Rajasthan Cabinet Reshuffle: राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार का काउंटडाउन शुरू, मंत्रिपरिषद बैठक में सभी मंत्रियों ने दिए इस्तीफे

Rajasthan Cabinet Reshuffle: राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार का काउंटडाउन शुरू, मंत्रिपरिषद बैठक में सभी मंत्रियों ने दिए इस्तीफे

Rajasthan Cabinet Reshuffle: राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार का काउंटडाउन शुरू, मंत्रिपरिषद बैठक में सभी मंत्रियों ने दिए इस्तीफे

जयपुर: राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार का काउंटडाउन शुरू हो गया है. CMR पर गहलोत मंत्रिपरिषद की बैठक जारी है. मंत्रिपरिषद बैठक में सभी मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिए है. शांति धारीवाल ने इस्तीफे का प्रस्ताव रखा .मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी का आभार जताया. कल शाम 4 बजे गहलोत मंत्रिमंडल का विस्तार होगा. राज्यपाल कलराज मिश्र सभी मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे. जानकारी के अनुसार कल के कार्यक्रम के आमंत्रण के लिए इनविटेशन कार्ड छप रहे हैं. गवर्नमेंट प्रेस की जगह एक प्राइवेट प्रिंटिंग प्रेस में कार्ड छप रहे है. थोड़ी देर में इनविटेशन कार्डों की छपाई का काम पूरा हो जाएगा. करीब 500 कार्ड छपवाने का एक प्राइवेट प्रिंटिंग प्रेस को ऑर्डर दिया है.

इससे पहले राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल में पुनर्गठन की कवायद अंतिम दौर में पहुंचने की उम्मीदों के बीच मंत्रिमंडल की बैठक शनिवार शाम यहां बुलाई गई है. मुख्यमंत्री निवास में यह बैठक अब शाम साढ़े छह बजे होगी. वहीं गहलोत ने संभावित पुनर्गठन पर चुटकी लेते हुए यहां एक कार्यक्रम में कहा कि हम सबको इंतजार है लॉटरी खुलने का. पुनर्गठन को लेकर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन व गहलोत के बीच बैठकों का दौर शनिवार को भी जारी रहा.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक पहले शाम पांच बजे होनी थी जिसका समय अब बदलकर साढ़े छह बजे कर दिया गया है. सूत्रों के अनुसार यह बैठक मंत्रिमंडल के प्रस्तावित पुनर्गठन से पहले बुलाई गई है और इसमें सभी मंत्रियों के इस्तीफे लिए जा सकते हैं. सूत्रों के अनुसार नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को राजभवन में हो सकता है, हालांकि इस बारे में आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जल्दी होगा, जल्दी होगा, बहुत जल्दी होगा. कभी भी हो सकता है. अजय माकन बताएंगे आपको. और कभी भी हो सकता है. माकन से मुलाकात के बाद बाहर निकले हुए गहलोत से फेरबदल के कल होने की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछ भी हो सकता है. अजय माकन संपर्क में हैं दिल्ली के. जब भी उनकी चर्चा हो जाएगी, वह घोषणा कर देंगे. वहीं दिन में केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा के उपलक्ष्य में आयोजित किसान विजय दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गहलोत ने प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर चुटकी ली.

अपने संबोधन के दौरान कार्यकर्ताओं के उत्साहित होकर नारेबाजी करने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें शांत कराने का प्रयास करते हुए कहा कि अरे अभी कई और काम भी हैं. जिस काम के लिए अजय माकन आए हैं वह काम भी करना है इनको. गहलोत ने मुस्कुराते हुए आगे कहा, पता नहीं क्या फैसले होंगे. या तो हाईकमान जानता है या ये जानते हैं. बेसब्री से इंतजार है हम सबको लॉटरी खुलने का.इस बीच प्रस्तावित मंत्रिमंडल पुनर्गठन व राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर माकन व गहलोत में बैठकों का दौर शनिवार को भी जारी रहा. दोनों नेताओं ने शुक्रवार देर रात तक मुख्यमंत्री निवास में मंत्रणा की. शनिवार सुबह फिर माकन मुख्यमंत्री निवास पहुंचे. वहीं दोपहर में मुख्यमंत्री गहलोत व प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा उस होटल में पहुंचे जहां माकन रुके हुए हैं.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस प्रदेश प्रभारी शुक्रवार रात यहां पहुंचे. उन्होंने ही मीडिया को बताया कि तीन मंत्रियों, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा व शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अपने मंत्री पद छोड़ने और पार्टी संगठन के लिए काम करने की पेशकश की है. इस समय राज्‍य मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 21 सदस्य हैं. उक्त तीन मंत्रियों के इस्तीफे के मद्देनजर यह संख्या 18 पहुंच सकती है. राज्य में विधायकों की संख्या 200 है, उस हिसाब से मंत्रिमंडल में अधिकतम 30 सदस्य हो सकते हैं. मुख्‍यमंत्री गहलोत ने दो दिन पहले कहा था कि मंत्रिमंडल पुनर्गठन जल्‍द होगा.

राज्‍य की अशोक गहलोत सरकार अगले महीने अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे करने जा रही है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मंत्रिमंडल पुनर्गठन में सचिन पायलट खेमे के विधायकों के साथ साथ पिछले साल राजनीतिक संकट में सरकार का साथ देने वाले विधायकों की अपेक्षाओं को पूरा करने की चुनौती पार्टी आलाकमान पर रहेगी. इन विधायकों में बसपा से कांग्रेस में आए छह विधायक व दर्जन भर निर्दलीय विधायक भी हैं. संख्या बल के हिसाब से राज्य विधानसभा में इस समय कांग्रेस के 108 व भाजपा के 71 विधायक हैं. इसके अलावा 13 निर्दलीय विधायक हैं.

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