कोरोना रोगी मतदाता भी निगम और निकाय चुनाव में कर सकेंगे मतदान , राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की गाइडलाइन

कोरोना रोगी मतदाता भी निगम और निकाय चुनाव में कर सकेंगे मतदान , राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की गाइडलाइन

कोरोना रोगी मतदाता भी निगम और निकाय चुनाव में कर सकेंगे मतदान , राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की गाइडलाइन

जयपुर: पंचायत चुनाव की तरह ही नगर पालिका और शहरी निकाय चुनाव में भी कोरोना रोगी वोटिंग कर सकेंगे. इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने इन चुनावों में पहली बार विस्तृत गाइडलाइन जारी की है. खुद राज्य निर्वाचन आयुक्त पीएस मेहरा के मार्गदर्शन व मॉनिटरिंग में यह गाइडलाइन तैयार करवाकर जारी की गई है. सुप्रीम कोर्ट के 31 अक्टूबर तक चुनाव कराने के निर्देश के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग तीन शहरों के 6 नगर निगमों में चुनाव कार्यक्रम की कभी भी घोषणा कर सकता है. इसके लिए आयोग की करीब-करीब तैयारी पूरी है. इसके साथ ही अन्य निकायों के चुनाव भी हो सकते हैं. इन चुनावों में भी  आयोग कोरोना रोगी वोटर को मताधिकार से वंचित नहीं करेगा.हालांकि इसके साथ उसकी खुद की सुरक्षा और अन्य नागरिकों की जान जोखिम में ना हो, इसके लिए आयोग ने यह गाइडलाइन जारी की है.

-जिन शहरी निकायों के लिए मतदान होना है उन निकायों में मतदान से 1 दिन पूर्व की कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट केस की सूचना संबंधित आरओ  और नियुक्त नोडल स्वास्थ्य अधिकारी को 
सीएमएचओ उपलब्ध कराएंगे.

-यह सूचना आरओ निर्वाचन दलों के पीठासीन अधिकारियों को उपलब्ध कराएगा.

-अगर वोटिंग वाले दिन कोरोना रोगी मतदाता निकाय की सीमा क्षेत्र में है तो संबंधित नोडल स्वास्थ्य अधिकारी उससे मतदान की इच्छा जानने के लिए अधीनस्थ स्वास्थ्य कर्मी को कहेगा. फिर स्वास्थ्य कर्मी कोरोना रोगी वोटर से मतदाता सूची में उसके नाम,संबंधित वार्ड संख्या, भाग संख्या और क्रमांक भी लेगा. मतदान की इच्छा जताने पर संबंधित नोडल स्वास्थ्य अधिकारी संबंधित पीठासीन अधिकारी से संपर्क कर उसके लिए समय निर्धारित करवाएगा और फिर ऐसे वोटर को सूचित किया जाएगा.

- ऐसे वोटर का मतदान सबसे अंत में होगा.ऐसा वोटर स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में चिकित्सा विभाग के प्रोटोकॉल और निर्देशों का पालन करते हुए मतदान कर सकेगा.

- मतदान दल के सभी सदस्य उस वोटर के वोटिंग करते समय ग्लव्ज पहनकर रहेंगे और सुरक्षा के सारे उपायों की पालना सुनिश्चित करेंगे. 

-स्वास्थ्य कर्मी पीठासीन अधिकारी को उस व्यक्ति का मतदाता सूची में नाम भाग संख्या और अन्य विवरण उपलब्ध कराएगा. उसकी पहचान के लिए पीपीई किट या मास्क नहीं हटाया जाएगा मतदान अधिकारी इसका अलग से नोट डालकर उसे मतदान की अनुमति देगा.

- मतदान दलों की सुरक्षा के मद्देनजर ऐसे मतदाता की उंगली पर अमिट स्याही लगाने और मतदाता रजिस्टर में हस्ताक्षर करने की अनिवार्यता लागू नहीं होगी.

-अगर केंद्र या राज्य की गाइडलाइन अनुसार ऐसा कोरोना अस्पताल या ओम आइसोलेशन से नहीं हटाया जा सकता है तो यह आदेश उस पर लागू नहीं होगा और ऐसे मतदाता को निजी या सरकारी अस्पताल या होम आइसोलेशन से मतदान के लिए नहीं लाया जाएगा.

-इसके साथ ही इन निकाय चुनावों के लिए कोरोना में संक्रमित व्यक्ति के नामांकन दाखिल करने और शहरी निकाय निर्वाचन के दौरान कोरोना से बचाव के लिए अलग से गाइडलाइन जारी की गई है. इसके बाद अब जल्द चुनाव कार्यक्रम घोषणा के आसार हैं.

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