जनता के लिए 'को-वैक्सीन' को 'क्लीनचिट', अब कोविशिल्ड की तरह ही होगी 'फॉर्मेलिटी'

जनता के लिए 'को-वैक्सीन' को 'क्लीनचिट', अब कोविशिल्ड की तरह ही होगी 'फॉर्मेलिटी'

जयपुर: कोरोना वैक्सीनेशन से जुड़ी आज की बड़ी खबर आई है. जनता के लिए "को-वैक्सीन" को "क्लीनचिट" मिल गई है. भारत बायोटेक की वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रॉयल का थर्ड फेज भी पूरा हो गया है. केन्द्र ने सभी राज्यों को "क्लीनचिट" का पत्र भेजा है. ऐसे में अब "कोविशिल्ड" की तरह ही "को-वैक्सीन" के लिए "फॉर्मेलिटी" होगी. 

दरअसल, अभी तक जिन बेनिफिशरी को को-वैक्सीन लगाई जा रही थी उनसे पहले फैक्टशीट और उनका सहमति पत्र भरवाई जा रही थी. ये "फॉर्मेलिटी" DCGI से इमरजेंसी अप्रूव्ल के चलते हो रही थी. इस प्रक्रिया से कई लोगों में को-वैक्सीन को लेकर भ्रम बना हुआ था. लेकिन अब केन्द्र के निर्देश पर सभी CMHO को निर्देश जारी किए गए हैं.     

पीएम मोदी ने कोवैक्सीन लगवाकर दिया था मैसेज:
बता दें कि जनवरी से पूरे भारत में कोरोना वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है. लेकिन तब से ही भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' को लेकर लोगों के मन में संशय बना हुआ था. ऐसे में लोग इस वैक्सीन को लगवाने में कतरा रहे थे. हालांकि वैक्सीन की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारत बायोटेक की Co Vaxin की पहली डोज लेकर लोगों के बीच इसकी सुरक्षा को लेकर मैसेज दिया था. 

पीएम मोदी पर वैक्सीन न लगवाने को लेकर सवाल उठाए थे:
इससे पहले कोरोना टीकाकरण का पहला चरण शुरू होने से पहले कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने पीएम मोदी पर वैक्सीन न लगवाने को लेकर सवाल उठाए थे. विपक्ष का कहना था कि पीएम मोदी और उनके मंत्री कोरोना वैक्सीन नहीं लगवा रहे, जबकि कई देशों को प्रमुखों ने जनता में भरोसा जगाने के लिए सबसे पहले खुद को वैक्सीन लगवाई थी. लेकिन अब जनता के लिए को-वैक्सीन को क्लीनचिट मिल गई है. ऐसे में लोगों के बीच अच्छा मैसेज जाने से इस वैक्सीन को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिलेगा. 


 

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