VIDEO: एसएमएस की लाइफ लाइन के भ्रष्टाचार ने बढ़ाई मरीजों की मुश्किलें 

Vikas Sharma Published Date 2019/07/18 09:23

जयपुर: प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल एसएमएस की लाइफ लाइन में भ्रष्टाचार की कार्रवाईयों ने आज मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी. अस्पताल प्रशासन ने कल पूरे मामले में एक फार्मासिस्ट और बाबू को निलम्बित किया, जिसको लेकर अस्पताल में दिनभर हंगामे का माहौल रहा. बड़े डॉक्टरों को बचाकर छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई का आरोप लगाते हुए अस्पताल के फार्मासिस्ट, बाबु सुबह से ही कार्य बहिष्कार पर उतर आए.

एकसाथ सभी कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार के चलते दवा काउंटर,लाइफ लाइन समेत कई जगहों पर कामकाज ठप हो गया. ऐसे में ओपीडी से दवा लेने के लिए डीसीसी पर आए मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को तीन से चार घंटे के इंतजार के बाद भी दवाएं नहीं मिली, तो लोगों का गुस्सा अधीक्षक कक्ष में फूटा. काफी तादात में मरीज-परिजन और आंदोलनरत कर्मचारी अधीक्षक कक्ष के बाहर जमा हुए और जोरदार नारेबाजी की गई, लेकिन आंदोलनरत कर्मचारियों के अडिग रवैये के चलते मरीजों को बगैर दवा लिए ही घर पर निकलना पड़ा.

आखिर कब बुझेगी लाइफ लाइन के भ्रष्टाचार की आग !
—प्रदेश के सबसे बड़े SMS अस्पताल में थम नहीं रहा विवाद 
—घटना के सवा दो माह बाद जैसे ही चला कार्रवाई का डण्डा
—तो अब फिर से शुरू हो गई कर्मचारियों की राजनीति 
—बड़े डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा 
—मरीजों का दर्द भूल एक तरफ जहां फार्मासिस्ट ने छोड़ा कामकाज
—वहीं दूसरी ओर मंत्रालयिक कर्मचारियों ने भी किया कार्यबहिष्कार 
—ऐसे में दवा काउंटरों से लेकर अन्य सभी जगहों पर कामकाज ठप्प 
—काउंटरों पर हजारों मरीज करते रहे दवा के लिए इंतजार 
—आंदोलनकारियों की मांग, कार्रवाई हो तो सभी दोषियों पर हो 
—अनिश्चितकालीन आंदोलन के ऐलान के चलते अस्पताल में व्यवस्थाएं बेपटरी 
—ऐसे में अब सवाल ये, विरोध के स्वर अब कैसे होंगे शांत 

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