VIDEO: आयकर रिटर्न पर कोरोना ग्रहण! पिछले साल की तुलना में 66 फीसदी की कमी

VIDEO: आयकर रिटर्न पर कोरोना ग्रहण! पिछले साल की तुलना में 66 फीसदी की कमी

जयपुर: कोरोना महामारी के चलते जब विश्वभर का अर्थतंत्र गड़बड़ाया हुआ है और देश में भी आर्थिक हालात मुश्किल भरे चल रहे हैं. इस बीच आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में भी भारी कमी आई है. इन आंकड़ों ने केन्द्रीय एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि इस बार आयकर रिटर्न भरने की तिथि बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है. कोरोना काल में केन्द्र सरकार आर्थिक गतिविधियों को सुचारू बनाने के लिए जब 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज दे चुकी है. उद्याेगों और आमजन को राहत देने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद सामान्य आर्थिक गतिविधियां पटरी पर नहीं लौट पा रही हैं. यह बात हाल ही सामने आए आयकर विवरणियों के आंकड़ों से साबित हो रही है.

काफी कम संख्या में आयकर रिटर्न प्राप्त:
इस वित्त वर्ष के शुरुआती चार माह में काफी कम संख्या में आयकर रिटर्न प्राप्त हुए हैं. राजस्थान में पिछले वर्षों में औसतन 40 लाख विवरणियां भरी जाती हैं. आयकर विवरणी भरे जाने की अंतिम तारीख 31 जुलाई होती है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते चूंकि 2 माह तक सभी तरह की आर्थिक गतिविधियां बंद रही थीं. इसके बाद भी गतिविधियों को शुरू होने में लम्बा समय लगा. इस कारण आयकर विभाग ने विवरणी फाइल करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2020 कर दी है. इस वजह से भी तुलनात्मक रूप से कम संख्या में आयकर विवरणी भरी जा रही हैं. आयकर विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में आयकर विवरणी भरे जाने के आंकड़ों में अक्टूबर माह में बढ़ोतरी हो सकती है.

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राजस्थान के आंकड़े:
वित्तीय वर्ष : आयकर विवरणी
2014-15 : 25.96 लाख
2015-16 : 31.18 लाख
2016-17 : 31.93 लाख
2017-18 : 37.45 लाख
2018-19 : 41.28 लाख (प्रोविजिनल)
2019-20 : 43.97 लाख (प्रोविजिनल)

- इस वित्त वर्ष में 31 जुलाई तक 6.01 लाख आयकर रिटर्न फाइल हुए
- जबकि पिछले साल इसी अवधि में 17.71 लाख आयकर रिटर्न भरे गए
- पिछले साल की तुलना में इस बार मात्र 33.93 फीसदी रिटर्न भरे गए

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आयकर रिटर्न की स्क्रूटनी का प्रतिशत है काफी कम:
आयकर विवरणी भरे जाने में तो कमी आई ही है, आयकर विभाग ने पिछले 2 वर्षों में प्राप्त आयकर विवरणियों की जांच स्क्रूटनी की संख्या में भी कमी की है. वर्ष 2017-18 में मात्र 0.13 प्रतिशत रिटर्न की ही स्क्रूटनी की थी. इस वित्त वर्ष में भरे जाने वाले आयकर रिटर्न में भी स्क्रूटनी में कमी आएगी. आयकर विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस वर्ष केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय एजेंसियों को जांच-कार्रवाई करने से हतोत्साहित किया है. ऐसे में यह माना जा रहा है कि इस बार आयकर छापे और जांच प्रकरणों में भी कमी आएगी. हालांकि आयकर अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि अक्टूबर माह से आयकर रिटर्न फाइल होने की संख्या में अच्छी ग्रोथ हो सकती है.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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