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VIDEO: कोरोना का प्रदेश कांग्रेस की गतिविधियों पर असर, सेवादल की प्रदेश कार्यकारिणी को नहीं मिली मंजूरी

जयपुर: कोरोना काल में प्रदेश कांग्रेस संगठन के अग्रिम संगठनों,विभागों और प्रकोष्ठों की गतिविधियों पर असर पड़ा है. कुछ अग्रिम संगठनों के काम ठप्प पड़े है तो कुछ के कामों में शिथिलता आई है. वहीं कांग्रेस सेवादल की प्रदेश कार्यकारिणी डेढ़ साल से भंग है , यूथ कांग्रेस अंतर विरोध के कारण रहा जरुरत से अधिक सक्रिय नजर आया. लेकिन निकाय और पंचायतों के चुनाव मद्देनजर सक्रियता जरुरी है. कोविड की मार आम जन जीवन के साथ ही राजनीतिक गतिविधियों पर व्यापक रुप से पड़ी है. सियासी गतिविधियों पर आंच आई है. कांग्रेस के अग्रिम संगठनों, विभाग और प्रकोष्ठों की गतिविधियां बेहद सुस्त है. आइये बताते है कांग्रेस के हरावल दस्तों के बारे में.

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अग्रिम संगठन 
युवा कांग्रेस
महिला कांग्रेस
कांग्रेस सेवा दल
एन एस यू आई
इंटक
विभाग- 12 
एससी ,एसटी 
अल्पसंख्यक
विधि व मानवाधिकार
किसान ,खेत मजदूर कांग्रेस
विचार विभाग
पूर्व सैनिक विभाग
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन
प्रोफेशनल कांग्रेस
मजदूर,कामगार 
डाटा- एनालिसिस विभाग
ओबीसी

प्रकोष्ठ - 18

शिक्षक
सामाजिक न्याय आधिकारिता
पर्यावरण संरक्षण
पेंशन व सामाजिकता
खेलकूद 
सीए
सूचना प्रोद्योगिकी
सहकारिता
कच्ची बस्ती
उधोग व्यापार 
खनन विकास 
अभाव अभियोग
प्रवासी राजस्थानी
स्थानीय निकाय
निशक्तजन
खादी ग्रामोद्योग 
विशेष पिछड़ा वर्ग 
चिकित्सा 
अन्य अति पिछड़ा वर्ग

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सेवादल की नई प्रदेश कार्यकारिणी को नहीं मिल रही मंजूरी:
कोविड के कारण ही सेवादल की नई प्रदेश कार्यकारिणी को मंजूरी नहीं मिल रही ,केंद्रीय नेताओं की मंजूरी मिलने के इंतजार में 6 माह से अटकी है लिस्ट,हरावल दस्ते के रूप में मशहूर प्रदेश कांग्रेस सेवादल की कार्यकारिणी को भंग किए हुए डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन अभी तक सेवादल की नई कार्यकारिणी घोषित नहीं हो पाई है.जबकि कांग्रेस सेवादल का प्रदेश नेतृत्व 6 माह पहले नई कार्यकारिणी की लिस्ट तैयार कर सेवादल के केंद्रीय नेतृत्व को मंजूरी को के लिए भेज चुका है कि लेकिन 6 माह बाद भी केंद्रीय नेतृत्व कार्यकारिणी की लिस्ट को मंजूरी नहीं दी,केंद्रीय नेतृत्व ने 42 जिलाध्यक्षों में से 31 जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों को मंजूरी दे दी थी, लेकिन 11 जिलाध्यक्षों और प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा  अभी भी अटकी  हुई. निष्क्रिय संगठनों को जगाने के लिये कोशिशे हो रही है जिससे निकाय और पंचायत चुनावों में इनकी भागीदारी हो सके.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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