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मुंबई से जयपुर तक आ गई कोरोना पॉजिटिव महिला, जयपुर जंक्शन पर स्टेशन से बाहर निकलते समय हुई मौत

जयपुर: मुम्बई सेंट्रल स्टेशन से जयपुर पहुंची स्पेशल ट्रेन में गुरुवार को एक महिला यात्री कोरोनो पॉजिटिव पाई गई. जयपुर जंक्शन पर पहुंचते ही महिला यात्री की मौत हो गई. कोरोना जांच में पॉजिटिव मिलते ही रेलवे अफसरों में हड़कम्प मच गया. दरअसल महाराष्ट्र के ठाणे की एक महिला यात्री बुधवार शाम साढ़े छह बजे मुंबई से स्पेशल ट्रेन में सवार हुई थी.

वंदे भारत मिशन का तीसरा चरण 10 जून से, विदेशों में पढ़ रहे करीब 900 विद्यार्थी लौटेंगे जयपुर

एस-2 कोच में बैठकर महिला यात्री पहुंची जयपुर:
ट्रेन के एस-2 कोच में बैठकर महिला यात्री जयपुर पहुंची. गुरुवार को दोपहर जब वह जयपुर जंक्शन पहुंची और स्टेशन से बाहर निकलने लगी तो पोर्च में ही गिरकर उसकी मौत हो गई. शव का पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसमें दिल का दौरा पड़ने की जानकारी सामने आई है.

चिकित्सक समेत 5 कर्मचारियों को किया क्वारंटीन:
महिला यात्री की कोरोना जांच भी करवाई गई, जिसमें पॉजिटिव मिलने पर रेलवे अफसरों में हड़कम्प मच गया. महिला यात्री की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर रेलवे प्रशासन ने उसके संपर्क में आए अपने चिकित्सक सहित पांच कर्मचारियों को क्वारंटीन कर दिया है. साथ ही कोच में बैठकर आए 70 सह यात्रियों की खोज कर उन्हें क्वारंटीन किए जाने की कवायद की जा रही है.

मंत्री रघु शर्मा का पलटवार, कहा-भाजपा में दोयम दर्जे के नेताओं के हाथ में राजस्थान का नेतृत्व

इसलिए उठ रहे सवाल?
- पहली लापरवाही मुम्बई मंडल के अधिकारियों की सामने आ रही है
- ट्रेन में सवार होने से पहले क्या महिला यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं की गई ?
- सभी यात्रियों के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप होना चाहिए
- लेकिन महिला यात्री के सामान की जांच में मोबाइल ही नहीं मिला

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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राजस्थान हाई कोर्ट ने खारिज की अलवर मॉब लिंचिंग के आरोपियों की जमानत याचिका

राजस्थान हाई कोर्ट ने खारिज की अलवर मॉब लिंचिंग के आरोपियों की जमानत याचिका

जयपुर: अलवर मॉब लिंचिंग के आरोपियों की जमानत खारिज हो गई है. राजस्थान हाईकोर्ट ने दोनों आरोपी विजयकुमार और धर्मेन्द्र कुमार की जमानत याचिका को खारिज किया है. जस्टिस इंद्रजीत सिंह की एकलपीठ ने यह आदेश दिया है. राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता राजेन्द्र यादव ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि ट्रायल पूर्ण होने तक आरोपियों का बाहर आना खतरनाक है. 

आपको बता दें कि 20 जुलाई 2018 को अलवर के ललावंडी गांव में जंगलों से गोवंश लेकर हरियाणा जा रहे रकबर उर्फ अकबर और उसके साथी असलम की गांववालों ने लाठी डंडों से बुरी तरह पिटाई की थी. इसमें अकबर ने दम तोड़ दिया, जबकि असलम जान बचाकर भाग गया था.

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रकबर उर्फ अकबर खान हरियाणा के मेवात जिले का रहने वाला था. रहबर के घर में पत्नी, माता-पिता और सात बच्चे हैं. इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसका ट्रायल चल रहा है. आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी, जो खारिज हो गई है.

Ambulance strike In Rajasthan: फिर आंदोलन की राह पर 'जीवन-वाहिनी' कार्मिक, 108-104 सेवाएं ठप

जयपुर: राजस्थान में एक बार फिर एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हो चुकी है. बुधवार सुबह 6 बजे से सभी 108 एंबुलेंस और 104 के कर्मचारियों ने कार्यबहिष्कार कर दिया और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. 

8 घंटे काम, वेतनमान में बढ़ोतरी समेत कई मांगों को लेकर आक्रोश: 
एंबुलेंस कर्मचारी 8 घंटे काम, वेतनमान में बढ़ोतरी समेत कई मांगों को लेकर आक्रोशित है. इन्होंने राज.एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर कामकाज छोड़ा है. यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह ने आंदोलन को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि एंबुलेंस कर्मचारियों के वेतन में 20 फीसदी बढ़ोतरी का हाईकोर्ट आदेश दे चुका है. बावजूद इसके अभी तक समझौते के तहत वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा. इसके अलावा सरकार के साथ वार्ता में जो समझौता लागू हुआ था उसे भी अभी तक फील्ड में लागू नहीं किया गया है. ऐसे में एंबुलेंस कर्मचारी मजबूरन कार्य बहिष्कार की राह पर है.  

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आधा दर्जन जिलों में कामकाज सीधे तौर पर प्रभावित:
वहीं दूसरी ओर 108-104 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल का साइड इफेक्ट अब दिखने लगा है. प्रदेश के आधा दर्जन जिलों में कामकाज सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है. जयपुर के अलावा अलवर, बांसवाड़ा, धौलपुर, भरतपुर समेत अन्य जिलों में इसका असर देखा गया है. कॉल सेंटर पर आ रहे केस एंबुलेंस कर्मचारियों के मोबाइल स्विच ऑफ होने के चलते ट्रांसफर नहीं हो रहे हैं. हालांकि कुछ जिलों में हड़ताल का असर दिखाई नहीं दे रहा है. लेकिन एंबुलेंस कर्मचारी अब पूरी तरह आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं. इसको लेकर एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने बयान देते हुए कहा कि बार-बार वार्ता के बाद भी वेतन वृद्धि समेत अन्य मुद्दे लंबित चल रहे हैं. ऐसे में एंबुलेंस कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश फैल रहा है. 


 

ट्रेन और हवाई सफर के किराए में कम होता जा रहा अंतर, रेलवे जयपुर-पुणे का 4240 रुपए ले रहा तो हवाई यात्रा का भाड़ा 3800 रुपए

ट्रेन और हवाई सफर के किराए में कम होता जा रहा अंतर, रेलवे जयपुर-पुणे का 4240 रुपए ले रहा तो हवाई यात्रा का भाड़ा 3800 रुपए

जयपुर: कोरोना से जंग लड़ने के साथ-साथ अब धीरे-धीरे जन जीवन पटरी पर लौटने लगा है. लंबे समय से कम यात्रीभार से जूझ रहे परिवहन के साधनों यानी हवाई जहाज और ट्रेनों में अब भीड़ देखने को मिल रही है. लेकिन दोनों साधनों में अंतर यह है कि अब रेल यात्रा अधिक समय लेने वाली होते हुए मंहगी भी साबित हो रही है. 

रेलवे यातायात अब पटरी पर लौट रहा है, लेकिन इस बार यात्रियों के फायदे की बजाय खुद के फायदे के साथ. ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय हवाई और रेल सफर के किराए के बीच का अंतर अब काफी कम हो गया है. तो वहीं खुद रेलवे एक ही रूट पर संचालित हो रही दो ट्रेनों में अलग-अलग किराया वसूल रहा है. जो इस बात को सत्यापित करता है. जयपुर से कई शहरों के लिए ट्रेन और हवाई मार्ग में लगने वाले किराए में तो ज्यादा अंतर नहीं है. लेकिन इस दूरी को तय करने वाले समय में जमीन-आसमान का अंतर है. जयपुर से पुणे के बीच ट्रेन से 23 घंटे लग रहे हैं. इस दूरी के लिए रेलवे फर्स्ट एसी में 4240 रुपए, सैकंड एसी में 2675, थर्ड एसी में 1945 और स्लीपर में 765 रुपए किराया वसूल रहा है. तो वहीं हवाई मार्ग से इस दूरी को तय करने में महज 1.30 घंटे का समय लग रहा है. जिसके लिए यात्रियों से 3800 से 4000 रुपए किराया लिया जा रहा है.

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जयपुर से ट्रेन का किराया और लगने वाला समय -
कहां से कहां/ किराया (रुपए में)/ यात्रा समय
- जयपुर-मुंबई सेंट्रल/ 2415/ 20 घंटे
- जयपुर-बांद्रा टर्मिनस/ 2100/ 17 घंटे
- जयपुर-कोलकाता (सियालदाह)/ 2885/ 25 घंटे
- जयपुर-कोलकाता/ 2465/ 27 घंटे
- जयपुर-पुणे/ 4240-2675/ 23 घंटे
- जयपुर-चंडीगढ़/ 2550-1645/ 11 घंटे
- जयपुर-हैदराबाद/ 3225/ 33 घंटे
- जयपुर-हैदराबाद (काचीगुड़ा)/ 2885/ 25 घंटे
- जयपुर-बैंगलुरू/ 5460-3200/ 41 घंटे
- जयपुर- अहमदाबाद/ 2420-1715/ 12 घंटे
- जयपुर- अहमदाबाद/ 1415/ 12 घंटे
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24 अक्टूबर को हवाई किराया और लगने वाला समय- 
कहां से कहां/ किराया(रुपए में)/ यात्रा समय
- मुंबई-जयपुर/ 3481/ 1.25 घंटे
- बेंगलुरु-जयपुर/ 5100/ 2.10 घंटे
- कोलकाता-जयपुर/ 4551/ 1.50 घंटे
- हैदराबाद-जयपुर/ 4197/ 1.45 घंटे
- पुणे-जयपुर/ 3811/ 1.35 घंटे
- अहमदाबाद-जयपुर/ 3755/ 50 मिनट
- चेन्नई-जयपुर/ 7096/ 2.10 घंटे

एयरलाइंस कंपनियों में आपस में किराए को लेकर जबरदस्त प्रतिद्वंदिता होती है. लेकिन अब यह सिर्फ एयरलाइंस के बीच की लड़ाई तक सीमित नहीं है. बल्कि अब एयरलाइंस रेलवे को अपना बड़ा प्रतिद्वंदी मान रहीं हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि जिन शहरों के लिए जयपुर से ट्रेन संचालित हो रहीं हैं, वहां का हवाई किराया ज्यादा नहीं है. जैसे फिलहाल जयपुर से चेन्नई के लिए कोई ट्रेन कनेक्टविटी नहीं है. इसलिए एयरलाइंस ने भी इस दूरी का किराया 7 से 8 हजार के बीच किया हुआ है. जबकि जिन रूटों पर ट्रेन उपलब्ध हैं, उन रूट्स का हवाई किराया ट्रेन के किराए से महज 15-30 फीसदी ही अधिक है.

- काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

VIDEO: मौजूदा लैंड यूज चेंज रूल्स में होंगे अब व्यापक बदलाव, नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने दी हरी झंडी

जयपुर: बड़ी जद्दोजहद के बाद तैयार किए गए शहरों के मास्टरप्लान में दर्शाए लैंड यूज में बेतरतीब व बेवजह बदलाव नहीं हो और शहरवासियों की जरूरत के मुताबिक विभिन्न गतिविधियां की अनुमति दी जा सके,इन्हें ध्यान रखते हुए लैंड यूज चेंज रूल्स में व्यापक पैमाने पर बदलाव किए जाएंगे. क्या होंगे ये बदलाव और इनका क्या होगा असर जानने के लिए देखें फर्स्ट इंडिया न्यूज की ये खास रिपोर्ट-

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अक्सर कहते रहे हैं कि बड़ी मेहनत से शहरों के मास्टरप्लान तैयार किए जाते हैं. लेकिन बार-बार लैंड यूज चेंज करके इन्हें बिगाड़ा जाता है. अशोक गहलोत सरकार के पिछले कार्यकाल में मुख्यमंत्री की इसी मंशा के अनुरूप टाउन एंड कंट्री प्लानिंग बिल लाने की कवायद भी शुरू की गई थी. लेकिन यह कवायद तब पूरी नहीं हो पाई. इसके बाद 12 जनवरी 2017 को गुलाब कोठारी प्रकरण में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण दिए कि बहुत आवश्यक होने पर ही केवल जनहित में ही मास्टरप्लान में दर्शाए लैंड यूज में बदलाव किया जाए. ऐसे में लैंड यूज प्रक्रिया को सख्त बनाने और साथ के साथ आम शहरवासी की रोजमर्रा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मौजूदा लैंड यूज रूल्स में बदलाव प्रस्तावित किए हैं. इन बदलावों पर नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल अपनी हरी झंडी दे चुके हैं. आपको सबसे पहले बताते हैं कि लैंड यूज रूल्स में प्रस्तावित नए बदलावों में किस प्रकार लैंड यूज चेंज की प्रक्रिया को पहले से सख्त किया गया है.

लैंड यूज चेंज की सख्त प्रक्रिया:

- लैंड यूज चेंज के लिए अब प्रशासनिक शुल्क देना होगा जो 10 रुपए प्रति वर्गमीटर के अनुसार न्यूनतम 5 हजार रुपए और अधिकतम 5 लाख रुपए होगा.

- लैंड यूज चेंज के लिए निर्धारित राशि का दस प्रतिशत और देना होगा.

- निकाय में पदस्थापित वरिष्ठतम नगर नियोजक संबंधित स्थानीय समिति का सदस्य सचिव होगा.

- वर्तमान में नगरपालिकाओं,न्यास और प्राधिकण स्तर की स्थानीय समिति को 3 हजार वर्गमीटर से 6 हजार वर्गमीटर तक आकार की भूमि के लैंड यूज के अधिकार हैं.

- प्रस्तावित बदलाव के अनुसार जिन शहरों में मास्टरप्लान लागू नहीं हैं वहां निकाय की योजना व अनुमोदित अन्य योजना में स्थानीय समितियां 500 से लेकर 4000 वर्गमीटर तक की भूमि का ही लैंड यूज चेंज कर सकेंगी.

- जिन शहरों में मास्टरप्लान लागू हैं वहां कृषि भूमि से मास्टरप्लान के अनुसार लैंड यूज चेंज के आवेदन पर राज्य स्तरीय समिति ही विचार करेगी.

- कृषि भूमि से अकृषि उपयोग के प्रकरणों में कंट्रोल गाइडलाइन्स के अनुसार लैड यूज या एक्टिविटी चाहने पर स्थानीय समितियां 500 से लेकर 4000 वर्गमीटर तक की भूमि का ही लैंड यूज चेंज कर सकेंगी. 

- कृषि भूमि से अकृषि उपयोग के प्रकरणों में मास्टरप्लान या जोनल प्लान या लैंड यूज कंट्रोल गाइडलाइन्स से भिन्न लैंड यूज या एक्टिविटी चाहने पर केवल राज्य स्तरीय समिति की फैसला कर सकेगी.

- पट्टे शुदा भूखण्ड का मास्टरप्लान के अनुसार लैंड यूज चाहे जाने पर स्थानीय समितियां 500 से लेकर 4000 वर्गमीटर तक की भूमि का ही लैंड यूज चेंज कर सकेंगी.  

- पट्टेशुदा  भूखण्ड का मास्टरप्लान या लैंड यूज कंट्रोल गाइडलाइन्स से भिन्न लैंड यूज या एक्टिविटी के आवदेन पर केवल राज्य स्तरीय लैंड यूज चेंज कमेटी ही विचार कर सकेगी. 

- पूर्व मास्टरप्लान में कोई भूमि पेरिफेरल कंट्रोल बेल्ट में थी और उसके अनुसार तब पर्मिसिबल एक्टिविटी के अनुसार पट्टा जारी किया गया है. 

- अब ऐसे प्रकरण में मौजूदा मास्टरप्लान से भिन्न लैंड यूज चाहा गया है तो ऐसे प्रकरणों में केवल राज्य स्तरीय समिति ही विचार कर सकेगी. 

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वर्तमान में लागू लैंड यूज चेंज रूल्स वर्ष 2010 में जारी किए गए थे. इन रूल्स में बदलाव कर पहली बार कैटिगिरी वाइज प्रकरणों के अनुसार स्थानीय समितियों को लैंड यूज चेंज के अधिकार दिया जाना प्रस्तावित है. संवेदनशील व महत्वपूर्ण मामलों में लैंड यूज चेंज पर केवल राज्य स्तरीय समिति ही विचार करेगी. इन रूल्स में लैंड यूज कंट्रोल गाइडलाइन्स भी जोड़े जाना प्रस्तावित है. ताकि स्थानीय निवासियों की जरूरत के अनुसार क्षेत्र में आवश्यक एक्टिविटीज की अनुमति दी जा सके और बार-बार मास्टरप्लान में लैंड यूज चेंज करना नहीं पड़े. आपको बताते हैं किस लैंड यूज में कौन-कौनसी एक्टिविटीज की अनुमति दी जा सकेगी.

लैंड यूज कंट्रोल गाइडलान्स में पर्मिसिबल एक्टविटीज: 

- आवासीय लैंड यूज में डे केयर सेंटर,नर्सरी,स्कूल,डिस्पेंसरी,ओल्ड एज होम,धर्मशाला,हॉस्टल,कन्वेनियंट या इनफॉर्मल शॉप्स, रेस्तरां,लेबोरेट्री,लाईब्रेरी,क्लब, हाउसहोल्ड या सर्विस इंडस्ट्री व एमएसएमई इंडस्ट्रीज व पेट्रोल पम्प संचालित हो सकेंगे. 

- व्यावसायिक लैंड यूज में होटल,मैरिज गार्डन,बैंक,वर्कशॉप,गैस बुकिंग एंड ड्रिस्ट्रीब्यूशन सेंटर,सिनेमाघर,मल्टीप्लैक्स,हॉस्पिटल,ट्रक व बस टर्मिनल आदि संचालित किए जा सकेंगे.

- संस्थानिक लैंड यूज में उद्योग, एग्रोबेस इडस्ट्रीज, गैस गोदाम सहित सभी आवश्यक गतिविधियों के संचालन की अनुमति मिल सकेगी. 

लैंड यूज कंट्रोल गाइडलाइन्स में पर्मिसिबल एक्टिविटी में कुछ एक्टिविटीज की अनुमति देने पर स्थानीय समितियां तो कुछ के लिए राज्य स्तरीय समिति अधिकृत होगी. इन एक्टिविटीज के संचालन के लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई और अन्य तकनीकी मापदंड भी लैंड यूज कंट्राेल गाइडलाइन्स में शामिल किए हैं. लैंड यूज चेंज रूल्स में प्रस्तावित इन बदलावों का खाका मंजूरी के लिए नगरीय विकास विभाग ने विधि विभाग को भेज दिया है. विधि विभाग की मंजूरी के बाद नगरीय विकास विभाग की ओर से इस बारे में जल्द अधिसूचना जारी की जाएगी.

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए पंजाब की तर्ज पर ही राजस्थान सरकार भी लाएगी तीन नए बिल

जयपुर: केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए पंजाब की तर्ज पर ही राजस्थान सरकार भी तीन नए बिल विधानसभा में पारित कराएगी. राज्य सरकार इसके लिए नवंबर के पहले सत्र में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता मे मंगलवार रात को मुख्यमंत्री आवास पर हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया.

सीएम ने पंजाब की तर्ज पर ही राजस्थान में फैसला लेने की बात कही: 
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी ने कांग्रेस शासित राज्य सरकारों को निर्देश दिए थे कि वे अपने राज्य में केंद्र के कानूनों को बायपास करने के लिए विधानसभा को सत्र बुलाकर प्रस्ताव पास करे. राजस्थान सरकार इस मामले में पंजाब सरकार के कदम का इंतजार कर रही थी. 12 अक्टूबर को भी इस मामले में गहलोत मंत्री परिषद की बैठक हुई थी, लेकिन तब कोई फैसला नहीं हो सका. मंगलवार को पंजाब सरकार ने विधानसभा के विशेष सत्र में केंद्र के कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया. साथ ही तीन नए बिल विधानसभा से पारित करा दिए. इसकी सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तुरंत मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई और पंजाब की तर्ज पर ही राजस्थान में फैसला लेने की बात कही. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया था, जिसके तहत सरकार ने तीन नए कानून पास किए हैं जिसमें केंद्र से अलग बातें शामिल की गई हैं.

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किसान को MSP से नीचे फसल देने पर मजबूर किया जाता: 
प्रस्ताव में इस बात को शामिल किया गया है कि अगर किसान को MSP से नीचे फसल देने पर मजबूर किया जाता है, तो ऐसा करने वाले को तीन साल तक की जेल हो सकती है. साथ ही अगर किसी कंपनी या व्यक्ति द्वारा किसानों पर जमीन, फसल को लेकर दबाव बनाया जाता है तो भी जुर्माना और जेल का प्रस्ताव लाया गया है. केंद्रीय कानून में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट में किसानों और कंपनियों के बीच विवाद होने पर केवल एसडीएम तक ही केस लड़े जाने का प्रावधान किया हुआ है, जबकि इसके प्रभाव को कम करने के लिए पंजाब सरकार ने अपने एक्ट में प्रावधान किया है कि सिविल कोर्ट में किसान जा सकेंगे. केंद्रीय कानून में कहा गया है कि खरीदी जाने वाली फसल के बारे में कोई भी लिमिट नहीं होगी और न ही यह कहां भंडारण की गई है इसके बारे में बताने की जरूरत है. इस प्रभाव को कम करने के लिए पंजाब सरकार ने अपने बिल में कहा है कि खरीदी जाने वाली फसल की सीमा राज्य सरकार द्वारा तय की जाएगी और इसे कहां स्टोर किया गया है यह भी बताना होगा. अब इसी तरह के संशोधन राजस्थान में किए जाएंगे.

अन्नदाता किसानों के पक्ष में मजबूती से खड़ी:
सीएम गहलोत ने कहा है कि सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के नेतृत्व में हमारे अन्नदाता किसानों के पक्ष में मजबूती से खड़ी है और हमारी पार्टी किसान विरोधी कानून जो एनडीए सरकार ने बनाए हैं, का विरोध करती रहेगी. पंजाब की कांग्रेस सरकार ने इन कानूनों के विरुद्ध बिल पारित किये हैं. राजस्थान भी शीघ्र ही ऐसा ही करेगा. इससे पहले मुख्यमंत्री गहलोत ने पंजाब के मंत्री मनप्रीत सिंह बादल से फोन पर बात करके पंजाब के नए कानून की कॉपी मांगी. मंत्रिपरिषद की बैठक में मुहर लग गई है कि राज्य के कानून में बदलाव किए जाए. अब पंजाब की तर्ज पर ही राजस्थान में कृषि विभाग के अधिकारी व विधि विभाग अगले दो तीन दिन में ड्राफ्ट तैयार करेगा.

Navratri 2020: स्कंदमाता की पूजा से मिलेगा संतान सुख, इन मंत्रों से करें प्रसन्न

Navratri 2020: स्कंदमाता की पूजा से मिलेगा संतान सुख, इन मंत्रों से करें प्रसन्न

जयपुर: आज नवरात्रि नवरात्रि का पांचवा दिन है. नवरात्रि की पंचमी तिथि को स्कंदमाता की अराधना की जाती है. स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कन्दमाता कहा गया है. भगवान स्कंद बालरूप में इनकी गोद में विराजित हैं. मां की चार भुजाएं हैं जिसमें दोनों हाथों में कमल के पुष्प हैं. देवी स्कन्दमाता ने अपने एक हाथ से कार्तिकेय को अपनी गोद में बैठा रखा है और दूसरे हाथ से वह अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान कर रही हैं. 

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स्कंदमाता मोक्ष प्रदान करने वाली देवी: 
कहा गया है कि स्कंदमाता की पूजा करने से जीवन मे सुख और शांति आती है. स्कंदमाता मोक्ष प्रदान करने वाली देवी हैं. स्कंदमाता अपने भक्तों से बहुत जल्द प्रसन्न हो जाती है. पूजा के दौरान इन मंत्र का जाप करने से स्कंदमाता सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं. स्कंदमाता की पूजा करने से भगवान कार्तिकेय भी प्रसन्न होते हैं. वहीं नि:संतान को माता के आर्शीवाद से संतान प्राप्ति होती है. इसके साथ ही स्कंदमाता संकट और शत्रुओं का नाश करती हैं.  मां स्कन्दमाता को वैसे तो जौ-बाजरे का भोग लगाया जाता है, 

स्कंदमाता की प्रार्थना: 
सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया.
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विन.

स्कंदमाता की स्तुति मंत्र:
या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:.

स्कन्दमाता की पूजा विधि:
आज मां की प्रतिमा एक चौकी पर स्थापित करके कलश की स्थापना करें. उसी चौकी पर श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका, सप्त घृत मातृका भी स्थापित करें. हाथ में फूल लेकर 'सिंहासनागता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी' मंत्र का जाप करते हुए फूल चढ़ा दें. मां की विधिवत पूजा करें, मां की कथा सुनें और मां की धूप और दीप से आरती उतारें. उसके बाद मां को केले का भोग लगाएं और प्रसाद के रूप में केसर की खीर का भोग लगाकर प्रसाद बांटें.


 

Horoscope Today, 21 October 2020: आज का दिन इन राशियों के लिए रहेगा शानदार, पढ़ें दैनिक राशिफल

Horoscope Today, 21 October 2020: आज का दिन इन राशियों के लिए रहेगा शानदार, पढ़ें दैनिक राशिफल

जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. आइये अब जानते है की हमारे पढ़ने वाले बच्चे जो अब स्कूल एक्साम्स या बोर्ड एक्साम्स या किसी कॉम्पिटशन के तैयारी कर रहे है उनके लिए माता रानी क्या सन्देश लायी है..

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मेष (Aries) :- आपको आज मन में उदासी और आशान्ति का समावेश रहेगा. बार-बार किसी न किसी कारण आपको अपने परिजनों और मित्रों से उपेक्षा और विरोध का सामना करना होगा.  

वृष(Taurus):- आपका स्वास्थ्य आज सुधार की ओरअग्रसर हो रहा है. हो सकता है इसी वजह से आपको अपने कामकाज में उत्साह बनाए रखने में मदद मिले. यदि आप अपने समय का सही उपयोग करेंगे तो निर्धारितलक्ष्य के नजदीक पहुंचने में देर नहीं लगेगी.

मिथुन(Gemini):- किसी सार्वजनिक घटना या घोषणा से आपकी सुख-शांति में व्यवधान पड़ सकता है. अचानक ही कुछ विपरीत परिस्थितियां पैदा होने से आपका आत्मविश्वास विचलित हो सकता है.

कर्क(Cancer):- आज किसी काम में लगातारअसफलता मिलने से मन में उदासी रहेगी. वरिष्ठ और परिवार के सदस्य आपकी खिलाफत कर सकते हैं. चलते-फिरते भी किसी नए बवाल में उलझने से आपको व्यर्थ का लांछन  झेलना पड़ सकता है.

सिंह(Leo):- आज आपके स्वाभाविक उत्साह और पराक्रम में वृद्धि हो रही है. आपको अपने प्रयासों में लगातारही सफलता भी मिलती जा रही है. यदि किसी संस्था या संगठन के प्रतिनिधि हैं तो आपको कुछ जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती हैं.

कन्या(Virgo):-  जिन लोगों ने आपके लिए रूकावट खड़ी की हैउनको पहचानना आपके लिए जरूरी होगा. तभी आपको आगे की चिन्ता कम होगी. लेकिन दूसरों की तरफ ध्यान आकर्षित होने से आपका काम रूक सकता है.

तुला(Libra):- किसी मोटे लाभ के लिए आज आपके मन में काफी चिन्ता और उत्सुकता रहेगी. हो सकता है कुछ बाधाओं की वजह से अभी इस काम को पूरा करने में कुछ समय और लग जाए.  

वृश्चिक(Scorpio):- आपके जीवन उतार-चढ़ाव बहुत जल्दी-जल्दी आते हैं. आज भी कुछ ऐसा ही संकेत आपको मिल रहे हैं. विचलित होने की जरूरत नहीं लेकिन थोड़ा इन्तजार जरूर करना होगा.

धनु(Sagittarius):- आज आपको अपनी शारीरिक और मानसिक इच्छापूर्ति का सुख मिलेगा. दीर्घकालीन योजनाओंऔर परियोजनाओं में आपकी भागीदारी न केवल आपके यश और ख्याति को बढ़ाएगी बल्कि धन लाभ भीकरवाएगी.

मकर(Capricorn):- बहुत समय से चल रहा कोई विवाद या मामला आज अचानक ही समाप्त होने जा रहाहै. आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में आपकी भागीदारी एक नया विकल्प बन सकती है.  

कुंभ(Aquarius):- कई दिनों से कोई अवरूद्ध लाभ आपको मिलने में देर लग रही है. आज के दिन आपके पास कोई ऐसी खबर आ रही है जो आपके लिए आगे चलकर लम्बी दौड़ का घोड़ा साबित हो.

मीन(Pisces):- आज का दिन आपके लिए मनोकामना पूर्ति करने में सहायक हो रहा है. अपने कामकाज में तल्लीन रहेंगे तोआगे का समय आपके लिए धन-समृद्धि से भरपूर हो जाएगा. मन की चिन्ताएं भी कम होंगी और नजदीकीलोगों पर भी अच्छा असर पड़ेगा.

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

21 अक्टूबर 2020: जानिए आज का पंचांग, ये रहेगा शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

21 अक्टूबर 2020: जानिए आज का पंचांग, ये रहेगा शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

जयपुर: पंचांग का हिंदू धर्म में शुभ व अशुभ देखने के लिए विशेष महत्व होता है. पंचाम के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, नक्षत्र, व्रतोत्सव, राहुकाल, दिशाशूल और आज शुभ चौघड़िये आदि की जानकारी देते हैं. तो ऐसे में आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल... 

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शुभ मास-  द्वितीय आश्विन (शुद्ध ) मास  शुक्ल पक्ष
शुभ तिथि पंचमी पूर्णा संज्ञक तिथि रात्रि  9 बजकर 8 मिनट तक तत्पश्चात षष्ठी तिथि रहेगी. पंचमी तिथि मे  सभी शुभ और मांगलिक कार्य विवाह, उपनयन, वास्तु, प्रतिष्ठा इत्यादि कार्य शुभ होते है किन्तु ऋण देना शुभ नहीं माना जाता है. पंचमी तिथि मे जन्मे जातक धनि, शौकीन, साहसी, बुद्धिवान, भाग्यवान, पराक्रमी होते हैं.

शुभ नक्षत्र  मूल "तीक्ष्ण व अधोमुख "नक्षत्र  रात्रि 1 बजकर 13  मिनट तक रहेगा. मूल नक्षत्र मे विद्या आरम्भ, बोरिंग, विवाह कर्म, वास्तु शांति, कृषि कार्य इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है. मूल नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक स्वतन्त्र विचारों वाला, कठोर मेहनत करने वाला, क्रोधी स्वाभाव वाला, दानी, धनवान, बुद्धिमान होता है. गंड मूल नक्षत्र होने के कारण मूल नक्षत्र मे जन्मे जातकों को जन्म के 27 दिन बाद मूल अरिष्ट शांति हवन करवा लेना चाहिए.

चन्द्रमा - सम्पूर्ण दिन  धनु  राशि में संचार करेगा  

व्रतोत्सव - सरस्वति पूजा

राहुकाल - दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक

दिशाशूल - बुधवार को उत्त्तर दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से गुड़, धनिया खा कर निकले.

आज के शुभ चौघड़िये - सूर्योदय से प्रातः 9.23 तक लाभ अमृत का, प्रातः 10.47 मिनट से दोपहर 12.19 मिनट तक शुभ और दोपहर 3.00 मिनट से सूर्यास्त तक चर, लाभ का चौघड़िया. 

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री