी नेताओं के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई है. मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा कि वैसे तो संसद लोकतंत्र का मंदिर ही कहलाता है फिर भी इसकी मर्यादा अनेकों बार तार-तार हुई है. वर्तमान संसद सत्र के दौरान भी सदन में सरकार की कार्यशैली व विपक्ष का जो व्यवहार देखने को मिला है वह संसद की मर्यादा, संविधान की गरिमा व लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला है. अति-दुःखद.

विपक्षी सांसदों ने काफी हंगामा खड़ा किया था: 
गौरतलब है कि रविवार को राज्यसभा में किसान बिल पारित कराने के दौरान विपक्षी सांसदों ने काफी हंगामा खड़ा किया था. टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने तो उप सभापति के आसान के पास जाकर रूल बुक तक फाड़ दी थी. 

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मंगलवार को सरकार ने सात विधेयक उच्च सदन से पास करा लिए:
रविवार की घटना के बाद हालांकि मंगलवार को सरकार ने सात विधेयक उच्च सदन से पास करा लिए. इस पर विपक्ष ने अपनी मांगे नहीं मानने पर संयुक्त रूप से सत्र का बहिष्कार किया. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि जब तक हमारे सांसदों के बहिष्कार को वापस नहीं लिया जाता और किसान के विधेयकों से संबंधित हमारी मांगों को नहीं माना जाता, विपक्ष सत्र का बहिष्कार करेगा.