VIDEO: फार्मेसी की मनमानी पर कार्रवाई में चिकित्सा विभाग का यू टर्न! गठित कमेटी ने पिछले दिनों किए ताबड़तोड़ निरीक्षण

VIDEO: फार्मेसी की मनमानी पर कार्रवाई में चिकित्सा विभाग का यू टर्न! गठित कमेटी ने पिछले दिनों किए ताबड़तोड़ निरीक्षण

जयपुर: कोरोना महामारी के दौरान आपदा में अवसर तलाशकर मरीजों को लूटने वाली फार्मेंसियों पर चला चिकित्सा विभाग का कार्रवाई का डण्डा यू-टर्न ले गया है.खुद चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा के निर्देश पर गठित कमेटी ने अनियमिताओं के आधार पर कुछ बड़े अस्पतालों समेत 30 से अधिक फार्मेंसियों के लाइसेंस अलग-अलग समयावधि के लिए निलम्बित किए.लेकिन एक सप्ताह के भीतर ही विभाग ने इन्हें अपील के नाम पर "स्टे" देना शुरू कर दिया है.

विभाग के मुखिया तक पहुंची कई शिकायतें:
कोरोना महामारी के बीच राजधानी जयपुर में जरूरतमंदों से दवा, इंजेक्शन व अन्य मेडिकल आइटमों के नाम पर मनमाने दामों की वसूली किसी से छिपी नहीं है.विभाग के मुखिया तक कई शिकायतें पहुंची, तो मुख्यालय से एक जांच कमेटी का गठन किया गया.एडीसी दिनेश तनेजा के निर्देशन में गठित कमेटी में डीसीओ कोमल रूपचंदानी, मनीष मोदी के अलावा राजस्थान फार्मेंसी काउंसिल के सदस्य नवीन सांधी को भी शामिल किया गया.इस टीम ने अब तक 60 से अधिक जगहों पर छापामार कार्रवाईयां की.इस दौरान कुछ बड़े अस्पतालों की फार्मेंसी के अलावा कई मेडिकल स्टोर पर बड़ी अनियमिताओं का खुलासा हुआ.इसमें रेमडेसिविर-टोसिलिजुमाब इंजेक्शन के तय दाम से अधिक की वसूली समेत कई तरह की अनियमताएं शामिल रही.टीम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर 30 से अधिक फार्मेंसी पर कार्रवाई करते हुए अलग-अलग समयावधि के लिए निलम्बन आदेश जारी किए.इन आदेशों के बाद से दवा कारोबारियों में जबदस्त खलबली मची और इसके बाद उन्होंने अपील का रास्ता निकाला.विभाग के उप सचिव संजय कुमार को अपीलें दायर की गई, जिसमें से अधिकांश को सुनवाई का हवाला देते हुए स्टे भी दे दिया गया है.

इनको स्टे के रूप में मिली बड़ी राहत:
- दानाशिवम हॉस्पिटल की फार्मेंसी
- शेखावटी हॉस्पिटल की फार्मेंसी
- इटरनल हॉस्पिटल की फार्मेंसी
- सीकेएस हॉस्पिटल की फार्मेंसी
- मणिपाल हॉस्पिटल की फार्मेंसी
- मोनू फार्मेंसी
- पदमा मेडिकल
- लाइफ लाइन मेडिकल
- हीना फार्मेंसी

एक तरफ जहां एक दर्जन के आसपास फार्मेंसी को स्टे दिया गया है, वहीं दूसरी ओर एक फार्मेंसी की अपील को स्वीकारते हुए निलम्बन अवधि भी कम की गई है.श्री मेडिकल के मामले में सुनवाई के दौरान नोटिस में लगाए गए आरोप आंशिक रूप से प्रमाणित माने गए, साथ ही ये भी कहा गया है कि अपीलार्थी ने आंशिक रूप से इन्हें स्वीकार भी किया है.

दस को मिला स्टे, एक की निलम्बन अवधि आधी:
- कोरोना में कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का सच
- अपील पर सुनवाई के नाम पर दस फार्मेंसी को दिया जा चुका "स्टे"
- जबकि श्री मेडिकल स्टोर के मामले में निलम्बन अवधि को किया कम
- टीम ने अनियमितताओं के आधार पर दस दिन किया था लाइसेंस निलम्बित
- जबकि अपील में सुनवाई के बाद निलम्बन अवधि को किया गया पांच दिन

कालाबाजारी में लिप्त लोगों को सुनवाई के नाम पर स्टे की राहत सभी के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है.सबसे बड़ा आश्चर्य ये है कि खुद चिकित्सा मंत्री लगातार निर्देश दे रहे है कि कालाबाजारी में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया.उन्हीं के निर्देश पर कमेटी ने जांच कर ऐसे कृत्य में लिप्त लोगों का पर्दाफाश किया.ऐसे में सवाल ये कि आखिर "अपील" के नाम पर क्यों राहत की स्टे की राहत.

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