गहलोत कैबिनेट विस्तार का काउंटडाउन शुरू, सीएम गहलोत के सामने सभी 124 विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती!

गहलोत कैबिनेट विस्तार का काउंटडाउन शुरू, सीएम गहलोत के सामने सभी 124 विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती!

जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट के टलने के बाद अब गहलोत कैबिनेट विस्तार का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है. वहीं जानकार सूत्रों ने तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के बाद ही विस्तार होने के संकेत दिए हैं. कमेटी की रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से विस्तृत चर्चा करने के बाद ही आलाकमान कैबिनेट विस्तार को हरी झंडी देगा. इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार के बाद राजनैतिक नियुक्तियां भी होगी. वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल में 22 मंत्री हैं. ऐसे में 8 और विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है. अलबत्ता गहलोत और पायलट दोनों कैंप पांच-पांच मंत्रियों की मांग कर रहे हैं. 

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सभी 124 विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती:   
ऐसे में सियासी संग्राम टलने के बाद मुख्यमंत्री गहलोत के सामने सभी 124 विधायकों को एकजुट रखने के लिए कैबिनेट विस्तार करने की बड़ी चुनौती है. इनमें पायलट कैंप के भी कई लोग मंत्री बनने की कतार में शामिल है. विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीना प्रमुख तौर पर तो वहीं हेमाराम चौधरी और दीपेंद्र सिंह शेखावत का नाम भी दौड़ में शामिल है. इसके साथ ही निर्दलीय संयम लोढ़ा और महादेव सिंह खंडेला का भी मंत्रिमंडल में नाम आ सकता है. वहीं बसपा से आए राजेंद्र गुढ़ा भी उम्मीद लगाए बैठे हैं.  

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पायलट कैम्प 5 मंत्री पद चाह रहा: 
इससे पहले सूत्रों के मुताबिक जानकारी मिली थी कि पायलट कैम्प 5 मंत्री पद चाह रहा है. इनमें एक डिप्टी CM का पद भी शामिल है. पांच में से तीन कैबिनेट और दो राज्य मंत्री की मांग है. सचिन पायलट इसको लेकर तीन सदस्यीय कमेटी को नामों की सूची देंगे. वहीं इसके साथ यह संभावना जताई जा रही है कि पायलट खुद मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं होंगे. 

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