कोरोना का सीकर जिले के गांवों में कहर, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, जान बचाने की गुहार लगा रहे परिजन 

कोरोना का सीकर जिले के गांवों में कहर, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, जान बचाने की गुहार लगा रहे परिजन 

सीकर: प्रदेश के सीकर जिले में एक परिवार मां का अंतिम संस्कार कर घर लौटा ही था कि बेटे की मौत की खबर सुनकर गांव में मातम पसर गया. गांव में एक के बाद एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई. जी हां कोरोना की दुसरी लहर शहर से निकलकर जब गांवों में पहुंची तो दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई हैं. मामला सीकर जिले के लक्ष्मणगढ तहसील के गांव रोरू बड़ी का हैं, यहां पर एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौत पिछले 15 दिन में होने से गांव में मातम पसर गया. जिसमें से तीन मौतें सांवली कोविड अस्पताल में हुई है. वहीं, बाकी मौत भी कोविड लक्षणों के साथ होना बताया जा रहा है. खास बात यह भी है कि बाकी परिजन जान बचाने के लिए प्रशासन से लगातार गुहार लगा रहे हैं. लेकिन, स्वास्थ्य विभाग नेे अब तक परिवार के सदस्यों के सैंपल तक नहीं लिए हैं. जिसकी वजह से परिवार से लेकर पूरे गांव में दहशत के साथ आक्रोश का माहौल है.

एक ही परिवार में 6 लोगों की मौत:
एक परिवार में छह मौत वार्ड तीन निवासी सांवत सिंह शेखावत के परिवार में हुई है. जिनमें मां- बेटे भी शामिल हैं. सांवत सिंह परिवार के मुखिया ने बताया कि  पिछले 15 दिन में ही उनके चचेरे भाई राजेन्द्र सिंह 35, चाची, भतीजे छोटू सिंह व दीपेन्द्र सिंह, छोटे भाई आनंद और भाभी सरोज कंवर की मौत हो चुकी है. जिनमें से राजेन्द्र, जितेन्द्र और आनंद की मौत सांवली स्थित कोविड सेंटर में कोरोना पुष्टि के बाद हुई है. छोटू सिंह की एक हादसे के बाद जयपुर में मौत हुई है. बाकी दो कोरोना संदिग्ध थे. सांवत सिंह का आरोप है कि मामले में वे बीसीएमएचओ से लेकर एडीएम तक से परिवार में सैंपलिंग की कई बार गुहार लगा चुके हैं. लेकिन, अब तक सैंपलिंग नहीं हुई है.

गांव में अब तक हो चुकी हैं 16 लोगों की मौत:
इधर, ग्रामीणों का भी कहना है कि गांव में पिछले 16 दिन में करीब 16 मौत हो चुकी है, लेकिन, प्रशासन सुध नहीं ले रहा. गांव के पूरण मल ने बताया कि गांव में ना तो सर्वे और सैंपलिंग शुरू की गई है और ना ही हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया गया है. 

छह मौतों से परिवार दहशत में:
सांवतसिंह शेखावत का कहना है कि छह मौतों से परिवार दहशत में है. बीसीएमएचओ से लेकर एडीएम तक गुहार लगाने पर भी अब तक परिवार में सैंपलिंग नहीं हुई है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तो कोई संतोषजनक जवाब तक नहीं दे रहे. 

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