VIDEO: परिवहन विभाग पर कोरोना का ग्रहण, राजस्व वसूली में हालात अच्छी नहीं, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: परिवहन विभाग पर कोरोना का ग्रहण, राजस्व वसूली में हालात अच्छी नहीं, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: कोरोना की दूसरी लहर के व्यापक असर से राज्य सरकार के राजस्व पर खासा प्रभाव पड़ा है. रेवेन्यू अर्जित करने में सरकार के प्रमुख  परिवहन विभाग की हालत भी राजस्व में बहुत अच्छी नहीं है.कोरोना के कारण एक बार यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या परिवहन विभाग अपने वार्षिक राजस्व टारगेट के आंकड़े को छू पायेगा या नहीं. कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण राज्य सरकार के राजस्व पर अच्छा खासा फर्क पड़ा है.राजस्व संग्रहण प्रभावित होने के कारण सरकार वित्तीय संकट भी मौजूदा समय में झेल रही है.वित्तीय संकट के कारण ही जहां सीएम से लेकर मंत्रियों और विधायकों ने अपनी सैलरी कटवाई है, तो वही आईएएस आईपीएस, आईएफएस और आरएएस समेत कई वर्ग के अधिकारियों की सैलरी भी काटी गई है.

राजस्व अर्जन का काम काफी हद तक ठप:

कोरोना को रोकने के लिए सरकार ने जब से सख्त पाबंदियां और लॉक लडाउन लगाने का फैसला किया.तब से ही उन विभागों में भी राजस्व अर्जन का काम काफी हद तक ठप हो गया जिन विभागों को राजस्व अर्जन के लिए खासा महत्वपूर्ण माना जाता था. प्रदेश का परिवहन विभाग भी कोरोना के असर से अछूता नहीं रहा है. 6500 करोड़ का वार्षिक टारगेट को पूरा करने का प्रयास कर रहे परिवहन विभाग ने अप्रैल के महीने में तो पाबंदियों के बावजूद अच्छा काम किया लेकिन मई में लॉकडाउन के कारण परिवहन विभाग का राजस्व संग्रहण का काम काफी हद तक प्रभावित हुआ है.

सिर्फ 90 करोड़ का राजस्व ही परिवहन विभाग को मिला:

इस साल अप्रैल के महीने में विभाग को जहां  304 करोड रुपए का राजस्व मिला था तो वही मई के महीने में लॉकडाउन और कोरोना के बहुत अधिक असर के कारण सिर्फ 90 करोड़ का राजस्व ही परिवहन विभाग को मिला है.अप्रैल के महीने में जो राजस्व परिवहन विभाग को मिला है उसका एक बड़ा कारण एमनेस्टी योजनाएं भी रही हैं. विभाग को मई महीने में भी इसी तरह का अच्छा राजस्व मिलने की उम्मीद थी लेकिन लॉकडाउन लगने के कारण परिवहन विभाग का राजस्व काफी नीचे आ गया.अब अपने टारगेट के आंकड़े तक पहुंचने के लिए विभाग को पिछलेे वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी भारी भरसक प्रयास करने होंंगे.

राजस्व कम होने का सबसे बड़ा कारण लॉकडाउन:

मई के महीने में परिवहन विभाग का राजस्व कम होने का सबसे बड़ा कारण तो लॉक डाउन ही है लेकिन ऑक्सीजन टैंकरों के परिवहन में भी जिस तरह से विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन रात काम किया उससे विभाग का राजस्व प्रभावित हुआ. परिवहन विभाग के राजस्व में सबसे अधिक योगदान वाहनों के रजिस्ट्रेशन से आने वाली राशि है लेकिन लॉक डाउन के कारण प्रदेशभर में  फ़िलहालसभी तरह के वाहनों के शोरूम पूरी तरह से बंद है. इस कारण भी विभाग के राजस्व को मई के महीने में अच्छा खासा नुकसान हुआ है.

अप्रैल और मई के महीने में किस तरह आई परिवहन विभाग के राजस्व में बड़ी गिरावट:

1-जयपुर आरटीओ ने अप्रैल के महीने में 65 करोड़ 15 लाख का राजस्व अर्जित किया
मई के महीने में जयपुर आरटीओ को सिर्फ़ 14 करोड़ 46 लाख का राजस्व मिला

2- दौसा 10 अप्रैल के महीने में 13.11  करोड़ का राजस्व अर्जित किया
लेकिन मई के महीने में यह आंकड़ा 4 करोड़ 8 लाख रुपये ही रहा

3- सीकर आरटीओ को अप्रैल के महीने में 22 करोड़ 16 लाख का राजस्व मिला.
लॉक डाउन के कारण मई महीने में सिर्फ 5 करोड़ 27 लाख का राजस्व ही मिल सका

4- अलवर आरटीओ ने अप्रैल के महीने में  16 करोड़ 77 लाख का राजस्व अर्जित किया.
लेकिन मई में अलवर आरटीओ का आंकड़ा 6 करोड़ 98 लाख पर आ गया

5- भरतपुर आरटीओ ने अप्रैल के महीने में 13.51 करोड़ का राजस्व अर्जित किया.
लेकिन मई महीने में भरतपुर आरटीओ को सिर्फ 5 करोड़ 56 लाख का राजस्व ही मिला.

6- अजमेर आरटीओ ने अप्रैल माह में 24.72 करोड़ का राजस्व जुटाया
लेकिन मई महीने में विभाग को सिर्फ़ 5 करोड़ 88 लाख का राजस्व ही मिला है.

7- जोधपुर आरटीओ ने अप्रैल के महीने में 28 करोड़ 37 लाख का राजस्व अर्जित किया
लॉक डाउन के चलते मई महीने में जोधपुर को सिर्फ 6 करोड़ 80 लाख का राजस्व ही मिल सका

8-पाली आरटीओ ने अप्रैल महीने में 14 करोड़ 37।लाख का राजस्व अर्जित किया
मई के महीने में पाली आरटीओ को महज 5 करोड़ 69 लाख का ही राजस्व मिला

9-उदयपुर आरटीओ को अप्रैल में 22 करोड़ 76 लाख का राजस्व मिला
मई माह में उदयपुर आरटीओ का राजस्व आंकड़ा 7 करोड़ 13 लाख पर आ गया

10-चित्तोड़गढ़ आरटीओ ने अप्रैल के महीने में 18 करोड़ 69 लाख का राजस्व अर्जन किया
लेकिन मई महीने में चित्तोड़गढ़ आरटीओ को सिर्फ 4 करोड़ 19 लाख का ही राजस्व मिला

11- कोटा आरटीओ का अप्रैल महीने का राजस्व 20 करोड़ 27 लाख था
लेकिन मई के महीने में कोटा को सिर्फ 4 करोड़ 51 लाख का ही राजस्व मिला है

12-बीकानेर आरटीओ ने अप्रैल में 21 करोड़ 29 लाख का राजस्व अर्जित किया था
लेकिन मई में सिर्फ 6 करोड़ 51 लाख का राजस्व ही।मिल सका है

परिवहन विभाग के राजस्व का आंकड़ा नीचे आया:

मई के महीने में जिस तरह से परिवहन विभाग के राजस्व का आंकड़ा नीचे आया है.उससे परिवहन विभाग को अब अपने वार्षिक टारगेट को प्राप्त करने के लिए आने वाले दिनों में और अधिक मेहनत करनी पड़ेगी.लेकिन अगर सितंबर के महीने में संभावित कोरोना की तीसरी लहर आई तो परिवहन विभाग के लिए पिछले वर्ष के आंकड़े तक पहुंचना भी टेढ़ी खीर साबित होगा.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट 

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